दुनिया में डीजल का सबसे बड़ा उत्पादक देश कौन? किस नंबर पर भारत, कितना करता उत्पादन

Global Diesel Production: डीजल आज दुनिया के सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले ईंधनों में से एक है। इसका इस्तेमाल परिवहन, कृषि, उद्योग, समुद्री जहाजों और बिजली उत्पादन में बड़े पैमाने पर होता है। ट्रक, बस, ट्रेन, भारी मशीनें और फैक्ट्रियों में चलने वाले उपकरण अधिकतर डीजल पर ही निर्भर रहते हैं। यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर इसकी मांग लगातार बनी रहती है। विकसित और विकासशील दोनों प्रकार की अर्थव्यवस्थाओं में डीजल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। आइए जानते हैं किस देश में सबसे अधिक डीजल का उत्पादन होता है।

Authored by: रामानुज सिंहUpdated May 22 2026, 14:49 IST
​दुनिया में डीजल उत्पादन करने वाले प्रमुख देश ​Image Credit : Istock01 / 07

​दुनिया में डीजल उत्पादन करने वाले प्रमुख देश ​

वैश्विक स्तर पर कई देश बड़े पैमाने पर डीजल का उत्पादन करते हैं। इनमें सबसे आगे संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) आता है। यहां प्रति दिन करीब 5.2 मिलियन बैरल (पूरी दुनिया का 19.4%) का उत्पादन होता है, क्योंकि वहां अत्याधुनिक रिफाइनरी सिस्टम और बड़ी उत्पादन क्षमता मौजूद है। दूसरे स्थान पर चीन (4.10 मिलियन बैरल प्रति दिन, पूरी दुनिया का 15.3%), तीसरे स्थान पर भारत (1.85 मिलियन बैरल, पूरी दुनिया का 6.9% ), चौथे स्थान पर रूस (1.75 मिलियन बैरल, पूरी दुनिया का 6.5%) और पांचवें स्थान पर सऊदी अरब (1.30 मिलियन बैरल, पूरी दुनिया का 4.8%) भी बड़े डीजल उत्पादक देशों में शामिल हैं। इन देशों में बड़े तेल शोधन संयंत्र और मजबूत ऊर्जा मांग के कारण उत्पादन लगातार उच्च स्तर पर बना रहता है।

​डीजल कैसे बनता है?​Image Credit : Istock02 / 07

​डीजल कैसे बनता है?​

डीजल कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) से बनाया जाता है। इसे पेट्रोलियम रिफाइनरी में प्रोसेस किया जाता है। सबसे पहले कच्चे तेल को गर्म किया जाता है, जिससे वह अलग-अलग हिस्सों में बंट जाता है। हर हिस्सा अपने उबलने के तापमान के अनुसार अलग होता है। इसी प्रक्रिया में डीजल अलग होकर एक महत्वपूर्ण ईंधन के रूप में प्राप्त होता है। यह प्रक्रिया बहुत बड़े और आधुनिक प्लांट में की जाती है, जहां रोज लाखों बैरल तेल को रिफाइन किया जाता है।

​अमेरिका की भूमिका ​Image Credit : Istock03 / 07

​अमेरिका की भूमिका ​

संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया में डीजल उत्पादन के सबसे बड़े केंद्रों में से एक माना जाता है। यहां कई विशाल और आधुनिक रिफाइनरियां मौजूद हैं, जो कच्चे तेल को विभिन्न प्रकार के ईंधनों में बदलती हैं। देश की मजबूत औद्योगिक व्यवस्था और ऊर्जा खपत इसे डीजल उत्पादन में अग्रणी बनाती है। अमेरिका न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि कई देशों को पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात भी करता है।

​भारत में डीजल उत्पादन और गुजरात की भूमिका ​Image Credit : Istock04 / 07

​भारत में डीजल उत्पादन और गुजरात की भूमिका ​

भारत में डीजल उत्पादन के मामले में गुजरात सबसे आगे माना जाता है। इस राज्य में देश के कुछ सबसे बड़े रिफाइनरी प्लांट स्थित हैं। विशेष रूप से जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स दुनिया के सबसे बड़े तेल शोधन केंद्रों में से एक है। यहां बड़े पैमाने पर डीजल का उत्पादन होता है, जिससे देश की घरेलू मांग पूरी होती है और निर्यात भी संभव होता है। गुजरात की औद्योगिक संरचना इसे ऊर्जा उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र बनाती है।

​डीजल का उपयोग कहां-कहां होता है? ​Image Credit : Istock05 / 07

​डीजल का उपयोग कहां-कहां होता है? ​

डीजल का उपयोग कई क्षेत्रों में किया जाता है। भारी वाहन जैसे ट्रक और बसें इसी पर चलते हैं। इसके अलावा ट्रेन, जहाज, ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों में भी इसका व्यापक उपयोग होता है। फैक्ट्रियों में चलने वाली भारी मशीनें और जनरेटर भी डीजल पर निर्भर रहते हैं। इसकी उच्च ऊर्जा क्षमता और बेहतर माइलेज के कारण इसे भारी कामकाज के लिए सबसे उपयुक्त ईंधन माना जाता है।

​पेट्रोलियम रिफाइनिंग उद्योग की भूमिका ​Image Credit : Istock06 / 07

​पेट्रोलियम रिफाइनिंग उद्योग की भूमिका ​

पेट्रोलियम रिफाइनरी उद्योग कच्चे तेल को अलग-अलग उपयोगी उत्पादों में बदलने का काम करता है। इसमें डीजल के साथ-साथ पेट्रोल, विमान ईंधन, लुब्रिकेंट, केरोसिन और अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पाद बनाए जाते हैं। जिन देशों में मजबूत रिफाइनरी ढांचा होता है, वे ऊर्जा उत्पादन और निर्यात में भी मजबूत स्थिति में रहते हैं। यह उद्योग किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाता है।

​दुनिया में डीजल की बढ़ती मांग और भविष्य ​Image Credit : Istock07 / 07

​दुनिया में डीजल की बढ़ती मांग और भविष्य ​

आज भी दुनिया भर में डीजल की मांग बहुत अधिक है, खासकर परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों के कारण। विकासशील देशों में लॉजिस्टिक्स, निर्माण और कृषि क्षेत्रों में इसकी खपत तेजी से बढ़ रही है। वैश्विक व्यापार में भी डीजल का महत्वपूर्ण स्थान है, क्योंकि माल ढुलाई और शिपिंग में इसका व्यापक उपयोग होता है। आने वाले वर्षों में भी इसकी मांग मजबूत रहने की संभावना है, हालांकि धीरे-धीरे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर भी ध्यान बढ़ रहा है।

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