दिल्ली मेट्रो फेज 5 को मंजूरी, सेंट्रल विस्टा और एयरपोर्ट के तीन नई लाइनों को ग्रीन सिग्नल, 12 हजार करोड़ का बजट पास

Delhi Metro Phase 5a: राजधानी की 'लाइफलाइन' कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो अब अपने अगले बड़े विस्तार यानी Phase 5A के लिए पूरी तरह तैयार है। फरवरी 2026 में सरकार ने इस प्रोजेक्ट के तीन नए कॉरिडोर को हरी झंडी दे दी है। 12,014 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट न केवल शहर के कोनों को जोड़ने वाला है, बल्कि 'सेंट्रल विस्टा' को भी आधुनिक यातायात से जोड़ने वाला है। आइए जानते हैं इसकी खासियत।

Authored by: निशांत तिवारीUpdated Feb 13 2026, 13:27 IST
मजेंटा लाइन बनेगा 89 किमी का 'सुपर कॉरिडोर'01 / 07

मजेंटा लाइन बनेगा 89 किमी का 'सुपर कॉरिडोर'

इस फेज का सबसे रोमांचक हिस्सा मजेंटा लाइन (लाइन 8) का विस्तार है। आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ के बीच 9.9 किमी का नया टुकड़ा जुड़ते ही यह पूरी लाइन करीब 89 किलोमीटर लंबी हो जाएगी। इसके साथ ही यह दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का सबसे लंबा कॉरिडोर बन जाएगा। बोटेनिकल गार्डन से शुरू होकर इंद्रलोक तक जाने वाली इस लाइन पर कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें से 40 जमीन के अंदर यानी अंडरग्राउंड होंगे।

कर्तव्य पथ और इंडिया गेट पहुंचना होगा आसानImage Credit : Canva02 / 07

कर्तव्य पथ और इंडिया गेट पहुंचना होगा आसान

अभी तक इंडिया गेट, कर्तव्य पथ या वॉर मेमोरियल जाने के लिए लोगों को मेट्रो से उतरकर ऑटो लेना पड़ता था या काफी पैदल चलना पड़ता था। फेज 5 के आने के बाद यात्रियों को सीधे भारत मंडपम और सेंट्रल विस्टा के खास स्थलों पर सीधे ड्रॉप मिलेगा। यह कॉरिडोर विशेष रूप से उन 60,000 सरकारी कर्मचारियों और 2 लाख पर्यटकों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा जो हर दिन इस इलाके में आते हैं।

बार-बार लाइन बदलने का झंझट खत्मImage Credit : Canva03 / 07

बार-बार लाइन बदलने का झंझट खत्म

फेज 5 के कॉरिडोर इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि यात्रियों का समय बच सके। पूरी मजेंटा लाइन पर कुल 21 इंटरचेंज स्टेशन होंगे। इसमें चार 'ट्रिपल इंटरचेंज' हब (केंद्रीय सचिवालय, आजादपुर, नई दिल्ली और इंद्रलोक) बनाए जाएंगे, जहां तीन अलग-अलग रंगों की लाइनें आपस में मिलेंगी। अनुमान है कि इससे यात्रियों के सफर में कम से कम 20 से 30 मिनट की बचत होगी।

एयरपोर्ट और साउथ दिल्ली की बढ़ेगी कनेक्टिविटीImage Credit : Canva04 / 07

एयरपोर्ट और साउथ दिल्ली की बढ़ेगी कनेक्टिविटी

फेज 5 में एयरोसिटी से IGI एयरपोर्ट टर्मिनल-1 के बीच बन रहा 2.2 किमी का नया लिंक हवाई यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा। यह लिंक टर्मिनलों के बीच लगने वाले ट्रैफिक जाम की झंझट को खत्म कर देगा। साथ ही, तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज (3.9 किमी) कॉरिडोर साउथ दिल्ली के आवासीय इलाकों को सीधे मजेंटा लाइन से जोड़ देगा।

पूरी तरह 'ड्राइवरलेस' और हाई-टेक तकनीकImage Credit : Canva05 / 07

पूरी तरह 'ड्राइवरलेस' और हाई-टेक तकनीक

सुरक्षा और आधुनिकता के मामले में भी यह फेज बेजोड़ होगा। विस्तार के बाद यह पूरा 89 किलोमीटर का कॉरिडोर पूरी तरह ड्राइवरलेस तकनीक पर चलेगा। 12,014 करोड़ के बजट का एक बड़ा हिस्सा हाई-टेक सिग्नलिंग और सेंट्रल दिल्ली की व्यस्त सड़कों के नीचे गहरी मल्टी-लेवल स्टेशन खुदाई पर खर्च किया जा रहा है।

2028 तक पूरा करने का लक्ष्यImage Credit : Canva06 / 07

2028 तक पूरा करने का लक्ष्य

DMRC ने इस प्रोजेक्ट के लिए साल 2028 की समयसीमा तय की है। सरकार की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद अब टेंडर की प्रक्रिया और फाइनल डिजाइन पर काम शुरू हो चुका है। सेंट्रल विस्टा के पुनर्विकास के साथ तालमेल बिठाते हुए इस रूट का काम 'फास्ट-ट्रैक' मोड पर किया जाएगा ताकि दिल्ली को जल्द ही जाम और प्रदूषण से कुछ राहत मिल सके।

रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी मार्केट में उछालImage Credit : Canva07 / 07

रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी मार्केट में उछाल

मेट्रो के इस विस्तार से दिल्ली के प्रॉपर्टी बाजार में भी जबरदस्त तेजी की उम्मीद है। मशहूर प्रॉपर्टी पोर्टल मैजिकब्रिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिणी दिल्ली के तुगलकाबाद और कालिंदी कुंज जैसे इलाकों में घरों की कीमतों में 15% से 25% तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। वहीं, इंद्रप्रस्थ और शिवाजी स्टेडियम जैसे कमर्शियल इलाकों में ऑफिस स्पेस की मांग और 'ग्रेड-ए' प्रीमियम बढ़ेगा।

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