क्या होता है रोज गोल्ड और कैसे बनता है, जानें पीले वाले से सस्ता या महंगा

आम तौर पर लोग येलो गोल्ड यानी पीले सोने को ही जानते हैं। मगर क्या आपने कभी रोज गोल्ड या गुलाबी सोने (जिसे पिंक गोल्ड भी कहा जाता है) के बारे में सुना है? पिंक गोल्ड येलो गोल्ड से सस्ता होता है। क्यों होता है ऐसा, आगे जानते हैं।

Authored by: काशिद हुसैन Updated Sep 16 2024, 12:52 IST
​ 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध​Image Credit : IStock/Canva01 / 06

​ 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध​

ये तो आपको मालूम होगा कि 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है, मगर इस सोने से ज्वैलरी नहीं बनती। ज्वैलरी बनती है 22 कैरेट गोल्ड से। इसके लिए 24 कैरेट गोल्ड में अन्य धातु मिलाई जाती है।

​रोज कलर या गुलाबी रंग ​Image Credit : IStock/Canva02 / 06

​रोज कलर या गुलाबी रंग ​

इसी तरह गोल्ड को रोज कलर या गुलाबी रंग देने के लिए इसमें तांबा मिलाया जाता है। रोज गोल्ड ज्वैलरी के लिए एक लोकप्रिय और फैशनेबल ऑप्शन है।

​75% सोना और 25% तांबा ​Image Credit : IStock/Canva03 / 06

​75% सोना और 25% तांबा ​

रोज गोल्ड में लगभग 75% सोना और 25% तांबा होता है। मेटल्स का यह अनोखा कॉम्बिनेशन सोने की ज्वैलरी को खूबसूरती देता है।

कीमत येलो गोल्ड से कम​Image Credit : IStock/Canva04 / 06

कीमत येलो गोल्ड से कम​

रोज गोल्ड और इससे बनी ज्वैलरी की कीमत येलो गोल्ड से कम होती है। हालांकि 14 या 18 कैरेट रोज गोल्ड की कीमत येलो गोल्ड जितनी ही होती है, क्योंकि इनमें अन्य धातुओं की मिलावट बराबर होती है।

कैसे तय होती है कीमतImage Credit : IStock/Canva05 / 06

कैसे तय होती है कीमत

येलो गोल्ड में ज्वैलरी बनाने के लिए किस धातु को मिलाया गया है और रोज गोल्ड में कॉपर की मात्रा कितनी है, इससे ही इनकी कीमत तय होती है। जैसे कि यदि येलो गोल्ड में चांदी मिलाई जाए तो उसका रेट कम घटेगा, मगर कॉपर मिलाए जाने पर उसकी कीमत अधिक घटेगी।

​जितना अधिक कॉपर, कीमत उतनी कम​Image Credit : IStock/Canva06 / 06

​जितना अधिक कॉपर, कीमत उतनी कम​

येलो गोल्ड में जितना अधिक कॉपर होगा, उसकी कीमत उतनी कम होगी और उसका रंग उतना ज्यादा लाल होगा।

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