क्या आपने भी लगाया है इन 10 शेयरों में पैसा, मिडिल ईस्ट में टेंशन से हो सकते हैं धड़ाम; अडानी-टाटा-महिंद्रा से कनेक्शन

हमास के बाद अब हिजबुल्लाह और ईरान इजराइल से टक्कर ले रहे हैं। मिडिल ईस्ट में संघर्ष बढ़ा है और अभी और बढ़ने की भी संभावना है। इस संघर्ष से तेल के दाम बढ़े हैं, जबकि भारतीय शेयर बाजार रिकॉर्ड हाई लेवल से 5 फीसदी से अधिक गिर गया है।

Authored by: काशिद हुसैन Updated Oct 8 2024, 11:45 IST
तेल कंपनियों पर असरImage Credit : X/Facebook01 / 05

तेल कंपनियों पर असर

माना जा रहा है कि अगर मिडिल ईस्ट में युद्ध बढ़ा तो आईटी, इंफ्रा और तेल कंपनियों के शेयरों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। तेल के दाम बढ़ने से प्रमुख 4 कंपनियों BPCL, इंडियन ऑयल, HPCL और ONGC बुरी तरह प्रभावित होंगी।

मिडिल ईस्ट से बिजनेसImage Credit : X/Facebook02 / 05

मिडिल ईस्ट से बिजनेस

वे कंपनियां जिन्हें मिडिल ईस्ट के देशों से काफी मात्रा में कारोबार मिलता है, वो भी इस जंग से प्रभावित होंगी। इन 6 कंपनियों में अडानी पोर्ट्स, TCS, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, विप्रो और लार्सन एंड टर्बो शामिल हैं।

गौतम अडानी, आनंद महिंद्रा और अजीम प्रेमजीImage Credit : X/Facebook03 / 05

गौतम अडानी, आनंद महिंद्रा और अजीम प्रेमजी

इससे जिन बड़े भारतीय अरबपतियों और बिजनेस ग्रुप्स पर असर पड़ेगा, उनमें टाटा, गौतम अडानी, आनंद महिंद्रा और अजीम प्रेमजी शामिल हैं।

Haifa Port में 70 फीसदी हिस्सेदारीImage Credit : X/Facebook04 / 05

Haifa Port में 70 फीसदी हिस्सेदारी

अडानी ग्रुप की अडानी पोर्ट्स के पास इजराइल के सबसे बड़े पोर्ट Haifa Port में 70 फीसदी हिस्सेदारी है। लड़ाई बढ़ने से अडानी पोर्ट्स के लिए भी समस्या बढ़ेगी।

कितनी आई गिरावटImage Credit : X/Facebook05 / 05

कितनी आई गिरावट

1 अक्टूबर को ईरान ने इजराइल पर हमला किया था, तब से अब तक BPCL का शेयर 9%, इंडियन ऑयल 8.5%, HPCL 12.3%, ONGC 0.19%, अडानी पोर्ट्स 5.25%, TCS 1.5%, टेक महिंद्रा 0.35%, विप्रो 3.85% और लार्सन एंड टर्बो 4.06% फिसला है। केवल इंफोसिस चढ़ा है और वो भी 1.20%।

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