Dil Shayari in Hindi 2 line: आज वर्ल्ड हार्ट डे है। हर साल की तरह इस बार भी यह खास दिन 29 सितंबर को पड़ा है। यह दिन खास तौर पर लोगों के बीच दिल से जुड़ी बीमारियों और उसे सेहतमंद रखने के प्रति जागरुक करने के लिए डेडिकेटेड है। दिल इंसान के शरीर का सबसे जरूरी हिस्सा होता है। इसी दिल पर देश दुनिया के कई मशहूर शायरों ने एक से बढ़कर एक खूबसूरत शेर लिखे हैं। आइए पढ़ते हैं इश्क में टूटे दिल पर चंद बेहतरीन शेर:
1. रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ
आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ
- अहमद फ़राज़
2. दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
- फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
3. हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन
दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
- मिर्ज़ा ग़ालिब
4. और क्या देखने को बाक़ी है
आप से दिल लगा के देख लिया
- फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
5. ज़िंदगी किस तरह बसर होगी
दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में
- जौन एलिया
7. दिल आबाद कहां रह पाए उस की याद भुला देने से
कमरा वीराँ हो जाता है इक तस्वीर हटा देने से
- जलील ’आली’
8. तुम्हारा दिल मिरे दिल के बराबर हो नहीं सकता
वो शीशा हो नहीं सकता ये पत्थर हो नहीं सकता
- दाग़ देहलवी
9. दिल धड़कने का सबब याद आया
वो तिरी याद थी अब याद आया
- नासिर काज़मी
10. ज़िंदगी ज़िंदा-दिली का है नाम
मुर्दा-दिल ख़ाक जिया करते हैं
- इमाम बख़्श नासिख़
11. दिल में किसी के राह किए जा रहा हूँ मैं
कितना हसीं गुनाह किए जा रहा हूँ मैं
- जिगर मुरादाबादी
12. मिलाते हो उसी को ख़ाक में जो दिल से मिलता है
मिरी जां चाहने वाला बड़ी मुश्किल से मिलता है
- दाग़ देहलवी
13. दिल को तिरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है
और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता
- अहमद फ़राज़
14. आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा
वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा
- अहमद फ़राज़
15. हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते हैं
उम्रें बीत जाती हैं दिल को दिल बनाने में
- बशीर बद्र
16. दिल की तकलीफ़ कम नहीं करते
अब कोई शिकवा हम नहीं करते
- जौन एलिया
17. आप पहलू में जो बैठें तो सँभल कर बैठें
दिल-ए-बेताब को आदत है मचल जाने की
- जलील मानिकपूरी
18. तुम ज़माने की राह से आए
वर्ना सीधा था रास्ता दिल का
- बाक़ी सिद्दीक़ी
19. बस इक झिजक है यही हाल-ए-दिल सुनाने में
कि तेरा ज़िक्र भी आएगा इस फ़साने में
- कैफ़ी आज़मी
20. कितनी दिलकश हो तुम कितना दिल-जू हूँ मैं
क्या सितम है कि हम लोग मर जाएँगे
- जौन एलिया
21. दुनिया की महफ़िलों से उकता गया हूँ या रब
क्या लुत्फ़ अंजुमन का जब दिल ही बुझ गया हो
- अल्लामा इक़बाल
दिल पर लिखे इन शेर की खूबसूरती ये है कि पढ़ने वालों को लगता है कि ये उनके लिए ही लिखा गया है। इसी जादू के कारण ये शेर सालों से सुने और सुनाए जा रहे हैं। उम्मीद करते हैं कि आपको भी ये ये शेर जरूर पसंद आए होंगे।
