MP में आज का मौसम (20 Jan 2026): मध्य प्रदेश में बीते दिनों से जारी कड़ाके की सर्दी के बीच लोगों को फिलहाल कुछ राहत महसूस हो रही है। रात के न्यूनतम तापमान में पिछले दो दिनों के दौरान करीब चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिन में धूप निकलने से ठिठुरन में भी कमी आई है, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। जनवरी के आखिरी हफ्ते में राज्य में एक बार फिर कनकनी बढ़ सकती है।
क्यों बदला मौसम का रुख
पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय मौसम प्रणालियों के आगे बढ़ने से फिलहाल ठंड का असर कुछ कमजोर हुआ है। इसी वजह से रातों के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि, जैसे ही ये सिस्टम आगे निकलेंगे, उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं फिर से मध्य प्रदेश में असर दिखा सकती हैं। फिलहाल मध्य प्रदेश के ऊपर दो प्रमुख मौसम तंत्र सक्रिय हैं। पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से कई जिलों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। बादलों की मौजूदगी के कारण रात में तापमान बहुत ज्यादा नीचे नहीं जा रहा, लेकिन सिस्टम कमजोर पड़ते ही ठंड का असर तेज हो सकता है।
21 जनवरी के बाद बढ़ेगी हलचल
मौसम विभाग का अनुमान है कि 21 जनवरी के आसपास एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से 23 जनवरी के बाद जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में मौसम बिगड़ सकता है। इस बदलाव का असर मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग में बादल छाने के साथ हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं। अगले चार दिनों तक किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन आने वाला पश्चिमी विक्षोभ अधिक प्रभावशाली हो सकता है। अगले कुछ दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।
प्रदेश के इन इलाकों में सबसे ज्यादा ठंड
हालिया आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान कटनी जिले का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 8.2 डिग्री तक पहुंच गया। भोपाल में 10.6 डिग्री, ग्वालियर में 10.8 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में 13.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक जनवरी के अंतिम दिनों में ठंड एक बार फिर तेज हो सकती है। पश्चिमी हिमालय में नए सिस्टम के सक्रिय होते ही उत्तर से ठंडी और शुष्क हवाएं चलने की संभावना है, जिससे प्रदेश में तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
