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ना रिश्ता ना रजिस्ट्रेशन, सिर्फ डांस और डेकोरेशन: क्या है फेक वेडिंग ट्रेंड, क्यों इन नकली शादियों के दीवाने हुए लोग

Fake Weddings: सोचिए कि मंडप सजा है, बैंड बाजा बज रहा है, दूल्हा घोड़ी पर बैठा है और दुल्हन फूलों की सेज तक आ चुकी है..लेकिन कोई शादी नहीं हो रही। जी हां, यही है फेक वेडिंग। फेक वेडिंग ट्रेंड में मेहमान, कपड़े, सजावट, नाच गाना और खाना, सब कुछ असली होता है। बस कुछ नकली होती है तो वो है शादी।

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क्या है फेक वेडिंग पार्टी का ट्रेंड? (Photo: Pexels)

Fake Wedding Trend in India: क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपको बिना शादी के दूल्हा या दुल्हन बनने का मौका मिले तो आप क्या करेंगे? आप का सबसे पहला रिएक्शन होगा कि ये क्या सवाल हुआ। लेकिन ये सवाल आजकल ट्रेंड में है। Gen Z कहलाने वाली आज की युवा पीढ़ी बढ़-चढ़कर ऐसा कर रही है। भारत में नई तरह की शादी का ट्रेंड शुरू हुआ है। यह नया ट्रेंड है फेक वेडिंग का। यहां शादी नहीं होती, बस शादी जैसा जश्न होता है। भारत में फेक वेडिंग का ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या है फेक वेडिंग ट्रेंड?

सोचिए कि मंडप सजा है, बैंड बाजा बज रहा है, दूल्हा घोड़ी पर बैठा है और दुल्हन फूलों की सेज तक आ चुकी है..लेकिन कोई शादी नहीं हो रही। जी हां, यही है फेक वेडिंग। फेक वेडिंग ट्रेंड में मेहमान, कपड़े, सजावट, नाच गाना और खाना, सब कुछ असली होता है। बस कुछ नकली होती है तो वो है शादी। इस फर्जी शादी में असली दूल्हा-दुल्हन नहीं होते और न ही सात फेरे होते हैं। यह एक तरह की पार्टी होती है जिसमें शादी का पूरा माहौल रचा जाता है, लेकिन मकसद एंटरटेनमेंट और सेल्फ-एक्सप्रेशन होता है।

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बैंड बाजा असली और शादी नकली(Photo Source: Pexels)

कहां से शुरू हुआ फेक वेडिंग का जश्न?

इंटरनेट पर जो जानकारी उपलब्ध है उसके मुताबिक फेक वेडिंग्स की शुरुआत दक्षिण कोरिया से हुई। साल 2010 में कुछ कोरियन यंगस्टर्स ने फेक मैरिज इवेंट्स ऑर्गेनाइज किये थे। उस वक्त ऐसी पार्टीज की खूब चर्चा हुई थी। कोरिया से निकल यह चलन जापान और फिर यूरोप के कुछ देशों तक पहुंचा। अब ऐसी फेक वेडिंग्स भारत में भी जोर पकड़ चुकी हैं। हालांकि ऐसी 'शादियां' पुणे, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे महानगरों में ज्यादा हो रही हैं।

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कोरिया से निकल यूरोप होते हुए भारत पहुंचा फेक वेडिंग का ट्रेंड (Photo Source: Pexels)

Fake Wedding भारत में क्यों हो रहा वायरल?

भारत जैसे देश में शादी सबसे बड़ा पारिवारिक आयोजन होता है। यहां के ज्यादातर युवाओं पर शादी का सामाजिक दबाव भी काफी होता है। ऐसे में यहां फेक वेडिंग ट्रेंड का चलन थोड़ा चौंकाने वाला जरूर है। 3 Cheers नाम से वेडिंग इवेंट मैनेजमेंट कंपनी चलाने वाले अजय तिवारी बताते हैं कि, 'आज के युवा जो सब कुछ सोशल मीडिया को दिमाग में रखकर करते हैं उनके लिए फेक वेडिंग बहुत अच्छा अवसर है। पिछले कुछ सालों में सोलो वेडिंग या फिर ब्राइडल फोटोशूट्स ने भी युवाओं के फेक वेडिंग की तरफ आकर्षित किया है। ये लोग इसे लाइमलाइट, सोशल मीडिया लाइक्स, फोटोज और मजे के लिए करते हैं।'

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नकली शादी में असली खुशी तलाश रहे युवा (Photo: The Event Designer)

वहीं दिल्ली में द इवेंट डिजाइनर की फाउंडर और वेडिंग प्लानर निशिता अग्रवाल बताती हैं कि, 'फेक वेडिंग्स यूथ के बीच एक तरह की बगावत है और एक मौका भी। उनकी यह बगावत सामाजिक पारंपरिक उम्मीदों और जिम्मेदारियों के खिलाफ है। वह शादी जैसी कमिटमेंट को नकार रहे हैं लेकिन शादी के सेलिब्रेशन को फील कर रहे हैं। उनके लिए फेक वेडिंग मौका है शादी ना करते हुए भी शादी के एंटरटेनमेंट को एंजॉय करने का।'

फेक वेडिंग करने वाले ज्यादातर कौन?

फेक वेडिंग के कॉन्सेप्ट को लेकर लोग बंटे दिख रहे हैं। कुछ लोग इसे नौटंकी बताते हैं तो कुछ लोग पैसों की बर्बादी। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके लिए फेक वेडिंग एक मौका है सेल्फ एक्सप्रेशन का। यह मौका है अपनी खुशी को सबसे आगे रखने का। आइए जानते हैं कि कौन से लोग सबसे ज्यादा फेक वेडिंग की तरफ अट्रैक्ट हो रहे हैं:

1. सिंगल्स: भारत में फेक वेडिंग का कॉन्सेप्ट उन सिंगल्स को ज्यादा आकर्षित कर रहा है जो शादी को सामाजिक और पारिवारिक दबाव मानते हैं। ये वो सिंगल्स हैं जो शादी नहीं करना चाहते लेकिन शादी के लुक और माहौल को एन्जॉय करना चाहते हैं।

2. LGBTQ+ कम्युनिटी: भारत में समलैंगिक शादियों को मान्यता नहीं है। समाज और बहुत से परिवार ऐसी शादियों को स्वीकार भी नहीं करते। ऐसे में एलजीबीटी कम्युनिटी के युवाओं के लिए फेक वेडिंग अपनी तरह से सेलिब्रेट करने का जबरदस्त जरिया है।

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समाज की रूढ़ीवादी सोच को ढेंगा भी दिखा रही है फेक वेडिंग (Photo Source: freepik)

3. सोशल मीडिया एडिक्ट्स: अपनी हर छोटी बड़ी खुशी सोशल मीडिया के लाइक्स और कमेंट्स में तलाशने वाले युवाओं के लिए भी फेक वेडिंग का कॉन्सेप्ट बिल्कुल मुफीद है। उनके रील्स और वीडियोज के लिए ये एक परफेक्ट सेटअप होता है।

फेक वेडिंग में क्या क्या होता है?

फेक वेडिंग्स में शादी तो होती नहीं है, फिर ऐसा क्या होता है कि लोग मोटा पैसा खर्च कर रहे हैं। कुछ लोग महंगे टिकट खरीद कर ऐसी फेक वेडिंग्स को अटेंड कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि फेक वेडिंग में क्या होता है:

1. फोटोशूट्स: फेक वेडिंग में मेहमान होते हैं और शादी के जोड़े में सजे दूल्हा दुल्हन भी। साथ ही मेहंदी, हल्दी, संगीत सब कुछ वैसे ही होता है जैसे असली शादी में होता है। हर फंक्शन में लोग फोटोशूट करवाते हैं जो अगले दिन उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर दिखते हैं।

2. थीम्स: फेक वेडिंग्स में भी डेस्टिनेशन वेडिंग से लेकर बिग फैट पंजाबी वेडिंग तक, हर थीम को रिक्रिएट किया जाता है। यहां लोग अपनी चाहत या फिर ट्रेंड के हिसाब से शादियों की थीम चुनते हैं।

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फेक वेडिंग्स में शादी भले नकली हो लेकिन धमाल असली होता है। (Photo Source: The Event Designer)

3. फेक मंडप: ऐसी वेडिंग्स में मंडप तो होता है लेकिन उसमें सात फेरे नहीं होते। ये लोग सात फेरों की जगह सेवेन स्टेप्स ऑफ सेल्फ लव लेते हैं।

4. एंटरटेनमेंट: ऐसी फेक वेडिंग्स में एंटरटेनमेंट बहुत हाई लेवल का होता है। दरअसल इन वेडिंग पार्टीज का मतलब ही जबरदस्त एंटरटेनमेंट होता है।

लोग क्यों कर रहे हैं फेक वेडिंग?

अब सवाल उठता है कि लोग ऐसी फेक वेडिंग पार्टीज की तरफ क्यों खिंचे जा रहे हैं। इसके बहुत से कारण हैं। ऐसे ट्रेंड में शामिल होने का हर किसी का अपना अलग मकसद है। आइए समझते हैं कि लोग फेक वेडिंग की तरफ इतने आकर्षित क्यों हो रहे हैं:

1. प्रेशर से मुक्ति: आज की जनरेशन के बहुत से युवा ऐसे हैं जिन्हें शादी वाला कमिटमेंट नहीं चाहिए। ये परिवार वालों से शादी की बातें और ताने सुन-सुनकर थक चुके हैं। ऐसे युवा अपनी फ्रस्टेशन फेक वेडिंग्स के जरिए खत्म कर रहे हैं।

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किन कारणों से फेक वेडिंग की तरफ आकर्षित हो रहे युवा (Photo: The Event Designer)

2. सेल्फ लव और सेलिब्रेशन: जेन जी समाज से पहले अपनी खुशी का सोचती है। उसके लिए सबसे आगे उसकी फ्रीडम और सेल्फ लव है। तो ऐसे में वो सोचते हैं कि शादी न सही लेकिन खुद के लिए शादी जैसा ही ग्रैंड सेलिब्रेशन तो होना ही चाहिए।

3. फन फैक्टर: भारत के बड़े शहरों में काम करने वाले युवाओं के लिए दोस्त और एंटरटेनमेंट सबसे बड़े पार्टनर हैं। ऐसे में वो फेक वेडिंग के जरिए दोस्तों के साथ शादी की पूरी मस्ती कर रहे हैं, वो भी बिना किसी असली जिम्मेदारी के।

फेक वेडिंग पर कितना आता है खर्च

आम शादियों की तरह ही फेक वेडिंग पार्टी पर भी आने वाला खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे कितना भव्य बनाना चाहते हैं। आमतौर पर ऐसी पार्टियों का बजट 50, 000 रुपये से शुरू होकर कई लाख तक पहुंच सकता है। इसमें वेन्यू डेकोरेशन, म्यूजिक डीजे, खाने-पीने का इंतजाम, ब्राइडल आउटफिट्स, दूल्हा-दुल्हन के कॉस्ट्यूम, एंट्री ड्रमर्स और फोटोशूट जैसी चीजें शामिल होती हैं।

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फेक वेडिंग पर अपने हिसाब से खर्च करने की सहूलियत (Photo: The Event Designer)

कुछ लोग घर पर ही सादे ढंग से फेक वेडिंग पार्टी करते हैं। यहां कम खर्च होता है। वहीं कुछ लोग किसी रिसॉर्ट या बैंक्वेट हॉल में बॉलीवुड स्टाइल से फेक वेडिंग करते हैं, जहां सिर्फ ब्राइडल लहंगे की ही कीमत लाखों में होती है।

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दिल्ली में कैसे अटेंड करें फेक वेडिंग पार्टी?

दिल्ली जैसे बड़े शहरों में कई इवेंट कंपनियां और बड़े-बड़े रेस्त्रां भी फेक वेडिंग्स ऑर्गेनाइज करवा रहे हैं। इनमें एंट्री फीस लगती है। शर्त होती है आफको वेडिंग आउटफिट में आना है। इन इवेंट्स की टिकट 1500 रुपये से 5000 रुपये प्रति व्यक्ति तक होती है।

मजाक, मस्ती या विद्रोह? क्या सोचता है समाज

सोशल मीडिया में आए दिन फेक वेडिंग पार्टी की तस्वीरें और रील्स वायरल होते रहते हैं। इन पोस्ट के कमेंट सेक्शन में जाकर लोगों के कमेंट पढ़ने से पता चलता है कि भारतीय समाज इस तरह के फेक वेडिंग कॉन्सेप्ट्स पर लेकर दो ध्रुवों में बंटा हुआ है। कुछ लोग मानते हैं कि यह कॉन्सेप्ट मजेदार है, लेकिन बहुत ज्यादा समय तक नहीं चलेगा। वहीं कुछ का मानना है कि यह ट्रेंड लंबे समय तक बना रहेगा।

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फेक वेडिंग का वायरल इन्वाइट (Photo: facebook)

कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सोचते हैं कि आज की जनरेशन भटक गयी है। उन्हें रास्ता दिखाने की जगह उन्हें और बिगाड़ा जा रहा है। ऐसे लोग मानते हैं कि फेक वेडिंग जैसी चीजें भारत में शादी के सांस्कृतिक महत्व का मजाक उड़ा रही हैं।

फेक वेडिंग ट्रेंड पर क्या है वेडिंग प्लानर्स की राय

द इवेंट डिजाइनर की निशिता अग्रवाल कहती हैं कि, 'आने वाले दिनों में फेक वेडिंग का ट्रेंड तेजी से बढ़ने वाला है। सोशल मीडिया के जरिए इसकी पॉपुलैरिटी बढ़ रही है। युवाओं को यह मौका दे रही हैं कि वह बिना किसी कमिटमेंट और फैमिली ड्रामे के शादी वाला माहौल जी सकते हैं। ऐसे में यह कॉन्सेप्ट लोगों को अपनी ओर और भी खींचेगा।'

लखनऊ में वेडिंग रिचुअल्स नाम से इवेंट कंपनी चलाने वाले भवदीप सिंह चड्ढा बताते हैं कि, 'पार्टी के इस ट्रेंड को बढ़ता देख लखनऊ जैसे शहरों में भी इवेंट कंपनियां अब 'फेक वेडिंग पैकेज' ऑफर करने लगी हैं। इसमें कपड़े, फोटोग्राफर, लोकेशन, डेकोरेशन सब कुछ शामिल होता है..बस दूल्हा-दुल्हन को शादी नहीं करनी होती।'

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दिल्ली की फेक वेडिंग में झूमते 'बाराती' (Photo: The Event Designer)

भारत में बहुत से लोगों को फेक वेडिंग का ये चलन भले ही थोड़ा अजीब लगे लेकिन ये आज की युवा पीढ़ी की भावनाओं और सोच का एक अलग आईना है। यहां हर किसी को अपनी लाइफ में सेलिब्रेशन और अपनेपन वाली फीलिंग चाहिए..चाहे वो असली रिश्तों से मिले या नकली शादी से। फेक वेडिंग का ये ट्रेंड समाज को ये बताने का एक जरिया है कि बारात में दूल्हा-दुल्हन का असली होना जरूरी नहीं है, जरूरी ये है कि सबके चेहरे पर मुस्कान हो और खुशी से झूमता माहौल हो। अब देखना होगा कि भारत जैसे देश में फेक वेडिंग जैसे ट्रेंड के और कितने रंग देखने को मिलते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंह author

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे ... और देखें

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