माना जा रहा है कि अगर मिडिल ईस्ट में युद्ध बढ़ा तो आईटी, इंफ्रा और तेल कंपनियों के शेयरों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। तेल के दाम बढ़ने से प्रमुख 4 कंपनियों BPCL, इंडियन ऑयल, HPCL और ONGC बुरी तरह प्रभावित होंगी।
वे कंपनियां जिन्हें मिडिल ईस्ट के देशों से काफी मात्रा में कारोबार मिलता है, वो भी इस जंग से प्रभावित होंगी। इन 6 कंपनियों में अडानी पोर्ट्स, TCS, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, विप्रो और लार्सन एंड टर्बो शामिल हैं।
इससे जिन बड़े भारतीय अरबपतियों और बिजनेस ग्रुप्स पर असर पड़ेगा, उनमें टाटा, गौतम अडानी, आनंद महिंद्रा और अजीम प्रेमजी शामिल हैं।
अडानी ग्रुप की अडानी पोर्ट्स के पास इजराइल के सबसे बड़े पोर्ट Haifa Port में 70 फीसदी हिस्सेदारी है। लड़ाई बढ़ने से अडानी पोर्ट्स के लिए भी समस्या बढ़ेगी।
1 अक्टूबर को ईरान ने इजराइल पर हमला किया था, तब से अब तक BPCL का शेयर 9%, इंडियन ऑयल 8.5%, HPCL 12.3%, ONGC 0.19%, अडानी पोर्ट्स 5.25%, TCS 1.5%, टेक महिंद्रा 0.35%, विप्रो 3.85% और लार्सन एंड टर्बो 4.06% फिसला है। केवल इंफोसिस चढ़ा है और वो भी 1.20%।