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One District, One Cuisine: नवाबों का ही नहीं कबाबों का शहर भी रहा है लखनऊ, अब 'आम' हुआ खास स्वाद

UP One District, One Cuisine List: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के पाक विरासत को पहचान देने के लिए सरकार ने 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन' योजना शुरू की है।

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यूपी के जिलों की पहचान बनें वहां के पकवान (AI Image)

UP One District, One Cuisine List: उत्तर प्रदेश अपने विविध स्वाद और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां हर कुछ किलोमीटर पर न सिर्फ भाषा बदलती है, बल्कि खाने का अंदाज और स्वाद भी बदल जाता है। कहीं नाश्ते में कचौड़ी-जलेबी की खुशबू मिलती है, तो कहीं शामें कबाब और बिरयानी के जायके से महकती हैं।

इसी खानपान विरासत को पहचान देने के लिए सरकार ने 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन One District One Cuisine' योजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य हर जिले के खास व्यंजन को नई पहचान और प्रोत्साहन देना है, ठीक उसी तरह जैसे 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट योजना ने स्थानीय उत्पादों को लोकप्रिय बनाया था।

हालांकि, जैसे ही इस योजना के तहत 208 पारंपरिक व्यंजनों की सूची सामने आई, खाने के शौकीनों के बीच बहस छिड़ गई। सबसे ज्यादा हैरानी लोगों को तब हुई जब लखनऊ की पहचान वाले व्यंजनों में मशहूर गलौटी कबाब का नाम शामिल नहीं था।

आम से बने पकवान बने लखनऊ की पहचान

दुनियाभर में लखनऊ को उसके नरम, खुशबूदार और मुंह में घुल जाने वाले गलौटी कबाब के लिए जाना जाता है। ऐसे में इस स्वादिष्ट और लोकप्रिय व्यंजन का सूची से बाहर होना लोगों को चौंकाने वाला लगा। सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर कई प्रतिक्रियाएं सामने आईं और लोगों ने इसे लखनऊ की पाक विरासत के साथ नाइंसाफी बताया।

वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन लिस्ट के मुताबिक लखनऊ की पहचान अब रेवड़ी,चाट, मलाई मक्खन और आम से बने व्यंजन हैं। मतलब ये कि अब लखनऊ का खास स्वाद आम हो चला है।

One District one Cuisine

अब यूपी के किसी जिले की पहचान वहां के नॉनवेज डिश से नहीं है

यहां बात लखनऊ के असल जायके की है तो ये बताना जरूरी हो जाता है कि लखनऊ दुनिया के सबसे स्वादिष्ट शहरों में शामिल है। जी हां, UNESCO ने लखनऊ को Creative City of Gastronomy का दर्जा दिया है। भारत में लखनऊ के अलावा ये दर्जा सिर्फ हैदराबाद के पास है।

कबाबों का शहर रहा है लखनऊ

लखनऊ हमेशा से अपने तरह-तरह के कबाब के स्वाद से लोगों को दीवाना बनाता रहा है। अगर आप इस शहर में जाएंगे तो आपको हर तरह के कबाब खाने को मिल जाएंगे। हालांकि पांच तरह के कबाब की तो पूरी दुनिया दीवानी है। लखनऊ की पहचान माने जाने वाले कबाबों में जो 5 सबसे खास हैं उनके नाम यूं हैं:

1. गलौटी कबाब

गलौटी कबाब को लखनऊ की सबसे मशहूर डिशों में गिना जाता है। कहा जाता है कि इसे ऐसे नवाब के लिए बनाया गया था जिनके दांत कमजोर थे, इसलिए यह इतना मुलायम बनाया गया कि मुंह में जाते ही घुल जाए। बारीक कीमा, पपीता और दर्जनों मसालों से तैयार यह कबाब अपने नाजुक स्वाद और खुशबू के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है।

2. काकोरी कबाब

काकोरी कबाब अवधी व्यंजनों की शाही पहचान माना जाता है। इसका नाम उत्तर प्रदेश के काकोरी कस्बे पर पड़ा। बेहद मुलायम कीमे में खास मसाले और मलाई मिलाकर इसे सीख पर पकाया जाता है। इसका स्वाद धुएं की हल्की खुशबू और रसीलेपन से भरपूर होता है। नाजुक बनावट और शाही अंदाज की वजह से यह कबाब दावतों की जान माना जाता है।

3. शामी कबाब

शामी कबाब मुगलई व्यंजनों की बेहद मशहूर डिश है। इसे कीमा, चने की दाल और खुशबूदार मसालों से तैयार किया जाता है। बाहर से हल्का कुरकुरा और अंदर से बेहद मुलायम यह कबाब मुंह में जाते ही घुल जाता है। इसे आमतौर पर हरी चटनी और प्याज के साथ परोसा जाता है। रमजान और दावतों में इसकी खास मांग रहती है।

4. बोटी कबाब

बोटी कबाब मसालेदार मांस के टुकड़ों से बनती है। इसे दही, मसालों और जड़ी-बूटियों में मेरिनेट करके तंदूर या ग्रिल पर पकाया जाता है। इसका धुएं वाला स्वाद और नरम बनावट इसे बेहद खास बनाते हैं। मुगलई और अवधी खाने में बोटी कबाब का अपना अलग ही स्वाद और शाही अंदाज है।

5. वेज कबाब

वेज कबाब शाकाहारी लोगों के लिए स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल है। इसे आलू, पनीर, हरी सब्जियों और मसालों से तैयार किया जाता है। बाहर से सुनहरा कुरकुरा और अंदर से नरम होता है। हरी चटनी के साथ इसका स्वाद और भी शानदार हो जाता है।

लखनऊ की पहचान से कबाबों के गायब होने पर सोशल मीडिया में विवाद भी छिड़ा। बात बढ़ी तो सरकार तक पहुंची। सरकार की तरफ से साफ किया गया कि ये लिस्ट अस्थायी है। समय और खाने वालों की रुचि के हिसाब से परिवर्तन होते रहेंगे।

कुल मिलाकर सवाल ये नहीं कि लिस्ट में क्या है। सवाल ये है कि उसमें क्या नहीं है। क्योंकि खाना सिर्फ पेट भरने की चीज नहीं होता। वो किसी शहर की पहचान होता है। किसी समाज की अभिमान होता है। और कई बार तो ना जाने कितने ही किस्से कहानियों और एहसासों का संगम भी होता है स्वाद। तो अब देखना ये होगा कि वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुज़ीन यूपी के स्वाद को नई पहचान देता है

या फिर ये बहस आने वाले दिनों में और तेज होने वाली है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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