इन नए शहरों को भारत के नये गुरुग्राम कहा जा रहा है। ये नए गुरुग्राम नए इंडस्ट्रियल और पॉपुलेशन हब बनने की संभावना रखते हैं, जो दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और अहमदाबाद जैसे भीड़भाड़ वाले शहरों पर से दबाव कम कर देंगे।
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये नए सैटेलाइट सिटी भारत की शहरी समस्याओं का असल समाधान हो सकते हैं। इनमें श्री सिटी में 220 कंपनियों ने अपना बेस बनाया है।
वहीं महाराष्ट्र में शेंद्रा-बिडकीन और गुजरात में धोलेरा दोनों को रेसिडेंशियल स्पेसेज के साथ टिकाऊ इंडस्ट्रियल सेंटर्स के रूप में डिजाइन किया गया है। इनमें श्री सिटी जैसी ही संभावनाएं हैं।
मानेसर को दिल्ली के साथ कनेक्टिविटी का फायदा, इंडस्ट्रियल ग्रोथ और रियल एस्टेट डेवलपमेंट से फायदा मिलता है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा रीजन टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में फल-फूल रहे हैं। इन शहरों में मॉल-रेस्टोरेंट भी होंगे।
शहर भारत के कुल एरिया के केवल 3% हिस्से में हैं, फिर भी वे देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 60% हिस्सा जनरेट करते हैं।