ये 6 रेलवे स्टेशन किसी Hill Station से कम नहीं, आपने देखे हैं क्या?

रेलवे स्टेशन हमेशा से ही यात्रियों और रेल प्रेमियों के लिए खासे आकर्षण का केंद्र रहे हैं। स्टेशन की भीड़भाड़, प्लेटफॉर्म पर चाय और समोसे बेचते विक्रेताओं की आवाजें, पटरियों पर दौड़ती ट्रेन की लय और दूर से आती सीटी एक अनोखा माहौल बनाती है। यह किसी सफर की सिर्फ शुरुआत या अंत नहीं, बल्कि यादों का हिस्सा भी बन जाता है। इन्हीं के बीच देश में कुछ ऐसे अनोखे और कम चर्चित स्टेशन भी हैं, जो अपनी अलग पहचान रखते हैं। ये स्टेशन सिर्फ ठहराव नहीं, बल्कि आसपास की प्राकृतिक सुंदरता, इतिहास और स्थानीय जीवन की झलक देते हैं। आज ऐसे ही ऑफबीट स्टेशनों की तरफ रोमांच और खोज के नए दरवाजे खोलते हैं।

Authored by: दिगपाल सिंहUpdated Apr 8 2026, 16:49 IST
दुध सागर स्टेशन - गोवा01 / 06

दुध सागर स्टेशन - गोवा

गोवा का दुधसागर स्टेशन भारत के सबसे अनोखे रेलवे स्टेशनों में से एक माना जाता है। यह स्टेशन पश्चिमी घाट के प्रसिद्ध Dudhsagar Waterfalls के काी करीब है, यहां से गुजरते समय ट्रेनें धीमी हो जाती हैं और यात्रियों को झरने का अद्भुत दृश्य देखने का सुनहरा मौका मिलता है। चार परतों में गिरता यह झरना हरियाली के बीच बेहद खूबसूरत लगता है। यहां सिर्फ एक प्लेटफॉर्म है और यह आधिकारिक स्टॉप भी नहीं है। खास तौर पर मानसून के दौरान फोटोग्राफरों और एडवेंचर प्रेमियों की भीड़ यहां खूब देखने को मिलती है।

पठानकोट नैरो गेज जंक्शन - पंजाब02 / 06

पठानकोट नैरो गेज जंक्शन - पंजाब

पठानकोट नैरो-गेज जंक्शन भी अपनी अलग पहचान रखता है। पठानकोट से निकलने वाली यह लाइन हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत कांगड़ा घाटी तक जाती है। यह मार्ग छोटे-छोटे पहाड़ी कस्बों, चाय बागानों और हरियाली से होकर गुजरता है। यहां पुराने जमाने की ट्रेनें धीरे-धीरे चलती हैं, जो यात्रियों को एक शांत और सुकून भरा अनुभव देती हैं। यह स्टेशन उन लोगों के लिए खास है जो भीड़भाड़ से दूर प्राकृतिक सुंदरता और रेलवे का अनोखा अनुभव लेना चाहते हैं।

शिमिलीगुड़ा रेलवे स्टेशन - आंध्र प्रदेश03 / 06

शिमिलीगुड़ा रेलवे स्टेशन - आंध्र प्रदेश

आंध्र प्रदेश का शिमिलिगुड़ा रेलवे स्टेशन अपनी ऊंचाई और रोमांचक लोकेशन के लिए जाना जाता है। लगभग 997 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह स्टेशन कभी भारत का सबसे ऊंचा ब्रॉड-गेज स्टेशन माना जाता था। यह पूर्वी घाट की पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरा हुआ है। यहां तक पहुंचने का सफर बहुत ही रोमांच से भरा होता है, जिसमें सुरंगें, पुल और कई तीखे मोड़ शामिल हैं। यह जगह खासतौर पर एडवेंचर प्रेमियों और ट्रेन यात्रियों के लिए स्वर्ग जैसी मानी जाती है।

मेट्टुपालयम रेलवे स्टेशन - तमिलनाडु04 / 06

मेट्टुपालयम रेलवे स्टेशन - तमिलनाडु

मेट्टुपालयम स्टेशन Nilgiri Mountain Railway का शुरुआती बिंदु है, जो यूनेस्को विश्व धरोहर भी है। यह स्टेशन यात्रियों को नीलगिरी की खूबसूरत पहाड़ियों की यात्रा के लिए तैयार करता है। यहां से गुजरने वाली ट्रेनें चाय बागानों, घुमावदार रास्तों और धुंध भरे पहाड़ों के बीच से होकर गुजरती हैं। स्टेशन की औपनिवेशिक शैली की इमारतें इसे ऐतिहासिक महत्व भी देती हैं। यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता और इतिहास का अनूठा संगम है।

रंगटोंग रेलवे स्टेशन - पश्चिम बंगाल05 / 06

रंगटोंग रेलवे स्टेशन - पश्चिम बंगाल

रंगटोंग स्टेशन Darjeeling Himalayan Railway का एक छोटा सा लेकिन बहुत ही खूबसूरत स्टेशन है। चाय बागानों और पहाड़ियों के बीच स्थित यह स्टेशन यात्रियों को शांति और सुकून का अनुभव देता है। दार्जिलिंग और घूम जैसे व्यस्त स्टेशनों के मुकाबले यह जगह काफी शांत है। यहां आने वाले लोग स्थानीय जीवनशैली को करीब से देख सकते हैं और टॉय ट्रेन के रोमांटिक सफर का सुकून से आनंद ले सकते हैं।

बड़ोग रेलवे स्टेशन - हिमाचल प्रदेश06 / 06

बड़ोग रेलवे स्टेशन - हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश का बड़ोग स्टेशन Kalka-Shimla Railway मार्ग पर स्थित है और अपनी रहस्यमयी कहानियों के लिए प्रसिद्ध है। इस स्टेशन का नाम ब्रिटिश इंजीनियर H.S. Barog के नाम पर रखा गया है। यहां स्थित सुरंग से जुड़ी कई दिलचस्प कहानियां मशहूर हैं। देवदार के पेड़ों और पहाड़ियों के बीच बसा यह स्टेशन प्राकृतिक सुंदरता और शांति का अद्भुत अनुभव देता है।

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