कियोसाकी का दावा कि बबल्स फूटने वाले हैं। कियोसाकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि बबल्स अब फूटने वाले हैं... यह अच्छी खबर है। उन्होंने आगे लिखा कि जब बबल फूटते हैं, तो सोना, चांदी और बिटकॉइन भी गिर सकते हैं। (तस्वीर-X)
कियोसाकी ने स्पष्ट किया कि अगर इन संपत्तियों की कीमतों में गिरावट आती है, तो वह फिर से सोना, चांदी और बिटकॉइन में निवेश करेंगे। उनका मानना है कि जब डर चरम पर हो और कीमतें न्यूनतम, तभी निवेश का सबसे अच्छा समय होता है। लंबी अवधि के कई निवेशक इस विचार से सहमत हैं कि मंदी के समय कम कीमतों पर मूल्यवान संपत्ति खरीदना फायदेमंद होता है। (तस्वीर-X)
कियोसाकी ने एक और पोस्ट में अपना “रिच डैड रूल” साझा किया कि Savers are losers यानी 'बचत करने वाले हारते हैं'। उन्होंने कहा कि "फिएट मनी" यानी सरकारी नोटों में बचत करना बेकार है क्योंकि फेडरल रिजर्व जब भी गलती करता है, तो 'नकली डॉलर' छापता है। (तस्वीर-X)
कियोसाकी ने अनुसार 1987 का मार्केट क्रैश? → छपे नकली डॉलर, 1998 LTCM संकट? → नकली डॉलर, 2019 रीपो मार्केट संकट, COVID-19, SVB क्रैश? → फिर छपे डॉलर। कियोसाकी ने कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा कर्जदार देश है और इसकी वजह है फेडरल रिजर्व की नीतियां। उन्होंने चेतावनी दी कि इतिहास का सबसे बड़ा क्रैश आने वाला है। (तस्वीर-X)
हाल ही में बिटकॉइन ने जब नया ऑल-टाइम हाई छुआ, तो कियोसाकी ने इसे “अच्छी खबर” बताया और उन लोगों को सराहा जिन्होंने सही समय पर निवेश किया। उन्होंने कहा कि वे एक और बिटकॉइन खरीदेंगे, लेकिन अगली खरीद से पहले अर्थव्यवस्था की दिशा साफ होने का इंतजार करेंगे। (तस्वीर-X)
कियोसाकी ने Warren Buffett का जिक्र करते हुए कहा कि बफेट स्टॉक्स से बाहर हैं और $350 बिलियन कैश लेकर बैठे हैं। वो भी दुनिया के क्रैश होने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब दुनिया गिरेगी, तब बफेट जैसी शख्सियतें कैश के साथ सबसे बेहतरीन संपत्तियों की खरीद करेंगी। लेकिन उस समय 'लाखों लोग गरीब हो जाएंगे'। (तस्वीर-X)
आने वाले समय में बाजार में बड़ी गिरावट संभव है। सोना, चांदी और बिटकॉइन जैसी संपत्तियां भी इससे अछूती नहीं रहेंगी। डर और गिरावट के समय स्मार्ट निवेश करने का सही वक्त होता है। नकली पैसे में सेविंग करने के बजाय रियल एसेट्स में निवेश करें। सतर्क रहें, अवसर को पहचानें और सही समय पर कदम उठाएं। (तस्वीर-X) ([डिस्क्लेमर: यह रॉबर्ड कियोसाकी सलाह है, इससे टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल को कोई लेना-देना नहीं है।)