पीएम मोदी ने कहा कि यह दशक भारत के तकनीकी भविष्य के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह सदी AI क्रांति की सदी है और सेमीकंडक्टर इस क्रांति की मजबूत कड़ी है। उनके अनुसार जैसे पिछली सदी में तेल महत्वपूर्ण था, वैसे ही इस सदी में माइक्रोचिप्स वैश्विक विकास की दिशा तय करेंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के 10 प्रोजेक्ट उत्पादन शुरू करेंगे, उनका सकारात्मक प्रभाव कई गुना बढ़ेगा। इसका लाभ MSMEs, स्टार्टअप्स और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री की पूरी वैल्यू चेन तक पहुंचेगा। दुनिया को यह स्पष्ट संदेश मिल चुका है कि भारत सक्षम है, प्रतिस्पर्धी है और अपने संकल्पों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मैं भारत के साझेदारों और वैश्विक निवेशकों को विश्वास दिलाता हूं कि चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें, हम सब आपके साथ मजबूती से खड़े हैं। आइए जानते ये 10 नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स के बारे में।
माइक्रोन टेक्नोलॉजी (Micron Technolog) गुजरात के साणंद में मेमोरी चिप्स की पैकेजिंग और टेस्टिंग के लिए ATMP (Assembly, Testing, Marking and Packaging) यूनिट स्थापित कर रही है। इस प्रोजेक्ट में करीब 22,516 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इसका पीएम मोदी ने उद्घाटन किया।
एचसीएल (HCL Group) और फॉक्सकॉन (Foxconn) मिलकर उत्तर प्रदेश के जेवर (नोएडा के पास) में डिस्प्ले ड्राइवर चिप बनाने की यूनिट लगा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट में 3,700 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यह यूनिट मोबाइल और डिस्प्ले इंडस्ट्री के लिए चिप्स बनाएगी।
गुजरात के धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) एक अत्याधुनिक लॉजिक चिप बनाने का कारखाना लगा रही है। यह प्लांट ताइवान की कंपनी PSMC के साथ साझेदारी में बनाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में करीब 91,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यहां हाई-परफॉर्मेंस चिप्स का निर्माण होगा, जो मोबाइल, ऑटोमोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होंगी।
असम के मोरीगांव (जगीरोड) में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) एक असेंबली और टेस्टिंग (OSAT) यूनिट बना रही है। इस प्लांट में खास तौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए एडवांस पैकेजिंग का काम होगा। इस प्रोजेक्ट में 27,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
सीजी पावर (CG Power & Industrial Solutions), जापान की Renesas Electronics और थाईलैंड की Stars Microelectronics के साथ मिलकर साणंद में एक ज्वाइंट OSAT यूनिट स्थापित कर रही है। इस प्रोजेक्ट में 7,600 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
कायन्स टेक्नोलॉजी (Kaynes Technology) गुजरात के साणंद में एक OSAT सुविधा स्थापित कर रही है। यहां सब्सट्रेट-आधारित और वायर-बॉन्ड पैकेजिंग का काम होगा। इस प्रोजेक्ट में 3,307 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
ओडिशा के भुवनेश्वर में SiCSem भारत की पहली व्यावसायिक कंपाउंड सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित कर रही है। यहां सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) वेफर्स का निर्माण होगा। इस प्रोजेक्ट में 2,066 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
ओडिशा के भुवनेश्वर में 3D ग्लास सॉल्यूशंस (3D Glass Solutions Inc) एक एडवांस पैकेजिंग यूनिट लगा रही है, जहां ग्लास-आधारित सब्सट्रेट तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इस परियोजना में 1,943 रुपये करोड़ का निवेश किया जा रहा है।
आंध्र प्रदेश में ASIP टेक्नोलॉजीज एक सिस्टम-इन-पैकेज (SiP) मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। यह यूनिट मोबाइल और AI आधारित इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए काम करेगी। इस परियोजना में 468 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
पंजाब के मोहाली में Continental Device India Limited (CDIL) अपनी मौजूदा यूनिट का विस्तार कर रही है। यहां हाई-पावर डिस्क्रीट सेमीकंडक्टर जैसे MOSFET और IGBT बनाए जाएंगे। इस परियोजना में 117 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।