भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने अपने टेस्ट करियर में कुल 434 विकेट लिए थे। मिचेल स्टार्क को कपिल देव को पीछे छोड़ने के लिए सिर्फ दो विकेट की जरूरत है। बांग्लादेश के खिलाफ 13 अगस्त से डार्विन में शुरू होने वाले पहले टेस्ट में अगर स्टार्क दो विकेट हासिल कर लेते हैं, तो वह कपिल देव को पीछे छोड़ देंगे। इसके साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की टॉप-10 सूची में भी शामिल हो जाएंगे।
स्टार्क के पास सिर्फ कपिल देव को पीछे छोड़ने का मौका नहीं है, बल्कि पूरी टेस्ट सीरीज में वह एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं। स्टार्क के नाम फिलहाल 433 विकेट हैं और दक्षिण अफ्रीका के महान तेज गेंदबाज डेल स्टेन के नाम 439 टेस्ट विकेट दर्ज हैं। ऐसे में स्टार्क अगर बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में सात विकेट हासिल कर लेते हैं, तो उनके 440 टेस्ट विकेट पूरे हो जाएंगे। इस उपलब्धि के साथ वह स्टेन के 439 विकेट को पीछे छोड़ देंगे। इसके बाद स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाजों की सूची में पांचवें स्थान पर पहुंच जाएंगे।
मिचेल स्टार्क फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में चौथे स्थान पर हैं। इस सूची में सबसे ऊपर महान स्पिनर शेन वॉर्न हैं, जिन्होंने 708 विकेट लिए। दूसरे नंबर पर नाथन लॉयन 567 विकेट के साथ हैं, जबकि ग्लेन मैक्ग्रा 563 विकेट लेकर तीसरे स्थान पर हैं। स्टार्क के नाम 433 विकेट हैं और उनके बाद डेनिस लिली 355 विकेट के साथ पांचवें स्थान पर हैं। अगर स्टार्क बांग्लादेश सीरीज में सात विकेट हासिल कर लेते हैं, तो वह 440 विकेट के साथ ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष गेंदबाजों में अपनी स्थिति और मजबूत कर लेंगे।
मिचेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के बीच भी अपनी खास पहचान बना ली है। इस सूची में वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं। स्टार्क ने 415 से ज्यादा टेस्ट विकेट लेकर पाकिस्तान के दिग्गज वसीम अकरम के 414 विकेट के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है। इस सूची में श्रीलंका के चामिंडा वास 355 विकेट के साथ तीसरे, न्यूजीलैंड के ट्रेंट बोल्ट 317 विकेट के साथ चौथे, ऑस्ट्रेलिया के मिचेल जॉनसन 313 विकेट के साथ पांचवें और भारत के जहीर खान 311 विकेट के साथ छठे स्थान पर हैं।
मिचेल स्टार्क की खासियत यह है कि उम्र बढ़ने के बावजूद उनके प्रदर्शन में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई है। 35 साल की उम्र पार करने के बाद भी ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज लगातार प्रभावी साबित हो रहे हैं। स्टार्क की फिटनेस और गेंदबाजी में लगातार बदलाव करने की क्षमता उन्हें दूसरे तेज गेंदबाजों से अलग बनाती है। उनकी रफ्तार, स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ अब भी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
स्टार्क ने पिछले एक साल में 55 टेस्ट विकेट हासिल किए हैं और इस दौरान उनकी गेंदबाजी औसत सिर्फ 17.32 रही है। यह आंकड़ा बताता है कि स्टार्क किस तरह लगातार विकेट लेने में सफल रहे हैं। उनके शानदार प्रदर्शन का फायदा ऑस्ट्रेलियाई टीम को भी मिला और टीम ने एशेज सीरीज 4-1 से अपने नाम की।
ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट इतिहास में कई महान गेंदबाज रहे हैं, लेकिन सर्वाधिक विकेट लेने वालों की सूची में शेन वॉर्न सबसे आगे हैं। वॉर्न ने 708 विकेट लेकर पहला स्थान हासिल किया। उनके बाद नाथन लायन 567 विकेट के साथ दूसरे और ग्लेन मैक्ग्रा 563 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर हैं। मिचेल स्टार्क 433 विकेट के साथ चौथे नंबर पर हैं, जबकि महान तेज गेंदबाज डेनिस लिली 355 विकेट के साथ पांचवें स्थान पर हैं।
बांग्लादेश के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया को दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है और दोनों मुकाबले स्टार्क के रिकॉर्ड के लिहाज से बेहद अहम होंगे। पहला टेस्ट 13 से 17 अगस्त तक डार्विन के मरारा मैदान पर खेला जाएगा, जहां स्टार्क सिर्फ दो विकेट लेते ही कपिल देव के 434 विकेट के आंकड़े को पीछे छोड़ सकते हैं। इसके बाद दूसरा टेस्ट 22 से 26 अगस्त तक मैके में होगा। पूरी सीरीज में सात विकेट हासिल करते ही स्टार्क के 440 विकेट पूरे हो जाएंगे और वह डेल स्टेन के 439 विकेट से आगे निकल जाएंगे।