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आज का सुविचार: प्रतिभा और अवसर पर क्या बोले थे डॉ. कलाम, इस Thought of the day से पाएं ऊंचा मुकाम

आज का सुविचार (Thought of the day): डॉ. कलाम की बातें हमारे लिए प्रेरणा भी हैं और मिसाल भी। देश के मिसाइल मैन ने एक बार प्रतिभा और अवसर पर अपने विचार रखे थे। आज के सुविचार की हमारी सीरीज में आज आप इसी के बारे में पढ़ेंगे। उनकी ये बात न सिर्फ आपका दिन बल्कि जीवन की दिशा भी बदलने की ताकत रखती है।

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आज का सुविचार: प्रतिभा और अवसर पर डॉ. कलाम क्या कहते थे

आज का सुविचार (Thought of the day): पूर्व राष्ट्रपति और देश के महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की बातें हौसले, प्रेरणा और उत्साह से भरी मिसाइल की तरह होती हैं। इनको आप भी जब भी पढ़ेंगे और सुनेंगे - आपको जीवन में आगे बढ़ने का जज्बा ही मिलेगा। एक बार उन्होंने प्रतिभा और अवसर पर अपनी बात रखी थी। अगर आप इसका अर्थ समझेंगे तो कभी हार कर नहीं बैठेंगे।

डॉ. कलाम ने कहा था - All of us do not have equal talent. But, all of us have an equal opportunity to develop our talents. यानी हम सभी में समान प्रतिभा नहीं होती, लेकिन अपनी प्रतिभा को विकसित करने का अवसर सभी को समान रूप से मिलता है।

उनका यह विचार बेशक जीवन की एक गहरी सच्चाई को उजागर करता है। अक्सर हम अपनी सीमाओं को अपनी कमजोरियों से जोड़ लेते हैं और यह मान बैठते हैं कि कुछ लोग जन्म से ही आगे बढ़ने के लिए बने होते हैं। लेकिन कलाम साहब का यह कथन हमें याद दिलाता है कि सफलता का रास्ता केवल जन्मजात प्रतिभा से नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास और सही दिशा में किए गए परिश्रम से बनता है।

हर व्यक्ति की क्षमताएं अलग-अलग होती हैं। कोई पढ़ाई में तेज होता है, तो कोई खेल, कला या तकनीक में आगे होता है। ऐसे में दूसरों से तुलना करने के बजाय यदि हम अपनी ताकत को पहचानकर इसे निखारने पर ध्यान देंगे तो असाधारण परिणाम पाएंगे। अवसर हर किसी के जीवन में आते हैं - कभी शिक्षक के रूप में, कभी एक किताब, एक अनुभव, या एक छोटी-सी जिम्मेदारी के रूप में। फर्क बस इतना है कि कौन उन अवसरों को पहचानकर मेहनत करता है और कौन उन्हें यूं ही गुजर जाने देता है।

डॉ. कलाम भी तो हैं इसी का उदाहरण

कलाम साहब स्वयं इसका जीवंत उदाहरण हैं। साधारण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को मेहनत, अनुशासन और सीखने की ललक से ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वे मानते थे कि असफलताएं अंत नहीं, बल्कि सीखने के पड़ाव हैं। जो व्यक्ति हर दिन थोड़ा बेहतर बनने का संकल्प लेता है, वही अपनी प्रतिभा को विकसित कर पाता है।

इसलिए, अपने भीतर यह विश्वास जगाइए कि आप भी आगे बढ़ सकते हैं। परिस्थितियां कैसी भी हों, सीखने की इच्छा और मेहनत करने का साहस आपको नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। याद रखिए- प्रतिभा भले अलग हो, लेकिन अवसर सबके लिए बराबर हैं। उन्हें अपनाना आपके हाथ में है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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