10 साल की उम्र में ज़्यादातर बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, मगर विनीता बिजनेस की बातें सीख रही थीं। छोटी सी उम्र में एक दोस्त के साथ मिलकर उन्होंने एक मैगजीन शुरू की। वे घर-घर जाकर इसे 3 रु में बेचते थे, लेकिन लोग अक्सर कहते थे कि मैगजीन महंगी है। यह विनीता का पैसे के साथ पहला अनुभव था।
विनीता ने आईआईटी मद्रास और आईआईएम अहमदाबाद से पढ़ाई की। आईआईएम प्लेसमेंट में उन्होंने इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के लिए आवेदन किया क्योंकि उन्हें सफलता का सबसे आसान रास्ता यही लगा। पर जब उन्हें आईआईएम में 1 करोड़ रुपये का पैकेज मिला, तो उन्होंने एंटरप्रेन्योरशिप के अपने जुनून को आगे बढ़ाने और खुद का कारोबर शुरू करने के लिए 23 साल की उम्र में इसे ठुकरा दिया।
विनीता ने दूसरा बिजनेस 23 साल की उम्र में शुरू किया। उनका आइडिया महिलाओं के लिए लिंगरी ब्रांड बनाना और ई-कॉमर्स के जरिए इसे आगे बढ़ाना था। मगर पैसे चाहिए थे, इसलिए वह फंडिंग के लिए 10-12 निवेशकों के पास गईं। हालाँकि, उन्हें हर जगह रिजेक्शन का सामना करना पड़ा क्योंकि उनके पास बिजनेस का कोई अनुभव नहीं था।
फिर उन्होंने एक ऐसा कारोबार शुरू करने का फैसला किया जिसके लिए एक्सटर्नल फंडिंग की आवश्यकता नहीं थी। विनीता ने एक सर्विस कंपनी शुरू की, जहाँ उन्होंने क्लाइंट्स को बैकग्राउंड वेरिफिकेशन सेवा देना शुरू किया।
1 करोड़ रुपये का पैकेज ठुकराने के बाद, उन्होंने इस दौरान सिर्फ़ 10,000 रुपये की सैलरी ली। उन्होंने इस कंपनी को पाँच साल चलाया और रेवेन्यू 5 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया। पर कुछ बड़ा बिजनेस करने के जुनून के चलते उन्होंने ये कंपनी बंद कर दी।
2012 में विनीता सिंह ने अपने पति कौशिक मुखर्जी के साथ मिलकर शुगर कॉस्मेटिक्स की शुरुआत की। फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और 4000 करोड़ रु से अधिक का कारोबार बना लिया।