मध्य प्रदेश

बालाघाट में सरकार और सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता; सीएम यादव के सामने 10 माओवादियों ने किया सरेंडर

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में रविवार को 10 माओवादियों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने आत्मसमर्पण किया। यह कदम राज्य की 'रिहैबिलिटेशन थ्रू रीबर्थ' योजना के तहत हुआ और माओवादी प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। आत्मसमर्पण से यह संकेत मिलता है कि लंबे समय से हिंसक गतिविधियों में शामिल माओवादियों की पकड़ कमजोर हो रही है।

10 Maoists surrendered before CM Yadav in Balaghat (Photo: Twitter -@DrMohanYadav51)

बालाघाट में सीएम यादव के सामने 10 माओवादियों ने किया सरेंडर (फोटो: Twitter -@DrMohanYadav51)

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Balaghat Maoist Surrender: मध्य प्रदेश में बालाघाट जिले में रविवार को 10 माओवादियों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के समक्ष आत्मसमर्पण किया। बालाघाट, छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित क्षेत्रों की सीमा से सटा हुआ है। यह आत्मसमर्पण राज्य की 'रिहैबिलिटेशन थ्रू रीबर्थ' योजना के तहत हुआ और इसे माओवादियों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। इन कैडरों का लंबे समय से केबी और एमएमसी (महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश सेंट्रल) जोन में हिंसक घटनाओं में सक्रिय रहना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। इनके पुराने कृत्यों में आईईडी ब्लास्ट करना, पुलिस पर गोलीबारी, गांववासियों में भय फैलाना, जंगल के रास्तों पर नियंत्रण करना और ऑपरेशनल टीमों पर हमला करना शामिल है।

माओवादी को भारतीय संविधान

एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक माओवादी को भारतीय संविधान की प्रति प्रदान की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृष्टिकोण के अनुरूप प्रदेश को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से मुक्त कराने के प्रयास में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को देश के खिलाफ हथियार उठाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने माओवादी कैडरों से अपील की कि वे सरकार की रिहैबिलिटेशन नीति अपनाएं और भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा, व्यक्तिगत उन्नति और समाज की मुख्यधारा में वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव कदम उठाए जाएंगे।

नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी

ग्राउंड ऑपरेशन और सरकार की रिहैबिलिटेशन नीति के निरंतर दबाव के चलते माओवादियों ने मुख्यमंत्री के सामने अपने हथियार, जिनमें एके-47, इंसास राइफल, एसएलआर और बीजीएल शामिल थे, जमा कर दिए। इसे केबी क्षेत्र में माओवादी पकड़ कमजोर होने का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और सुरक्षाबलों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि नक्सल विरोधी अभियान को लगातार और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने स्पेशल सपोर्ट स्क्वॉड के लिए 15 नए अस्थायी शिविर और 882 पोस्ट स्थापित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि लगातार निगरानी, गहन जांच और ठोस कार्रवाई के कारण राज्य में माओवादी गतिविधियों की उपस्थिति तेजी से घट रही है।

46 वन-स्टॉप फैसिलिटी सेंटर

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 46 वन-स्टॉप फैसिलिटी सेंटर खोले गए, जो रोजगार के अवसर, फॉरेस्ट राइट्स सर्टिफिकेट और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान करते हैं। शहीद आशीष शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि हॉक फोर्स के सदस्यों समेत 328 पुलिस अधिकारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन दिया गया। डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अभियान को नई ताकत मिली है, नए शिविर बनाए गए हैं और फोर्स बढ़ाई गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारियों और जवानों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है, और इसका परिणाम सरेंडर की बढ़ती संख्या में साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस नक्सल-मुक्त भारत के लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध है, और प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं व नागरिकों को रोजगार और कौशल विकास के माध्यम से मुख्यधारा में शामिल करने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

(इनपुट - आईएएनएस)

 Nilesh Dwivedi
Nilesh Dwivedi author

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अप... और देखें

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