अगर पर्सनल लोन लेने वाले की हो जाए मौत तो कौन भरेगा कर्ज?

पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन होता है। यानी इसे लेने के लिए न तो कोई संपत्ति गिरवी रखनी होती है और न ही किसी तरह की गारंटी देनी पड़ती है। इसी वजह से बैंक इसमें ज्यादा ब्याज लेते हैं। इमरजेंसी, बीमारी, शादी या पढ़ाई जैसे खर्चों के लिए लोग अक्सर पर्सनल लोन लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर पर्सनल लोन लेने वाले की मौत हो जाए तो कौन कर्ज भरेगा?

Authored by: रिचा त्रिपाठीUpdated Dec 28 2025, 17:02 IST
​लोन लेने वाले की मौत के बाद क्या होता है?​Image Credit : Canva01 / 07

​लोन लेने वाले की मौत के बाद क्या होता है?​

अगर पर्सनल लोन लेने वाले व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो लोन अपने आप खत्म नहीं होता। बैंक सबसे पहले यह देखता है कि लोन के साथ कोई बीमा (Loan Protection Insurance) लिया गया था या नहीं। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होती है।

​लोन लेने वाले की मौत के बाद क्या होता है?​Image Credit : Canva02 / 07

​लोन लेने वाले की मौत के बाद क्या होता है?​

अगर पर्सनल लोन लेने वाले व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो लोन अपने आप खत्म नहीं होता। बैंक सबसे पहले यह देखता है कि लोन के साथ कोई बीमा (Loan Protection Insurance) लिया गया था या नहीं। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होती है।

​अगर लोन का बीमा कराया गया हो​Image Credit : Canva03 / 07

​अगर लोन का बीमा कराया गया हो​

कई बैंक पर्सनल लोन के साथ लोन प्रोटेक्शन इंश्योरेंस देते हैं। अगर ऐसा बीमा लिया गया हो, तो उधारकर्ता की मौत के बाद बैंक बीमा कंपनी से क्लेम करता है। बीमा कंपनी पॉलिसी की शर्तों के अनुसार बाकी बचा हुआ लोन चुका देती है और बैंक लोन अकाउंट बंद कर देता है। इस स्थिति में परिवार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं आता।

​अगर लोन का बीमा नहीं कराया गया हो Image Credit : Canva04 / 07

​अगर लोन का बीमा नहीं कराया गया हो

अगर पर्सनल लोन बिना किसी बीमा के लिया गया था, तो ऐसे में बैंक मृतक की छोड़ी हुई संपत्ति से बकाया रकम की वसूली कर सकता है। इसमें सेविंग अकाउंट में जमा पैसा, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), शेयर और म्यूचुअल फंड, सोना, साथ ही जमीन या मकान जैसी संपत्तियां शामिल हो सकती हैं। हालांकि यह बात ध्यान रखना जरूरी है कि बैंक केवल मृतक की संपत्ति से ही पैसा वसूल सकता है, परिवार के सदस्यों की निजी कमाई या संपत्ति पर उसका कोई अधिकार नहीं होता।

​क्या परिवार को अपनी जेब से पैसा देना पड़ेगा?​Image Credit : Canva05 / 07

​क्या परिवार को अपनी जेब से पैसा देना पड़ेगा?​

यह एक आम डर होता है, लेकिन नियम साफ हैं। परिवार के सदस्यों को अपनी निजी कमाई से लोन चुकाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जब तक वे उस लोन के को-एप्लिकेंट या गारंटर न हों। अगर पत्नी, पति या बच्चे लोन में गारंटर नहीं हैं, तो उन पर कोई कानूनी जिम्मेदारी नहीं बनती।

​गारंटर या को-एप्लिकेंट होने पर क्या होगा?​Image Credit : Canva06 / 07

​गारंटर या को-एप्लिकेंट होने पर क्या होगा?​

अगर पर्सनल लोन में कोई गारंटर या को-एप्लिकेंट है, तो लोन चुकाने की जिम्मेदारी उस व्यक्ति पर आ सकती है। बैंक ऐसे मामलों में पहले गारंटर से संपर्क करता है और बकाया रकम की मांग करता है।

जब बैंक पैसा वसूल नहीं कर पाताImage Credit : Canva07 / 07

जब बैंक पैसा वसूल नहीं कर पाता

कभी-कभी मृतक की संपत्ति भी पर्याप्त नहीं होती और कोई बीमा भी नहीं होता। ऐसी स्थिति में बैंक सभी कानूनी विकल्प आजमाने के बाद लोन को NPA या राइट-ऑफ कर देता है। यह बैंक के लिए नुकसान होता है, लेकिन परिवार को राहत मिलती है क्योंकि उन पर कोई कानूनी दबाव नहीं रहता।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!