लालू प्रसाद का नाम भी ठीक से नहीं लिख पाए तेज प्रताप यादव, 'आजादी पत्र' में हैं कई गलतियां

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 27, 2021, 10:51 AM IST

लालू प्रसाद का दिल्‍ली के एम्‍स में इलाज चल रहा है। इस बीच तेज प्रताप यादव ने उनकी रिहाई को लेकर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है, जिनमें कई अशुद्धियां सामने आई हैं।

लालू प्रसाद का नाम भी ठीक से नहीं लिख पाए तेज प्रताप यादव, 'आजादी पत्र' में हैं कई गलतियां
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पटना : बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री और राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद बीमार हैं और उन्‍हें दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (AIIMS) में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद का इलाज इससे पहले रांची के राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में इलाज चल रहा था, लेकिन उनकी हालत में लगातार गिरावट को देखते हुए उन्‍हें दिल्‍ली एम्स में भर्ती कराया गया है। इस बीच उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपने बीमार पिता की रिहाई की मांग को लेकर एक अभियान शुरू किया है।

तेज प्रताप ने इसकी शुरुआत करते हुए सोमवार को राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्‍होंने लालू प्रसाद को रिहा करने का अनुरोध किया। आरजेडी नेता ने इसे 'आजादी पत्र' नाम दिया है। इस अभियान के तहत आरजेडी कार्यकर्ताओं और लालू प्रसाद के समर्थकों द्वारा राष्‍ट्रपति को 2 लाख 'आजादी पत्र' लिखने का लक्ष्‍य तय किया गया है। हालांकि इससे पहले तेज प्रताप का वह पोस्‍टकार्ड सुर्खियों में है, जिस पर उन्‍होंने लालू प्रसाद की रिहाई को लेकर राष्‍ट्रपति से मांग की है। इसमें वर्तनी की कई अशुद्धियां हैं। यहां तक कि वह अपने पिता का नाम भी सही से लिख नहीं पाए हैं।

पोस्‍टकार्ड में हैं कई गलतियां

तेज प्रताप ने खुद यह पोस्‍टकार्ड ट्वीट किया है, जिसमें कई अशुद्धियां नजर आ रही हैं। मुश्किल से 20 शब्दों के पोस्टकार्ड में कुल छह गलतियां हैं, जिनमें लालू प्रसाद का गलत तरीके से लिखा गया नाम भी शामिल है। तेज प्रताप ने जो पोस्‍टकार्ड शेयर किया है, उसमें 'आदरणीय श्री लालू प्रसाद जी के बदले 'आपरणीय श्री लालु प्रसाद जी' लिखा हुआ है। वहीं, 'मसीहा' को 'मसिहा' लिखा गया है, जबकि 'मूल्य' को 'मुल्य', 'गरीबों' को 'गरीवों' और 'वंचित' को 'बंचित' लिखा गया है। उन्‍होंने मानवीय मूल्‍यों के आधार पर लालू प्रसाद की रिहाई की मांग राष्‍ट्रपति से की है।

लालू प्रसाद को 23 जनवरी (शनिवार) को देर रात एयर एंबुलेंस से दिल्‍ली लाया गया था, जिसके बाद उन्‍हें एम्‍स के कार्डियोथोरेसिक सेंटर की कोरोनरी केयर यूनिट (सीसीयू) में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि उनकी किडनी बस 25 प्रतिशत ही काम कर रही है। इस बीच लालू प्रसाद के परिवार वालों और पार्टी का आरोप है कि आरजेडी नेता को षड्यंत्र के तहत 2018 में एम्‍स से हटाकर रांची के रिम्‍स भेज दिया गया था, जबकि यह बात हर किसी को मालूम थी कि वहां उस स्‍तर की चिकित्‍सा सुविधा उपलब्‍ध नहीं है, जिसकी दरकार लालू प्रसाद को है।

लालू प्रसाद की रिहाई को लेकर अभियान की शुरुआत करने वाले तेज प्रताप यादव ने यह भी कहा कि उन्‍हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया और साजिश के तहत आज तक बंधक बनाकर रखा गया। उन्‍होंने कहा कि इस केस में जितने लोग थे सबको जमानत मिल गई है, लेकिन उनके पिता को बंधक बनाकर रखा गया है, जबकि उन्‍होंने गरीबों को आवाज दी और उनके लिए काम किया।
 

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