बिहार के 2 बेटों ने ठेकुआ बेचकर कमा लिए करोड़ रुपये, छठ प्रसाद को बिजनेस में ऐसे बदला

New Business Idea: फास्ट फूड और पैकेज्ड स्नैक्स के इस दौर में बिहार के दो बेटे जयंत और कैलाश भारत के पारंपरिक स्वादों को फिर से जिंदा कर रहे हैं। दोनों आज ठेकुआ को देश भर में घर-घर में जगह बनाने में कामयाब हो रहे हैं। हर बाइट में देशीपन, सच्चाई और नॉस्टेलजिक ट्रीट का संगम है। आइए जानते हैं सफलता का राज (Success Story) क्या है।

Authored by: रामानुज सिंहUpdated Oct 31 2025, 11:32 IST
​एक अनुभव जिसने बदल दी जिंदगी​Image Credit : Instagram/istock01 / 07

​एक अनुभव जिसने बदल दी जिंदगी​

शुद्ध स्वाद की कहानी शुरू हुई एक बुरे अनुभव से। जयंत एक दिन सड़क किनारे से ठेकुआ खाकर बीमार पड़ गया। यही असुविधा उसके लिए एक प्रेरणा बन गई। उसे एहसास हुआ कि पारंपरिक भारतीय स्नैक्स हमारी संस्कृति का हिस्सा तो हैं, लेकिन स्वच्छ और विश्वसनीय रूप में शायद ही कभी मिलते हैं।

​हर घर तक देशी स्वाद पहुंचाने का सपना​Image Credit : Instagram/istock02 / 07

​हर घर तक देशी स्वाद पहुंचाने का सपना​

जयंत का सपना था कि ये पारंपरिक व्यंजन पूरे साल स्वच्छ, सस्ते और आसानी से उपलब्ध हों। वह चाहता था कि लोग त्योहारों का इंतजार किए बिना हर दिन इन स्वादों का आनंद ले सकें।

​सोच और संघर्ष में दोस्त बना साथी​Image Credit : Instagram/istock03 / 07

​सोच और संघर्ष में दोस्त बना साथी​

जब जयंत ने अपना विचार अपने दोस्त कैलाश से शेयर किया तो कैलाश तुरंत तैयार हो गया। रेलवे स्टेशन पर पानी की बोतलें बेचने वाला कैलाश स्कूल छोड़ चुका था, लेकिन उसके अंदर कुछ बड़ा करने की चाह थी। यह विचार उसे अपनी जिंदगी बदलने का मौका लगा।

​रसोई से उठी सफलता की खुशबू​Image Credit : Instagram/istock04 / 07

​रसोई से उठी सफलता की खुशबू​

दोनों दोस्तों ने घर से ही प्रयोग शुरू किए। वे रोज 10 घंटे मेहनत कर ठेकुआ, मखाना, केला चिप्स और बेसन लड्डू जैसी पारंपरिक चीजों के नए, स्वच्छ और स्वादिष्ट रूप तैयार करने में जुट गए। उनका लक्ष्य था शुद्ध अंदाज में देशी स्वाद लोगों तक पहुंचाना।

​कठिनाइयां बनीं प्रेरणा​Image Credit : Instagram/istock05 / 07

​कठिनाइयां बनीं प्रेरणा​

शुरुआत आसान नहीं थी। पहले दो महीनों तक शुद्ध स्वाद को एक भी ऑर्डर नहीं मिला। कई लोगों ने उनके सपने को मजाक समझा। लेकिन जयंत और कैलाश ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार अपने प्रोडक्ट्स बेहतर किए, सोशल मीडिया पर अपनी कहानी शेयर की और लोगों से जुड़ते रहे।

​डिजिटल दुनिया से देशभर तक​Image Credit : Instagram/istock06 / 07

​डिजिटल दुनिया से देशभर तक​

धीरे-धीरे बदलाव आने लगा। लोगों ने उनके स्नैक्स को सराहा और छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक ऑर्डर आने लगे। एक साधारण रसोई में शुरू हुआ यह सफर अब पूरे भारत में स्वाद और स्वच्छता का प्रतीक बन गया।

​शुद्ध स्वाद बना 1 करोड़ का ब्रांड​Image Credit : Instagram/istock07 / 07

​शुद्ध स्वाद बना 1 करोड़ का ब्रांड​

आज शुद्ध स्वाद 3 लाख से अधिक ग्राहकों को सेवा दे चुका है और 1 करोड़ रुपये का सफल ब्रांड बन चुका है। दो युवाओं का यह सफर न सिर्फ प्रेरणा देता है बल्कि यह भी साबित करता है कि जब इरादे सच्चे हों, तो घर की रसोई भी एक क्रांति की शुरुआत बन सकती है।

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