गुरुग्राम-ग्रेटर नोएडा के बीच रैपिड रेल कॉरिडोर की तैयारी तेज; मिनटों में होगा सफर

NCR में तेज और आरामदायक सफर को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने गुरुग्राम के इफको चौक से ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर तक प्रस्तावित रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर की ड्राफ्ट विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) हरियाणा सरकार को सौंप दी है। यह कॉरिडोर भविष्य में IGI एयरपोर्ट और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को जोड़ने की केंद्र सरकार की दीर्घकालिक योजना का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

Authored by: निशांत तिवारीUpdated Dec 19 2025, 12:18 IST
दिल्ली को बायपास करेगा नया रूटImage Credit : AI Image01 / 07

दिल्ली को बायपास करेगा नया रूट

ड्राफ्ट DPR के अनुसार यह रैपिड रेल लाइन दिल्ली से होकर नहीं गुजरेगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित मार्ग गुरुग्राम के सेक्टर-54 से शुरू होकर फरीदाबाद के बाटा चौक पहुंचेगा और फिर सेक्टर 85-86 होते हुए नोएडा के सेक्टर 142/168 से गुजरकर सूरजपुर में समाप्त होगा। (सांकेतिक तस्वीर)

छह स्टेशनों वाला हाई-स्पीड कॉरिडोरImage Credit : AI Image02 / 07

छह स्टेशनों वाला हाई-स्पीड कॉरिडोर

करीब छह स्टेशनों वाले इस कॉरिडोर की अनुमानित लागत लगभग 15,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह हरियाणा से गुजरने वाला तीसरा RRTS प्रोजेक्ट होगा, जिससे राज्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलने की उम्मीद है। (सांकेतिक तस्वीर)

बाकी RRTS परियोजनाओं से होगा जुड़ावImage Credit : AI Image03 / 07

बाकी RRTS परियोजनाओं से होगा जुड़ाव

यह कॉरिडोर इफको चौक पर दिल्ली-गुरुग्राम-मानेसर-बावल RRTS लाइन से जुड़ेगा, जिसमें IGI एयरपोर्ट पर स्टेशन प्रस्तावित है। वहीं सूरजपुर स्टेशन को गाजियाबाद-जेवर RRTS कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है। (सांकेतिक तस्वीर)

सफर के समय में होगी बड़ी बचतImage Credit : AI Image04 / 07

सफर के समय में होगी बड़ी बचत

परियोजना के अनुसार इफको चौक से फरीदाबाद तक का सफर महज 22 मिनट में और गुरुग्राम से नोएडा तक की दूरी करीब 38 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे NCR में रोजाना के सफर का दबाव दिल्ली के मौजूदा परिवहन नेटवर्क से काफी हद तक कम होगा। (सांकेतिक तस्वीर)

एलिवेटेड या अंडरग्राउंड कैसे बनेगा ट्रैकImage Credit : AI Image05 / 07

एलिवेटेड या अंडरग्राउंड कैसे बनेगा ट्रैक

NCRTC ने इस रूट को एलिवेटेड ट्रैक के रूप में प्रस्तावित किया है, लेकिन हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम के भीतर इसे भूमिगत बनाने का सुझाव दिया है। सरकार का तर्क है कि घनी आबादी और महंगी जमीन के कारण एलिवेटेड लाइन भविष्य की शहरी योजनाओं में बाधा बन सकती है। (सांकेतिक तस्वीर)

शहर की जरूरतों को लेकर चिंताImage Credit : AI Image06 / 07

शहर की जरूरतों को लेकर चिंता

राज्य सरकार के अधिकारियों का मानना है कि प्रमुख सड़कों पर एलिवेटेड ट्रैक बनने से भविष्य में फ्लाईओवर, मल्टी-लेवल जंक्शन और पैदल यात्री ढांचे के विकास में दिक्कत आ सकती है। इसके अलावा निर्माण के दौरान लंबे समय तक ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। (सांकेतिक तस्वीर)

स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर जोरImage Credit : AI Image07 / 07

स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर जोर

शहरी परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि अगर गुरुग्राम जैसे बड़े रोजगार केंद्र में स्टेशन कम रखे गए तो लोग निजी वाहनों से सार्वजनिक परिवहन की ओर नहीं आएंगे। बेहतर राइडरशिप के लिए ऐसे स्थानों पर स्टेशन जरूरी हैं, जहां लोग रहते और काम करते हैं। (सांकेतिक तस्वीर)

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