SIP ऐसे काम करती है कि हर महीने तय तारीख पर आपके बैंक खाते से पैसे ऑटो-डेबिट होकर म्यूचुअल फंड में जाते हैं। अगर खाते में बैलेंस नहीं है, तो ऑटो-डेबिट फेल हो जाता है और उस महीने आपकी SIP नहीं लगती। यह केवल एक महीने की किस्त छूटने की बात नहीं होती, बल्कि इससे आपके लंबे समय के रिटर्न पर बड़ा असर पड़ सकता है।
कई फंड हाउस SIP की तय तारीख के बाद 3 से 7 दिन तक ग्रेस पीरियड देते हैं, लेकिन यह हर फंड कंपनी में लागू नहीं होता। कभी-कभी बार-बार किस्त मिस होने पर बैंक पेनल्टी भी ले सकता है या SIP कैंसिल भी हो सकती है। इसलिए SIP की तारीख से ठीक पहले खाते में पर्याप्त बैलेंस रखना बेहद जरूरी है।
मान लीजिए आपकी SIP हर महीने की 5 तारीख को कटती है। ऐसे में आपको कोशिश करनी चाहिए कि 4 तारीख की शाम तक अपने खाते में पूरा पैसा डाल दें। क्योंकि कई बार SIP सुबह भी कटती है और कई बार दोपहर में। अगर उस समय पैसा नहीं हुआ, तो डेबिट फेल हो जाएगा। यही बात 10 या 15 तारीख वाली SIP पर भी लागू होती है। यानी, चाहे आपकी SIP किसी भी तारीख की हो 1–2 दिन पहले पैसा डालकर रखना सबसे सुरक्षित तरीका है।
अब बात करते हैं असली सवाल की अगर एक किस्त मिस हो गई तो नुकसान कितना होगा? अगर आप लगातार 10 साल तक हर महीने 10,000 रुपये निवेश करते रहें, तो आपका फंड काफी बड़ा बन जाता है। लेकिन अगर इसमें से सिर्फ एक किस्त भी मिस होती है, तो 10 साल बाद आपका नुकसान करीब 31,000 रुपये तक पहुंच जाता है। यानी, केवल 10,000 न निवेश करने का नुकसान 31,000 तक बढ़ जाता है।
अगर तीन महीनों तक SIP नहीं कट पाई, तो नुकसान लगभग 93,000 रुपये तक पहुंच सकता है। आप जितने लंबे समय के लिए निवेश करते हैं, नुकसान उतना बढ़ता जाता है। क्योंकि SIP का पैसा कंपाउंडिंग के जरिए बढ़ता है, और एक किस्त मिस होने से कंपाउंडिंग चेन टूट जाती है।
कुछ लोग 25,000 या 50,000 रुपये की SIP भी करते हैं। अगर आपकी SIP 50,000 रुपये है, तो सिर्फ 1 किस्त मिस होने से 10 साल बाद आपको करीब 1.55 लाख रुपये तक का नुकसान हो सकता है। यानी, बड़ी SIP पर कंपाउंडिंग का असर भी ज्यादा होता है, इसलिए नुकसान भी ज्यादा होता है।
SIP को मिस होने से बचाने के लिए कुछ आसान कदम आपके निवेश को सुरक्षित और सही दिशा में रखते हैं। सबसे पहले, अपनी SIP की तय तारीख से 1–2 दिन पहले ही बैंक खाते में पूरी राशि रखें, ताकि ऑटो-डेबिट बिना किसी दिक्कत के हो सके। अगर आपको लगता है कि 5, 10 या 15 तारीख आपके लिए सुविधाजनक नहीं है, तो आप म्यूचुअल फंड कंपनी से बात कर के SIP की तारीख आसानी से बदलवा सकते हैं।
आप चाहें तो एक अलग बचत खाता बनाकर उसमें पहले से SIP की रकम जमा रख सकते हैं और उसी खाते से ऑटो-डेबिट लिंक कर सकते हैं, ताकि गलती की कोई गुंजाइश न रहे। अगर कभी एक बार SIP मिस भी हो जाए, तो ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसे आदत बनाना आपके रिटर्न के लिए नुकसानदायक हो सकता है। निवेश को लगातार बनाए रखना ही SIP की असली ताकत है।