कानपुर रिंग रोड की कुल लंबाई 93.2 किमी लंबी होगी। आधिकारिक तौर पर इसकी डेडलाइन 2027 की है, लेकिन इसकी प्रगति को देखकर लगता नहीं कि 2027 में इसका काम पूरा हो पाएगा। यहां गंगा नदी पर दो ब्रिज के थ ही 9 रेलवे ओवर ब्रिज भी बनाए जाने हैं।
कानपुर रिंग रोड, यहां एनएच 34 के ऊपर से गुजरेगी। यहां पर NH34 के दोनों तरफ पीयर का काम किया जा रहा है। यहां पर कुछ पीयर्स तैयार हो चुके हैं। हालांकि, अब भी काफी काम बचा है।
कानपुर-इटावा हाइवे की क्रॉसिंग पर दोनों तरफ और बीच के पीयर्स तैयार हो चुके हैं और उन पर पीयर्स कैप भी लग चुके हैं। एनएच से आगे बढ़ने पर शुरुआत में अभी कुछ भी काम नहीं हुआ है।
कानपुर-इटावा हाइवे से आगे बढ़ने पर कंपनी के कैंप से कुछ ही दूरी पर एक पैच है, जिस पर रोड लेइंग का काम तक पूरा हो चुका है। हालांकि, आगे की तरफ दिल्ली-कानपुर रेलवे सेक्शन के ऊपर बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज के पास पीयर्स का काम जारी है।
बैसौसी गांव के पास फ्लाइओवर के पीयर्स तैयार हो चुके हैं और पीयर्स कैप का काम चल रहा है। यहां से आगे की ओर बढ़ने पर अभी अर्थ वर्क का काम भी शुरू नहीं हुआ है।
नेशनल हाईवे 34 से NH19 की तरफ तरफ थोड़ा-बहुत अर्थवर्क का काम किया गया है। यहां पर एक अंडरपास भी बनकर तैयार हो गया है। हालांकि, अंडरपास के आसपास कुछ भी काम नहीं हुआ है।
कानपुर कन्नौज हाईवे के साथ कानपुर रिंग रोड का इंटरसेक्शन बनाया जाना है। यहां एनएच की क्रॉसिंग पर लंबा ब्रिज बनाया जा रहा है, जिस पर अभी पीयर्स का काम किया जा रहा है।
यहां से आगे पैकेज 2 होने वाला है, जहां पर अभी काम की प्रोग्रेस देखने को नहीं मिल रही है। यहां आगे की तरफ गंगा नदी भी है, जहां पर नदी के ऊपर ब्रिज बनाया जाएगा।
यहां पर कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे है। सामने की तरफ से आने वाली कानपुर रिंग रोड यहां से गुजरेगी। आने वाले समय में देखना होगा कि यहां पर किस तरह का इंटरचेंज बनाया जाता है। सभी तस्वीरें और जानकारी x.com/DetoxTravellerr से साभार ली गई हैं।