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Oil Bathing: क्या होता है तेल स्नान, क्या है ऑयल बाथिंग का सही तरीका, मजबूत होगा शरीर

तेल स्नान की इस प्रक्रिया को नियमित रूप से हर चार दिन में एक बार दोहराने से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है। खासकर मौसम बदलने पर होने वाली सर्दी-जुकाम, बुखार जैसी बीमारियों से बचाव होता है।

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क्या होता है तेल स्नान, जानिए ऑयल बाथिंग का सही तरीका, मजबूत होगा शरीर (Photo: iStock)

मौसम के बदलते ही शरीर पर सबसे पहले अटैक मौसमी बीमारियों का होता है। ऐसे में तेल स्नान बेहद कारगर होता है। सिद्ध प्रणाली की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में तेल स्नान को एक महत्वपूर्ण और प्रभावी अभ्यास के रूप में मान्यता प्राप्त है।

तेल स्नान का प्राचीन तरीका न केवल शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाता है, बल्कि संवेदी अंगों को मजबूत बनाता है और मौसमी बीमारियों से बचाव भी करता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, हर चार दिन में एक बार इस निवारक विधि को अपनाने से पूरे स्वास्थ्य को बड़ा लाभ मिल सकता है।

सिद्ध चिकित्सा दक्षिण भारत की प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली है, जो आयुर्वेद से प्रेरित है। तेल स्नान को 11 सबसे जरूरी उपचारों में से एक माना जाता है। इसका उपयोग विभिन्न बीमारियों को रोकने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह एक सरल घरेलू उपाय है, जो रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से शामिल किया जा सकता है।

तेल स्नान करने की विधि बहुत आसान है। इसके लिए सबसे पहले पूरे शरीर और सिर (स्कैल्प) पर तिल का तेल या शुद्ध गाय का घी अच्छी तरह लगाएं। तेल को कुछ देर शरीर पर रहने दें ताकि यह त्वचा में अच्छे से समा सके। इसके बाद तेल को हटाने के लिए पारंपरिक हर्बल बाथ पाउडर, जिसे पंचकर्पम कहा जाता है, का उपयोग करें। यह हर्बल पाउडर प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बना होता है और त्वचा को साफ करने के साथ-साथ ताजगी देता है।

तेल स्नान की इस प्रक्रिया को नियमित रूप से हर चार दिन में एक बार दोहराने से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है। खासकर मौसम बदलने पर होने वाली सर्दी-जुकाम, बुखार जैसी बीमारियों से बचाव होता है। साथ ही यह मांसपेशियों और नसों को मजबूती देता है, जिससे मोटर फंक्शन बेहतर होते हैं और संवेदी अंग जैसे त्वचा, आंखें आदि स्वस्थ रहते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे सरल उपाय आधुनिक जीवन की भागदौड़ में भी आसानी से अपनाए जा सकते हैं और लंबे समय तक स्वास्थ्य लाभ देते हैं। इस्तेमाल से पहले वैद्य से सलाह जरूर लें।

(इनपुट-आईएएनएस)

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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