World AIDS Day 2023 Date and Theme : विश्व एड्स दिवस हर साल 1 दिसंबर को मनाया जाता है। एचआईवी संक्रमित लोगों के लिए सपोर्ट दिखाने और एड्स रोगियों को साहस देने के लिए हर साल इसे एक विशेष थीम भी दिया जाता है। साल 2023 का थीम 'लेट कम्युनिटी लीड' है। इसकी शुरुआत सन 1987 में हुई थी, जब विश्व एड्स दिवस को पहले अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य दिवस के रूप में स्थापित किया गया था। इस खास दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य एड्स को लेकर हर उम्र के लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है, इसलिए इस दिन के इतिहास, महत्व और थीम के बारे में जानना बेहद जरूरी है।
वर्ल्ड एड्स डे 2023 की थीम क्या है?
World AIDS Day 2023 Theme: इस साल विश्व एड्स दिवस की थीम 'लेट कम्युनिटी लीड' तय की गई है। यूएनएड्स के अनुसार, इसका मतलब है कि यह समुदायों को उनकी नेतृत्व करने की भूमिकाओं में सक्षम बनाने और उनका समर्थन करने के लिए कार्रवाई का आह्वान है। विश्व एड्स दिवस 2023 इस बात पर प्रकाश डालेगा कि एड्स को समाप्त करने के लिए सामुदायिक नेतृत्व की पूरी क्षमता का उपयोग किया जाए।

World AIDS Day 2023
वर्ल्ड एड्स डे 2023 का इतिहास
विश्व एड्स दिवस को पहली बार 1987 में मान्यता दी गई थी। इस दिन को मनाने का सीधा उद्देश्य राष्ट्रीय और राज्य सरकारों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और व्यक्तियों के बीच एड्स के बारे में जागरुगता बढ़ाना था। इस नोबल मिशन को सुविधाजनक बनाना भी जरूरी था। ऐसे में जिनेवा, स्विट्जरलैंड में विश्व स्वास्थ्य संगठन में दो सार्वजनिक सूचना अधिकारी जेम्स डब्ल्यू बन्न और थॉमस नेट्टर ने विश्व एड्स दिवस की घोषणा की। सन 1996 से UNAIDS (HIV/AIDS पर संयुक्त संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम) इसे आयोजित करने और प्रमोट करने का काम कर रहा है। फिर 30 नवंबर, 2017 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक दिन देते हुए, 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस घोषित कर दिया।

history of world aids day
वर्ल्ड एड्स डे 2023 का महत्व
साल 2021 के आंकड़े बताते हैं कि लगभग 3814 मिलियन लोग एचआईवी के साथ जी रहे थे, जिनमें से 2516 मिलियन एचआईवी के साथ डब्ल्यूएचओ अफ्रीकी क्षेत्र में हैं। UK में हर साल 4,139 से अधिक लोगों में HIV का निदान किया जाता है और इस स्थिति के साथ रहने वाले कई लोगों के लिए भेदभाव अभी भी एक कठोर सच्चाई है। विश्व एड्स दिवस जरूरी है, क्योंकि यह जनता और सरकार को याद दिलाता है कि यह एक गंभीर समस्या है जिसके लिए तत्काल जागरूकता और बेहतर शैक्षिक अवसरों की जरूरत है।
