समय के साथ महंगाई की वजह से पैसों की वैल्यू कम हो जाती है। आज जो रकम बड़ी लग रही है, वह आगे जाकर यानी भविष्य में आपकी जरूरतें पूरी करने के लिए काफी नहीं होगी। महंगाई धीरे-धीरे आपकी बचत की को कम करती है और लंबी अवधि की वित्तीय योजना बनाना क्यों जरूरी है? आइए, यहां समझते हैं।
उदाहरण के लिए, अगर आज एक कार की कीमत 10 लाख रुपये है तो 15 साल बाद उसकी कीमत बहुत ज्यादा होगी। सोचिए की 10 या 15 साल पहले आप किराने या किराये पर कितना खर्च करते थे और अब कितना करते हैं। यह अंतर दिखाता है कि कैसे महंगाई पैसों की वैल्यू को कम करती है।
6% महंगाई दर मानें तो 1 करोड़ रुपये की वैल्यू 10 साल बाद घटकर 55.84 लाख रुपये ही होगी। यह दिखाता है कि लंबी अवधि की बचत और निवेश पर महंगाई का कितना असर पड़ता है।
यदि हम और आगे देखें तो 20 साल बाद 1 करोड़ रुपये की वैल्यू घटकर लगभग 31.18 लाख रुपये रह जाएगी। अंत में 30 साल बाद 1 करोड़ रुपये की कीमत आज के हिसाब से लगभग 17.41 लाख रुपये होगी।
कुल मिलाकर मीडियम टर्म में रुपये की वैल्यू में गिरावट यह बताती है कि सावधानीपूर्वक रिटायरमेंट प्लानिंग कितना जरूरी है। हम अक्सर आज के खरीदने की क्षमता के आधार पर अपनी आर्थिक योजना बनाते हैं। लेकिन, समय के साथ यह क्रय शक्ति धीरे-धीरे कम होती जाती है। इसके अलावा, अगर कोई निवेश उत्पाद 6% रिटर्न देता है, तो आपको वास्तव में कोई फायदा नहीं हो रहा है। कारण है कि 6% की महंगाई दर आपके रिटर्न को पूरी तरह से खत्म कर देती है।