विशेषज्ञों ने बताया है कि इस बार लोगों ने नए साल के जश्न की तैयारी पहले से ही शुरू कर दी थी। त्योहार, पार्टियां, दोस्तों के साथ मिलना-जुलना और परिवार के साथ मनोरंजन सब मिलकर शराब की मांग को बढ़ा देते हैं। इसके अलावा कोरोना महामारी के बाद पहली बार लोगों में बड़े पैमाने पर उत्साह दिखा और झुंड में बाहर घूमने-फिरने की प्रवृत्ति वापस आई। इससे शराब की बिक्री में अप्रत्याशित उछाल आया।
नोएडा की शराब दुकानों और सेलर्स ने भी इस रिकॉर्ड बिक्री को हैरान कर देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में कभी भी किसी अकेली रात में इतनी अधिक बिक्री नहीं हुई। सामान्य दिनों में शराब बिक्री का औसत कहीं कम रहता है, लेकिन नए साल की पूर्व संध्या पर यह संख्या अचानक इतनी बढ़ने से व्यापारियों का दिन बन गया। किसानों की तरह तैयार स्टॉक, विशेष ऑफर और रातभर ग्राहकों का आना-जाना इस रिकॉर्ड पीक की वजह मानी जा रही है।
राज्य सरकारों के लिए शराब बिक्री एक अहम आय स्रोत है, क्योंकि उस पर एक्साइज ड्यूटी और टैक्स लगता है। नोएडा में ₹17 करोड़ की बिक्री ने सरकार के खजाने में भी भारी योगदान दिया। एक्साइज ड्यूटी, GST और अन्य शुल्क मिलाकर सरकार को इस एक रात की बिक्री से कई करोड़ रुपये का राजस्व मिला। यह राजस्व शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण और अन्य सार्वजनिक खर्चों में इस्तेमाल होता है।
कई शराब दुकानों ने नए साल के जश्न में विशेष ऑफर और डिस्काउंट भी दिए। कुछ स्थानों पर बर्थडे/नए साल कलेक्शन ऑफर, बाइ 1 गेट 1, या थोक खरीद पर छूट भी देखने को मिली। इससे लोगों ने ज्यादा खरीदारी की। साथ ही, सोशल मीडिया पर पार्टी और सेलिब्रेशन के लिए शराब की एडवरटाइजमेंट्स ने भी मांग को और बढ़ाया।
जहां यह बिक्री का रिकॉर्ड है, वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञ और प्रशासन यह भी कहते हैं कि बड़े पैमाने पर शराब पीना स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा के लिहाज़ से खतरे का संकेत भी है। उन्होंने लोगों से चेतावनी दी कि यदि शराब का सेवन संतुलित तरीके से न हो तो यह स्वास्थ्य समस्याओं और दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। खासकर रात में ड्राइविंग करते समय शराब पीकर वाहन चलाना गंभीर समस्या हो सकती है।
नए साल की रात पुलिस और प्रशासन ने यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर विशेष इंतज़ाम किए थे। चेकपोस्ट, रैंडम DUI (ड्राइविंग अंडर इन्फ्लुएंस) टेस्टिंग और निगरानी बढ़ा दी गई थी। इसका उद्देश्य था कि शराब के सेवन के बावजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। प्रशासन ने यह भी कहा कि शराब की खरीद के साथ लोगों को जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए।
नोएडा में इस बार नए साल पर शराब की रिकॉर्ड बिक्री यह संकेत देती है कि लोग समाजिक मिलन-जुलन, जश्न और उत्सव को जोरदार रूप से मनाना चाहते हैं। यह पिछले कुछ सालों की बंदिश और दूरी के बाद एक तरह का रिलीफ है। हालांकि यह बिक्री सरकारी राजस्व के लिए अच्छी बात है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि समाज को संतुलित उत्सव और स्वास्थ्य के प्रति सावधानी भी अपनानी चाहिए।