ये होंगे भारत के नए 'गुरुग्राम', मॉल-रेस्टोरेंट-होटल की होगी भरमार, बनेंगे कमाई के मौके

भारत में अब कई सैटेलाइट सिटी तैयार हो रही हैं। सैटेलाइट सिटी एक छोटी म्युनिसिपैलिटी या टाउन होता है जिसे एक बड़े महानगरीय क्षेत्र का हिस्सा बनने के लिए प्लान और डेवलप किया जाता है। भारत के नए सैटेलाइट शहरों में आंध्र प्रदेश में श्री सिटी, तमिलनाडु में होसुर, गुजरात में दहेज और धोलेरा, हरियाणा में मानेसर, उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा और महाराष्ट्र में शेंद्रा-बिडकीन और नवी मुंबई शामिल हैं।

Authored by: काशिद हुसैन Updated Oct 21 2024, 14:50 IST
भीड़भाड़ वाले शहरों से घटेगा दबावImage Credit : IStock/X01 / 05

भीड़भाड़ वाले शहरों से घटेगा दबाव

इन नए शहरों को भारत के नये गुरुग्राम कहा जा रहा है। ये नए गुरुग्राम नए इंडस्ट्रियल और पॉपुलेशन हब बनने की संभावना रखते हैं, जो दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और अहमदाबाद जैसे भीड़भाड़ वाले शहरों पर से दबाव कम कर देंगे।

220 कंपनियों ने अपना बेस बनायाImage Credit : IStock/X02 / 05

220 कंपनियों ने अपना बेस बनाया

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि ये नए सैटेलाइट सिटी भारत की शहरी समस्याओं का असल समाधान हो सकते हैं। इनमें श्री सिटी में 220 कंपनियों ने अपना बेस बनाया है।

श्री सिटी जैसी ही संभावनाएंImage Credit : IStock/X03 / 05

श्री सिटी जैसी ही संभावनाएं

वहीं महाराष्ट्र में शेंद्रा-बिडकीन और गुजरात में धोलेरा दोनों को रेसिडेंशियल स्पेसेज के साथ टिकाऊ इंडस्ट्रियल सेंटर्स के रूप में डिजाइन किया गया है। इनमें श्री सिटी जैसी ही संभावनाएं हैं।

मैन्युफैक्चरिंग हबImage Credit : IStock/X04 / 05

मैन्युफैक्चरिंग हब

मानेसर को दिल्ली के साथ कनेक्टिविटी का फायदा, इंडस्ट्रियल ग्रोथ और रियल एस्टेट डेवलपमेंट से फायदा मिलता है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा रीजन टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में फल-फूल रहे हैं। इन शहरों में मॉल-रेस्टोरेंट भी होंगे।

जीडीपी का 60% हिस्सा जनरेटImage Credit : IStock/X05 / 05

जीडीपी का 60% हिस्सा जनरेट

शहर भारत के कुल एरिया के केवल 3% हिस्से में हैं, फिर भी वे देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 60% हिस्सा जनरेट करते हैं।

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