कई टैक्सपेयर्स ने जून या जुलाई में अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल किया है, लेकिन अब तक उन्हें रिफंड नहीं मिला। रिफंड में हो रही देरी से परेशान होकर कई लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इनकम टैक्स विभाग को टैग करके अपनी शिकायतें दर्ज कर रहे हैं। (तस्वीर-istock)
इनकम टैक्स रिफंड उस अतिरिक्त रकम को कहते हैं, जो आपने अपनी आय पर तय टैक्स से ज्यादा भर दी हो। ऐसे मामलों में इनकम टैक्स विभाग अतिरिक्त टैक्स की राशि को आपके बैंक खाते में रिफंड के रूप में वापस करता है। (तस्वीर-istock)
अतिरिक्त टैक्स कटौती की कई वजह हो सकती हैं। कंपनी या बैंक द्वारा ज्यादा TDS काटना। अनुमान के आधार पर पहले ही ज्यादा टैक्स जमा कर देना। छूट और डिडक्शन का सही लाभ न लेना। ITR में गणना की गलती होना। (तस्वीर-istock)
रिफंड प्रोसेस तभी शुरू होती है जब आप अपना रिटर्न ई-वेरिफाई कर देते हैं। आम तौर पर, रिफंड प्रोसेसिंग में 4 से 5 सप्ताह का समय लगता है। इस समय के बाद भी रिफंड न मिले तो आपको e-Filing पोर्टल पर जाकर स्टेटस जरूर चेक करना चाहिए। (तस्वीर-istock)
Refund Issued: रिफंड सफलतापूर्वक बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो चुका है। Refund Partially Adjusted: रिफंड का कुछ हिस्सा बकाया टैक्स में समायोजित हो गया। Refund Fully Adjusted: पूरा रिफंड पुराने टैक्स बकाया में एडजस्ट हो गया, कोई राशि नहीं मिलेगी। Refund Failed: रिफंड प्रोसेस फेल हो गया, आमतौर पर गलत बैंक डिटेल्स के कारण। (तस्वीर-istock)
PAN इनऑपरेटिव या आधार से लिंक न होना। बैंक अकाउंट प्री-वलिडेटेड न होना। अकाउंट में दर्ज नाम PAN से मेल न खाना। गलत IFSC कोड। बंद बैंक अकाउंट में रिफंड भेजा जाना। रिफंड में देरी के अन्य कारण। ई-वेरिफिकेशन पूरा न होना। गलत बैंक डिटेल्स या पता। ITR में टैक्स क्रेडिट और AIS (Annual Information Statement) में अंतर। नियोक्ता, बैंक या अन्य संस्थानों द्वारा रिपोर्ट की गई आय और आपके द्वारा घोषित आय में अंतर। (तस्वीर-istock)
Income Tax e-Filing Portal पर जाएं। अपने PAN/Aadhaar और पासवर्ड से लॉगिन करें। e-File > Income Tax Returns > View Filed Returns पर क्लिक करें। संबंधित Assessment Year चुनें। रिफंड स्टेटस देखें। (तस्वीर-istock)