गर्मियों के मौसम में कई घर दिनभर तपते रहते हैं और रात में भी दीवारों से गर्मी निकलती रहती है। ऐसे में लोग AC, कूलर और पंखों पर ज्यादा खर्च करने लगते हैं। लेकिन घर गर्म रहने के पीछे की एक वजह घर बनाने में इस्तेमाल हुई सामग्री भी है। खासतौर पर ईंटें घर के तापमान को काफी हद तक प्रभावित करती हैं।
अगर सही ईंट का इस्तेमाल किया जाए, तो घर अंदर से ज्यादा ठंडा और आरामदायक महसूस हो सकता है। आजकल मार्केट में कई तरह की ईंटें उपलब्ध हैं, लेकिन हर ईंट गर्म इलाकों के लिए सही नहीं मानी जाती। कुछ ईंटें गर्मी को जल्दी सोख लेती हैं, जबकि कुछ ईंटें अंदर तक गर्मी पहुंचने से रोकने में मदद करती हैं। इसलिए घर बनाते समय सिर्फ मजबूती ही नहीं, बल्कि टेम्परेचर कंट्रोल का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।
फ्लाई ऐश ईंट मानी जाती है बेहतर
गर्मी वाले इलाकों में फ्लाई ऐश ब्रिक्स काफी जिमांड में रहती हैं। ये ईंटें नॉर्मल वाली लाल ईंटों की तुलना में कम गर्म होती हैं और घर के अंदर तापमान को थोड़ा संतुलित रखने में मदद कर सकती हैं।

Ghar ko thanda rakhne ke liye eint
मिट्टी की लाल ईंट भी देती है नेचुरल कूलिंग
ट्रेडिशनल वाली मिट्टी की लाल ईंटें भी सही क्वालिटी की हों तो घर को नेचुरल तौर पर ठंडक देने में मदद कर सकती हैं। गांवों के पुराने घरों में यही वजह थी कि गर्मी कम महसूस होती थी।
AAC ब्लॉक की भी डिमांड
AAC ब्लॉक हल्के और थर्मल इंसुलेशन वाले माने जाते हैं। ये बाहर की गर्मी को अंदर आने से काफी हद तक रोकते हैं, इसलिए मॉडर्न घरों में इनका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।यह भी पढ़ें - गर्मी में ओढ़ने वाली चादर कौन सी है
सफेद पेंट और प्लास्टर भी जरूरी
सिर्फ ईंट ही नहीं, दीवार की मोटाई भी घर को ठंडा रखने में अहम भूमिका निभाती है। मोटी दीवारें गर्मी को अंदर आने में ज्यादा समय लगाती हैं। अगर ईंट अच्छी हो लेकिन बाहर की सतह बहुत ज्यादा गर्मी सोखती हो, तो फायदा कम हो सकता है। हल्के रंग का पेंट और सही प्लास्टर घर को ठंडा रखने में मदद कर सकता है। गलत ईंट से बना घर गर्मियों में जल्दी तप सकता है। इसलिए बजट के साथ-साथ मौसम और लोकेशन के हिसाब से ईंट चुनना ज्यादा समझदारी माना जाता है।
