लखनऊ : उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में कोविड-19 के केस में वृद्धि देखने को मिली है। एक समय तक इसके संक्रमण पर यूपी सरकार एक हद तक रोक लगाने में सफल होती दिखी लेकिन प्रवासी मजदूरों का आवागमन शुरू होने के साथ ही कोरोना के मामले में एक बार फिर बढ़ने लगे। सूबे के 80 में से 52 जिलों में इस महामारी का प्रकोप देखा जा रहा है। राजधानी लखनऊ भी इससे अछूती नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मानें तो लखनऊ में कोरोना वायरस के अब तक 167 मामले सामने आए हैं। आगरा के बाद लखनऊ में कोविड-19 के सबसे ज्यादा केस हैं। आगरा में कोरोना वायरस से संक्रमण के 241 मामले सामने आए हैं।
राज्य में 4926 लोग संक्रमित
महामारी की शुरुआत होने के बाद से उत्तर प्रदेश सरकार इसके संक्रमण पर रोक लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके बावजूद राज्य में इस महामारी से 4926 लोग संक्रमित हुए हैं। इनमें से 2918 लोगों को उपचार के बाद ठीक कर दिया गया है जबकि इससे 123 लोगों की जान गई है। राज्य में प्रवासी मजदूरों के पहुंचने से इस महामारी की संख्या में एक बार इजाफा देखा गया है।
उत्तर प्रदेश के टॉप 5 प्रभावित जिले
आगरा 241
लखनऊ 167
गौतमबुद्ध नगर 98
मेरठ 75
सहारनपुर 72
बुधवार को 23 और नए केस मिले
इस बीच, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ने बुधवार को कहा कि राज्य में कोविड-19 के 23 और मामले सामने आए हैं। यूनिवर्सिटी ने अपने एक बयान में कहा कि मंगलवार को 1485 नमूनों को माइक्रोबॉयलोजी विभाग में जांच के लिए भेजा गया। इनमें से 23 रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पॉजिटिव पाए जाने वाले ज्यादातर लोग लखनऊ, मुरादाबाद और उन्नाव क्षेत्र के रहने वाले हैं।
हॉटस्पॉट इलाकों पर सरकार की है विशेष नजर
प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने मीडिया से बातचीत में कहा संक्रमित लोगों के संपर्क में आए या निगरानी में संदिग्ध पाए गए 12, 427 लोगों को पृथक-वास केंद्रों पर रखा गया है। प्रसाद ने बताया कि मंगलवार को पहली बार नमूना जांच का आंकड़ा सात हजार को पार कर गया और कुल 7,179 नमूनों की जांच की गई। कुल 558 पूल जांच के लिए लगाए गए और इनमें से 65 लोग संक्रमित निकले। उन्होंने बताया कि हॉटस्पाट और अन्य क्षेत्रों में लगातार सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है। कुल 67 लाख 64 हजार 24 घरों में तीन करोड़ 38 लाख 77 हजार से अधिक लोगों का सर्वेक्षण किया गया है।

