2026 में खुलने वाले हैं ये हाईटेक एक्सप्रेसवे, UP का सबसे लंबा Exprssway भी होगा स्टार्ट; कनेक्ट होंगे ये शहर

2026 UPComing Expressway: साल 2026 में भारत के कई राज्यों में हाईटेक तरीके से विकसित किए गए एक्सप्रेसवे आम लोगों के लिए खोल दिए जाएंगे, इनमें से उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे भी शामिल है। इनमें से अधिकांश मार्गों ग्रीनफील्ड और एक्सेस कंट्रोल हैं, जिनमें 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तास से गाड़ियों को दौड़ाया जा सकेगा और एक्सीडेंट के चांसेस बेहद कम होंगे। इनके खुलने से न सिर्फ यात्रा का समय बचेगा, बल्कि फ्यूल के साथ संबंधित रूट के शहरों, कस्बों और गांव को आर्थिक विकास की गति मिलेगी। आइये जानते हैं वो एक्सप्रेसवे कौन हैं?

Authored by: पुष्पेंद्र कुमारUpdated Jan 24 2026, 15:34 IST
2026 में खुलने वाले एक्सप्रसवे01 / 11

2026 में खुलने वाले एक्सप्रसवे

2026 UPComing Expressway: भारत में यातायात सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा सड़क नेटवर्क तैयार किया जा रहा। सभी छोटे से लेकर बड़े राज्यों को कनेक्टिविटी देने के लिए कुछ एक्सप्रेसवे परियोजनाएं प्रस्तावित हैं तो कुछ उद्घाटन की दिशा में काउंटडाउन जारी है। नए हाईवे-एक्सप्रेसवे काफी हाईटेक रूप में विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें CCTV, स्पीड मापने की व्यवस्था, पुलिस, एंबुलेंस समेत कई अत्याधुनिक व्यवस्थाएं शामिल हैं। हालांकि, इनमें से कई मार्गों का साल 2025 में उद्घाटन लक्षित था, लेकिन समय से परियोजना के पूरी न होने के कारण उनकी डेडलाइन 2026 तक पहुंच गई। तो आइये जानते इस साल किन एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर जनता को सौंपा जाएगा? हालांकि, अभी इनकी लिस्ट बड़ी हो सकती है।

​दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पूरा कब खुलेगा​Image Credit : Istock02 / 11

​दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पूरा कब खुलेगा​

भारत माला परियोजना के तहत अपने आखिरी चरण में निर्माणाधीन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे साल 2026 में खोला जा सकता है। हरियाणा के सोहना गुजरात के सूरत तक जाने वाला 1350 किलोमीटर का यह सड़क मार्ग 6 राज्यों के कई शहरों को कवर करता है। हालांकि, मध्य प्रदेश समेत कई हिस्सों पर ट्रैफिक शुरू हो गया है। दिल्‍ली-मुंबई एक्सप्रेसवे हरियाणा के सोहना से शुरू होकर राजस्थान, मध्‍य प्रदेश से होकर महाराष्‍ट्र तक जाएगा। इसके जरिए मुख्य शहर जयपुर, अजमेर, किशनगढ़, कोटा, उदयपुर, चित्‍तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, भोपाल, उज्‍जैन, इंदौर, सूरत और आसपास कनेक्ट होंगे। इसके बनने से 350 किमी. दूरी कम होगी। मौजूदा वक्त में दिल्‍ली से सूरत तक वाया रोड दूरी 1150 किमी. से अधिक है। वहीं, एक्‍सप्रेसवे निर्माण के बाद यही दूरी 800 किमी. तक पहुंच जाएगी। इस लिहाज से करीब 350 किमी. दूरी कम हो जाएगी। वहीं, ट्रेन से जाने में 1121 किमी. की दूरी सूरत तक पड़ती है। (फोटो-Istock)

​दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे​Image Credit : Istock03 / 11

​दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे​

दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे की लंबाई 650 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे है। यह दिल्ली के बहाहुरगढ़ से होकर जम्मू कश्मीर में कटरा तक बनाया जा रहा है। यह नोकदार, अमृतसर और गुरदासपुर हैं। इस एक्सप्रेसवे देश के तीन राज्यों को आपस में जुड़ते हैं। यह दिल्ली के बहादुरगढ़ से शुरू होकर जम्मू और कश्मीर के कटरा तक नकोदर और गुरदापुर से होकर गुजरेगा। इसके दो हिस्से दिल्ली से नकोदर 397 किमी. नेशनल एक्सप्रेसवे-5 (National Expressway-5) है, जबकि दूसरा हिस्सा अमृतसर से नकोदर तक 99 किमी. नेशनल एक्सप्रेसवे-5 ए (National Expressway-5 A) है। इसको बनाने में 40,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। (फोटो-Istock)

​दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे​Image Credit : Istock04 / 11

​दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे​

दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को आपस में डायरेक्ट कनेक्ट करने वाले 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की तारीख नजदीक है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 6 लेन एक्सेस कंट्रोल यह एक्सप्रेसवे फरवरी 2026 में पूर्णतया ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा। इस रूट पर राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर एशिया का सबसे बड़ा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर करीब 12 किलोमीटर तैयार किया गया है, जहां से वाहन चालक तमाम जंगली जानवर और वादियों का लुत्फ उठा सकेंगे। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से मेरठ जाने में अब 45 मिनट लगते हैं जबकि पहले साढ़े तीन घंटे का समय लगता था। अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अपने निर्माण के अंतिम दौर में है। दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से इसके प्रायोगिक परिचालन को मंजूरी दे दी गयी है। यह मार्ग शुरू होने से दिल्ली से देहरादून दो घंटे में पहुंचा जा सकेगा। इसके चालू होने से दिल्ली-मेरठ मार्ग पर परिवहन काफी कम हो जाएगा। मेरठ में अंदरूनी रिंग रोड बनाने का जो सुझाव दिया गया है। (फोटो-Istock)

​गंगा एक्सप्रेसवे कब खुलेगा​Image Credit : Istock05 / 11

​गंगा एक्सप्रेसवे कब खुलेगा​

गंगा एक्सप्रेसवे की शुरुआत मेरठ से होकर प्रयागराज में जाकर खत्म होती है। हालांकि, इसे उधर मिर्जापुर तक और इधर हरिद्वार तक विस्तारित करने की घोषणा की गई है। गंगा एक्सप्रेसवे कुल 12 जिलों मेरठ-बुलंदशहर (एनएच 334) पर बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज में (एनएच 19) पर जूडापुर दादू गांव के समीप पर समाप्त होगा। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ के बाद ये हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ से होता हुआ प्रयागराज तक बनाया गया है। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से मेरठ से प्रयागराज महज 8 घंटे में पहुंच जाएंगे। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि गाड़ियां 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकें। इसके अलावा बीच-बीच में भी टोल प्लाजा होंगे, ताकि बीच में कहीं एक्सप्रेसवे पर चढ़ने वाली गाड़ियों से टोल लिया जा सके। ऐसे कुल 12 रैम्प टोल प्लाजा बनेंगे। इसके अलावा शाहजहांपुर के पास एयरस्ट्रीप भी बनाई जाएगी ताकि आपातकालीन परिस्थिति में हेलिकॉप्टर या प्लेन उतारा जा सके। इसे इसी साल 2026 में खोल दिया जाएगा। (फोटो-Istock)

​कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे​Image Credit : Istock06 / 11

​कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे​

लखनऊ और कानपुर को आपस में कनेक्ट करने के लिए कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (Kanpur-Lucknow Expressway) बनाया जा रहा है। 63 किमी. लंबा यह एक्सेस कंट्रोल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे दोनों शहरों के बीच 3 से 4 घंटे लगने वाले यात्रा के समय को घटाकर 35 से 45 मिनट के बीच कर देगा। वर्तमान में 75 किमी. लंबे कानपुर-लखनऊ नेशनल हाईवे (NH-27) पर वाहनों का भारी दबाव है। यही कारण है कि इन दो शहरों के आपस में पहुंचने में 3 से 4 घंटे का वक्त सड़क पर गुजर जाता है। इसका अधिकांश हिस्सा कंपलीट है। लिहाजा, इसे 2026 में ही खोलकर यातायात को गति दी जाएगी। (फोटो-Istock)

​नोएडा-कानपुर एक्सप्रेसवे पूरा होने की तारीख​Image Credit : Istock07 / 11

​नोएडा-कानपुर एक्सप्रेसवे पूरा होने की तारीख​

कानपुर से एनसीआर के नोएडा-गाजियाबाद को जोड़ने के लिए नोएडा-कानपुर एक्सप्रेसवे विकसित किया जा रहा है। 380 किलोमीटर लंबाई वाला गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेसवे गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर और उन्नाव आदि शहरों को जोड़ेगा। इसके निर्माण पर लगभग 15 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस कॉरिडोर के बनने के बाद गाजियाबाद से कानपुर की दूरी केवल 5 घंटे 40 मिनट में तय हो जाएगी। अभी दोनों शहरों के बीच यात्रा करने में 8 घंटे से अधिक का लंबा समय लगता है। भविष्य में 6 लेन तक विस्तार किया जा सकता है। इसका उत्तरी छोर एनएच-9 (गाजियाबाद-हापुड़ हाईवे) से कनेक्ट होगा, जबकि, दक्षिणी छोर 62.3 किलोमीटर लंबे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के साथ जुड़ा होगा। इसके अलावा यह ग्रीन फील्ड कॉरिडोर गाजियाबाद में मेरठ एक्सप्रेसवे को हापुड़ से कनेक्ट करेगा। इस साल 2026 के अंत तक खोलने का लक्ष्य है। (फोटो-Istock)

​बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे कब बनेगा?​Image Credit : Istock08 / 11

​बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे कब बनेगा?​

बिहार के बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे को साल 2026 के अंत तक खोलने का लक्ष्य है। यह एक्सप्रेसवे न केवल बक्सर और भागलपुर के बीच यात्रा के समय को चार घंटे तक कम करेगा, बल्कि पटना लखनऊ के बीच 5 से 6 घंटे और भागलपुर-लखनऊ के मध्य 8 से 9 घंटे तक यात्रा के समय को कम करेगा। बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण से 12 जिलों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उसमें बक्सर, भोजपुर, रोहतास, अरवल, औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, नवादा, जमुई, शेखपुरा, बांका और भागलपुर शामिल हैं। बक्सर में गंगा पुल पर बनने वाले 3 पुलों से बक्सर-पटना एनएच-922 और भविष्य में भागलपुर-बक्सर एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सीधा कनेक्ट किया जाएगा। (फोटो-Istock)

​अमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन​Image Credit : Istock09 / 11

​अमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन​

बिहार के औरंगाबाद से दरभंगा समेत 8 जिलों से होते हुए बनाए जा रहे अमस दरभंगा एक्सप्रेसवे को फोर लेन में बनाया जा रहा है।189 किलोमीटर लंबा ये एक्सप्रेस-वे औरंगाबाद के अमास से शुरू होगा। वहीं, अरवल, जहानाबाद, पटना, वैशाली, समस्तीपुर समेत सात जिलों को पार करते हुए दरभंगा तक जाएगा। हाइवे का निर्माण कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से किया जाएगा। यह परियोजना 4 फेज में पूरी होगी। इसके निर्माण से दोनों जिलों के बीच की दूरी करीब 4 घंटे कम होने के साथ अमस और दरभंगा के बीच बेहतर कनेक्टिविटी होगी। इसे भी साल 2026 में खोलना का लक्ष्य निर्धारित है। (फोटो-Istock)

​अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे कंपलीट​Image Credit : Istock10 / 11

​अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे कंपलीट​

अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे की घोषणा साल 2010 में की गई थी, लेकिन इस 2019 में हरी झंडी मिली। यह चार लेन एक्सप्रसेवे सरखेज में सरदार पटेल रिंग रोड से नवगाम में धोलेरा इंटरनेशनल हवाई अड्डे के मध्य बना है। माना जा रहा है कि इसे साल 2026 के मार्च महीने में खोला जा सकता है। इस एक्सप्रेसवे की लागत करीब 4373 करोड़ रुपये है। इस कुल लंबाई 109 किलोमीटर है, जिसे 4 लेन में विकसित किया जा रहा है। (फोटो-Istock)

​बैंगलोर-चेन्नई एक्सप्रेसवे​Image Credit : Istock11 / 11

​बैंगलोर-चेन्नई एक्सप्रेसवे​

यह दक्षिण भारत का एक प्रमुख एक्सप्रसेवे है। यह चार लेन चौड़ा सड़क मार्ग दो राज्यों की राजधानी चेन्नई और बैंगलोर को जोड़ता है। यह कर्नाटक के होसकोटे और बांगरपेट, आंध्र प्रदेश में पलमनेर और चित्तूर और तमिलनाडु में श्रीपेरंबदूर के मध्य 260 किमी तक है। इसे 4 लेन और 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार के लिहाज से डेवलप किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को बनाने में 17000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि साल 2026 में इसे भी खोला जा सकता है। (फोटो-Istock)

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