सबसे ज्यादा इस वजह से Personal Loan लेते हैं लोग, खर्च जानकर चौंक जाएंगे आप!

शहरों में पर्सनल लोन (Personal Loan) लेने का चलन तेज़ी से बढ़ा है, लेकिन इसके पीछे की वजहें काफी चौंकाने वाली और गंभीर हैं। हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने भारतीय शहरी आबादी की आर्थिक स्थिति और उनके खर्च करने की आदतों पर से पर्दा उठाया है। यह रिपोर्ट बताती है कि लोग अब केवल शौक के लिए ही नहीं, बल्कि मजबूरी में भी भारी कर्ज ले रहे हैं।

Authored by: रिचा त्रिपाठीUpdated Jan 25 2026, 18:17 IST
​मेडिकल इमरजेंसी सबसे बड़ी वजह​Image Credit : Canva01 / 07

​मेडिकल इमरजेंसी सबसे बड़ी वजह​

रिपोर्ट के अनुसार, शहरों में पर्सनल लोन लेने का सबसे बड़ा और प्राथमिक कारण 'मेडिकल इमरजेंसी' है। स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत और अचानक आने वाली बीमारियों के खर्च ने मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। जब बचत कम पड़ जाती है और स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) पर्याप्त नहीं होता, तो लोगों के पास इलाज के लिए तुरंत पर्सनल लोन लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।

​लाइफस्टाइल और दिखावे का खर्च​Image Credit : Canva02 / 07

​लाइफस्टाइल और दिखावे का खर्च​

एक तरफ जहां मजबूरी है, वहीं दूसरी तरफ 'शानो-शौकत' की चाहत भी है। रिपोर्ट बताती है कि एक बड़ा वर्ग अपनी लाइफस्टाइल को बेहतर दिखाने के लिए भी लोन ले रहा है। इसमें महंगे गैजेट्स खरीदना, ब्रांडेड कपड़े या घर के लग्जरी सामान के लिए कर्ज लेना शामिल है। सोशल मीडिया के दौर में "दिखावे की संस्कृति" ने लोगों को कर्ज लेने के लिए प्रेरित किया है।

​छुट्टियों और यात्राओं के लिए कर्ज:​Image Credit : Canva03 / 07

​छुट्टियों और यात्राओं के लिए कर्ज:​

अब लोग वेकेशन पर जाने के लिए साल भर बचत करने के बजाय 'Travel Loan' लेना पसंद कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, युवाओं के बीच 'अभी घूमो, बाद में चुकाओ' (Travel Now, Pay Later) का ट्रेंड बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय यात्राओं और महंगे हॉलिडे डेस्टिनेशन के लिए पर्सनल लोन लेने वालों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले काफी उछाल आया है।

​पुराने कर्ज को चुकाने के लिए नया लोन​Image Credit : Canva04 / 07

​पुराने कर्ज को चुकाने के लिए नया लोन​

यह एक खतरनाक आर्थिक संकेत है। कई लोग अपने पुराने क्रेडिट कार्ड बिल या किसी अन्य छोटे कर्ज को चुकाने के लिए 'डेट कंसोलिडेशन' (Debt Consolidation) के नाम पर पर्सनल लोन ले रहे हैं। यानी एक कर्ज को खत्म करने के लिए दूसरा बड़ा कर्ज लेना, जो उन्हें लंबे समय के लिए ब्याज के जाल में फंसा देता है।

​शादियों पर बेतहाशा खर्च​Image Credit : Canva05 / 07

​शादियों पर बेतहाशा खर्च​

भारत में शादियां हमेशा से एक बड़ा ईवेंट रही हैं, लेकिन अब मध्यम वर्ग भी अपनी हैसियत से बाहर जाकर खर्च कर रहा है। डेस्टिनेशन वेडिंग और भव्य आयोजनों के लिए लोग 10 से 20 लाख रुपये तक का पर्सनल लोन आसानी से ले रहे हैं। यह खर्च अक्सर उनकी सालों की जमा पूंजी से कहीं अधिक होता है।

​शिक्षा और स्किल अपग्रेडेशन​Image Credit : Canva06 / 07

​शिक्षा और स्किल अपग्रेडेशन​

महंगाई के इस दौर में उच्च शिक्षा काफी महंगी हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, कई कामकाजी पेशेवर (Working Professionals) खुद को अपस्किल करने या महंगे सर्टिफिकेशन कोर्स करने के लिए भी लोन का सहारा ले रहे हैं। हालांकि इसे एक निवेश माना जाता है, लेकिन इसके लिए पर्सनल लोन की उच्च ब्याज दरें चुकाना एक बड़ी चुनौती है।

तुरंत मिल जाना भी है बड़ा कारण Image Credit : Canva07 / 07

तुरंत मिल जाना भी है बड़ा कारण

पर्सनल लोन की बढ़ती संख्या के पीछे तकनीक का भी बड़ा हाथ है। अब बैंक या फिनटेक ऐप्स महज 5 से 10 मिनट में लोन अप्रूव कर देते हैं। बिना किसी गारंटी और कम कागजी कार्रवाई के तुरंत पैसा हाथ में आने की वजह से लोग बिना सोचे-समझे लोन ले लेते हैं, जो बाद में भारी EMI के रूप में परेशान करता है।

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