NHAI ने साफ किया है कि सर्दियों में बढ़ने वाले सड़क हादसों को रोकना उसकी प्राथमिकता है। इसके लिए देशभर के नेशनल हाइवे पर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि धुंध और कोहरे में भी वाहन चालकों को रास्ता साफ दिखाई दे और वे सुरक्षित गति से सफर कर सकें।
इंजीनियरिंग उपायों के तहत खराब या गायब सड़क सिग्नल और रोड स्टड (रिफलेक्टर) को बदला जा रहा है। साथ ही, धुंधले पड़ चुके रोड मार्किंग को दोबारा उभारा जा रहा है, ताकि लेन साफ दिख सके। इससे ड्राइवरों को कम विजिबिलिटी में भी सड़क की बनावट समझने में आसानी होगी।
हाईवे पर लगे मेटल बीम क्रैश बैरियर और अन्य सुरक्षा उपकरणों पर रिफ्लेक्टिव मार्कर और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव पीले स्टिकर लगाए जा रहे हैं। ये तरीके रात और कोहरे में वाहनों की हेडलाइट पड़ते ही चमकते हैं, जिससे सड़क के किनारे दूर से ही नजर आने लगते हैं।
जहां हाईवे पर कंस्ट्रक्शन चल रहा है, वहां अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। ऐसे क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, डायवर्जन साइन और चेतावनी संकेत अनिवार्य किए गए हैं। इसके अलावा, मीडियन ओपनिंग पर सोलर ब्लिंकर लगाए जा रहे हैं, ताकि वाहन चालक समय रहते सतर्क हो सकें।
सुरक्षा जागरूकता के तहत NHAI ने हाईवे पर वेरिएबल मैसेज साइन (VMS) और इलेक्ट्रॉनिक साइनबोर्ड के जरिए कोहरे की चेतावनी और सुरक्षित गति सीमा की जानकारी देने की व्यवस्था की है। कोहरा प्रभावित इलाकों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से भी यात्रियों को अलर्ट किया जाएगा।
NHAI ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे साप्ताहिक आधार पर रात के समय हाईवे का निरीक्षण करें। घने कोहरे वाले इलाकों में ब्लिंकिंग लाइट स्टिक से लैस हाईवे पेट्रोलिंग वाहन तैनात रहेंगे। इसके साथ ही, कर्मचारियों के लिए रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनना अनिवार्य किया गया है। आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस, एम्बुलेंस सेवाओं और नगर निगम के साथ समन्वय भी मजबूत किया जा रहा है।
NHAI ने यात्रियों से अपील की है कि कोहरे में वाहन चलाते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखें, 30 किमी प्रति घंटे या उससे कम की रफ्तार रखें और हेडलाइट और बैकलाइट का सही इस्तेमाल करें। हाईवे पर अनधिकृत रूप से वाहन खड़ा न करें और केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। साथ ही, विशेष रूप से कमर्शियल वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाने की सलाह दी गई है।