पंकज ने इस मामले में "कॉर्पोरेट और राजनीतिक" गड़बड़ का हवाला दिया है। उन्होंने युगांडा के राष्ट्रपति और UN से भी अपनी बेटी की रिहाई की गुहार लगाई है।
वसुंधरा प्रो इंडस्ट्रीज की एग्जेक्यूटिव डायरेक्टर हैं, जो कि ओसवाल ग्रुप ग्लोबल का हिस्सा है। ओसवाल ग्रुप की शुरुआत 1912 में हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार पंकज की नेटवर्थ 2.47 लाख करोड़ रु है।
ओसवाल ग्रुप ग्लोबल की अन्य कंपनियों में एक्सिस मिनरल्स और Burrup Fertilisers शामिल हैं। पंकज Burrup Holdings के चेयरमैन और फाउंडर हैं। ये दुनिया की सबसे बड़ी लिक्विड अमोनिया प्रोडक्शन कंपनियों में से एक है।
पंकज के अनुसार उनकी बेटी के खिलाफ कुछ झूठे आरोप लगाए गए हैं। ये आरोप एक पूर्व कर्मचारी ने लगाए हैं, जिसने ओसवाल परिवार का कीमती सामान चुराया और ओसवाल परिवार को गारंटर बनाकर 200,000 डॉलर का कर्ज लिया।
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार जब परिवार ने लोन चुकाने से इनकार कर दिया, तो अपने आप को बचाने के लिए उस शख्स ने उन पर झूठे आरोप लगाए।