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Solo Polyamory: रोमांस के लिए एक से अधिक पार्टनर, पर शादी से तौबा, क्या है सोलो पॉलीमोरी, क्यों इसके पीछे पागल हैं युवा

What is Solo Polyamory (क्या है सोलो पॉलीमोरी ): इंटरनेट और डेटिंग ऐप्स की इस दुनिया में रिश्तों के नए-नए रंग देखने को मिल रहे हैं। अब अगर आपको ऐसा सुनाई दे कि कोई एक साथ एक से अधिक लोगों के साथ रोमांटिक रिश्ता रख रहा है तो हैरान मत होइएगा। यह बहुत आम हो चला है। एक इंसान को कई लोगों से प्यार है, लेकिन इसके बाद भी वह किसी एक के साथ रिश्ते में ना बंधकर आजाद रहता है।

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What is Solo Polyamori in Relationship (सोलो पॉलीमोरी क्या है)

What is Solo Polyamori Relationship in Hindi: मैं जिस दिन भुला दूं तेरा प्यार दिल से, वो दिन आखिरी हो मेरी जिंदगी का.., यह फिल्मी गीत रिश्ते में ईमानदारी की बात कर रहा है। प्यार हो या फिर दोस्ती या फिर किसी और तरह का रिलेशनशिप, किसी भी तरह के रिश्ते के लिए सबसे जरूरी ये होता है कि उसमें विश्वास हो। बात जब प्यार की होती है तो कोई सात समुंदर पार कर जाता है तो कोई दुनिया भुला देने की। लेकिन बदलते दौर के साथ प्यार का रिश्ता भी बदला है। अब रिश्तों से मोहब्बत गायब हो रही है और ये काफी हद तक सेक्शुअल प्लेजर तक सीमित रह गया है।

इंटरनेट और डेटिंग ऐप्स की इस दुनिया में रिश्तों के नए-नए रंग देखने को मिल रहे हैं। अब अगर आपको ऐसा सुनाई दे कि कोई एक साथ एक से अधिक लोगों के साथ रोमांटिक रिश्ता रख रहा है तो हैरान मत होइएगा। यह बहुत आम हो चला है। एक इंसान को कई लोगों से प्यार है, लेकिन इसके बाद भी वह किसी एक के साथ रिश्ते में ना बंधकर आजाद रहता है। पुराने लोगों को यह थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन Gen Z कही जाने वाली आज की पीढ़ी ने इसे भी मुमकिन बना दिया है। ऐसे रिश्ते तो इंटरनेट और डेटिंग की दुनिया में सोलो पॉलीमोरी का नाम दिया गया है।

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Solo Polyamori Meaning in Hindi

क्या होता है सोलो पॉलीमोरी (What is Solo Polyamori)

आजकल के युवा डेटिंग एप्स पर पार्टनर तलाश रहे हैं। वह पहले ही बता देते हैं कि उन्हें कैसा पार्टनर चाहिए। एक जैसी रुचि रखने वाले दो लोग मिलते हैं और रोमांटिक रिश्ते की शुरुआत कर देते हैं। लेकिन इन दिनों इन्ही डेटिंग ऐप्स को खंगालेंगे तो पता चलता है कि कई युवा ऐसे हैं जो एक से अधिक लोगों के साथ रोमांटिक रिश्ता रखना चाहते हैं। ऐसे लोगों की भरमार है। बात यहीं खत्म नहीं होती। ये लोग एक से अधिक लोगों के साथ रोमांटिक रिश्ता तो रख रहे हैं लेकिन इनकी ये शर्त भी रहती है कि ये शादी किसी से नहीं करेंगे। इस तरह के रोमांटिक रिलेशनशिप को डेटिंग की भाषा में सोलो पॉलीमोरी कहा जाता है।

सोलो पॉलीमोरी में लोग रिश्ते में रहकर भी आजाद होते हैं। इसमें कई सारे लोगों से संबंध बनाने के बावजूद भी कोई एक दूसरे के साथ शादी करने या लंबे रिलेशनशिप के वादे में नहीं बंधता है। लोग अकेले रहना पसंद करते हैं। ऐसे रिश्तों में पर्सनल वैल्यूज को सबसे अधिक अहमियत दी जाती है। आसान भाषा में समझा जाए तो सोलो पॉलीमोरी वह ट्रेंड है जिसमें कोई कई लोगों के साथ रिलेशनशिप में रहकर भी सिंगल होता है।

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Solo Polyamori Trend in Relationship

सोलो पॉलीमोरी में लोग प्यार को अपनी ही नई परिभाषा में गढ़ते हैं। रिलेशनशिप के इस नए सेटअप में लोग अपने साथी के साथ नहीं रहते हैं और ना ही फाइनेंस को शेयर करते हैं। वह पारम्परिक रिश्तों की तरह प्यार, शादी और बच्चे पैदा करने में विश्वास नहीं रखते हैं। वे खुद को खुद की आजादी को अपना सबसे मुख्य साथी मानते हैं।

किन लोगों के लिए है सोलो पॉलीमोरी

यूं तो इस तरह के रिलेशनशिप की कोई उम्र नहीं होती लेकिन सबसे ज्यादा इसे वो युवा अपना रहे हैं जो किसी भी तरह के रिश्ते में बंधना नहीं चाहते। सोलो पॉलीमोरी को वो लोग चुन रहे हैं जो रिश्ते में रहकर भी बंधना पसंद नहीं करते। अपने प्यार और पर्सनैलिटी दोनों को साथ में लेकर चलने वालों को रिलेशनशिप का यह नया ट्रेंड भा रहा है। अपनी शर्तों पर रोमांटिक रिश्ते की चाह रखने वालों को भी सोलो पॉलीमोरी रिलेशनशिप में देखा जा सकता है। इस तरह का रिलेशनशिप उन लोगों के लिए है, जो कई सारे लोगों से संबंध रखकर भी किसी के लिए जवाबदेह नहीं होना चाहता और अपनी आजादी भी बनाए रखना चाहता है।

कितनी तेजी से फैल रहा सोलो पॉलीमोरी का ट्रेंड

तमाम रिपोर्ट्स बताती हैं कि लोग अब शादी के बंधन में बंधना नहीं चाहते। मसलन ओईसीडी की एक स्टडी को ले लें तो पता चलता है कि 2020 में 32 देशों में विवाह दर में 20 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं 2023 डेटिंग साइट बम्बल की एक सर्वे में पाया गया कि 60 प्रतिशत भारतीय खुले संबंधों या सोलो पॉलीमोरी को चुन रहे हैं। यह ट्रेंड बहुत तेजी से फैल रहा है।

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Benefits of Solo Polyamori

सोलो पॉलीमोरी के फायदे (Benefits of Solo Polyamori)

सोलो पॉलीमोरी के कई फायदे हैं। इसमें व्यक्ति अपने फ़ैसले खुद लेता है। वह अपने किसी भी पार्टनर पर निर्भर नहीं रहता। उसे एक वक्त पर ही एक से अधिक लोगों का प्यार और समर्थन मिलता है। सोलो पॉलीमोरी में व्यक्ति अपनी इच्छाओं, सीमाओं, और रिश्ते की आकांक्षाओं को समझने में मदद मिलती है। इसमें कोई भी व्यक्ति सबसे पहले अपनी इच्छाओं और जरूरतों को प्राथमिकता देना सीख जाता है।

सोलो पॉलीमोरी के नुकसान (Bad Effects of Solo Polyamori)

सोलो पॉलीमोरी रिलेशनशिप के पीछे भले आज के युवा पागल हैं लेकिन इसके गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं। उन्हें समाज के विद्रोह का सामना कर पड़ सकता है, क्यों कि बहुत से लोग ऐसे हैं जो इस तरह के रिश्ते को गलत मानते हैं। इसके अलावा आप जीवन के एक मुहाने पर पहुंचकर अकेलापन महसूस कर सकते हैं। कई लोगों के साथ शारीरिक संबंध बनाने से एसटीडी से संक्रमित होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

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Negative Effects of Solo Polyamori

सोलो पॉलीमोरी में किन बातों का रखें ध्यान

अगर आप रिलेशनशिप के इस नए ट्रेंड के साथ बहना चाहते हैं तो सबसे पहले तो ये जान लें कि ये उन लोगों के लिए है जो समाज से लड़ने और अकेले जिंदगी बिताने को लेकर गंभीर है। अगर आप ऐसे हैं तो सबसे पहले ये जानकारी जुटा लें कि इस तरह के रिश्तों का अंजाम कैसा होता है। लोगों की केस स्टडी पढ़ें। रिसर्च रिपोर्ट्स पढ़ें। आप चाहें तो किसी प्रोफेशनल रिलेशनशिप एक्सपर्ट से सोलो पॉलीमोरी के फायदे और नुकसान को समझ सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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