6 राज्यों में 3 रेल खंडों पर बिछेंगी पटरियां, इन इलाकों में ट्रेन सफर होगा आसान

केंद्र सरकार ने रेल मंत्रालय की तीन बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है, जिनकी कुल लागत करीब 23,437 करोड़ रुपये है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में लिया गया। सरकार की ये पहल न सिर्फ रेलवे नेटवर्क को मजबूत करेगी, बल्कि यात्रियों, व्यापार और पर्यावरण तीनों के लिए फायदेमंद साबित होगी। आने वाले समय में इससे देश की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

Authored by: रामानुज सिंहUpdated May 6 2026, 18:26 IST
​किन रेल मार्गों पर होगा काम​Image Credit : Istock01 / 07

​किन रेल मार्गों पर होगा काम​

इन परियोजनाओं के तहत नागदा-मथुरा, गुंतकल-वाडी और बुरहवाल-सीतापुर रेल खंडों पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी। ये सभी मार्ग पहले से ही काफी व्यस्त हैं, जहां ट्रेनों की संख्या ज्यादा होने के कारण भीड़भाड़ रहती है।

​यात्रियों को क्या होगा फायदा​Image Credit : Istock02 / 07

​यात्रियों को क्या होगा फायदा​

सरकार का कहना है कि नई रेल लाइनों के बनने से ट्रेनों की आवाजाही तेज और सुगम होगी। इससे यात्रियों को समय पर ट्रेन मिलने की संभावना बढ़ेगी और देरी की समस्या कम होगी। साथ ही, यात्रा अधिक आरामदायक और सुरक्षित भी बनेगी

​परिचालन क्षमता में होगा सुधार​Image Credit : Istock03 / 07

​परिचालन क्षमता में होगा सुधार​

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ये परियोजनाएं रेलवे की परिचालन क्षमता बढ़ाने में मदद करेंगी। अधिक लाइनों के कारण ट्रेनों का संचालन बेहतर तरीके से हो सकेगा और रेलवे सेवाओं की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

​कई राज्यों को मिलेगा लाभ​Image Credit : Istock04 / 07

​कई राज्यों को मिलेगा लाभ​

इन परियोजनाओं का फायदा मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुल 19 जिलों को मिलेगा। करीब 901 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइनें बिछाई जाएंगी, जिससे करीब 4,161 गांवों की करीब 83 लाख आबादी को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा।

​पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा​Image Credit : Istock05 / 07

​पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा​

नई रेल लाइनों से कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इनमें महाकालेश्वर मंदिर, रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान, कूनो राष्ट्रीय उद्यान, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, मथुरा, वृंदावन और नैमिषारण्य जैसे प्रसिद्ध स्थान शामिल हैं। इससे पर्यटन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।

​माल ढुलाई में होगा इजाफा​Image Credit : Istock06 / 07

​माल ढुलाई में होगा इजाफा​

ये रेल मार्ग माल ढुलाई के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। कोयला, खाद्यान्न, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद, इस्पात और उर्वरक जैसे सामान की ढुलाई अब और तेज व आसान हो जाएगी। सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं से हर साल करीब 6 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी।

​पर्यावरण को भी होगा फायदा​Image Credit : Istock07 / 07

​पर्यावरण को भी होगा फायदा​

रेल मंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं से पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। इससे तेल आयात में करीब 37 करोड़ लीटर की कमी आएगी और कार्बन उत्सर्जन में 185 करोड़ किलोग्राम तक की गिरावट होगी। यह कमी करीब 7 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर मानी जा रही है।

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