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इस सावन अपने बच्चों को सिखाएं भगवान शिव के ये 3 गुण, बेहतर इंसान बन कमाएंगे नाम

Sawan 2026: धार्मिक कथाओं में दवों के देव महादेव ऐसे आदर्श व्यक्तित्व भी हैं, जिनसे धैर्य, करुणा और आत्मसंयम जैसे जीवन कौशल सीखे जा सकते हैं।

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बच्चों में डालें शिव के ये 3 गुण

Lord Shiva Life Lessons to Kids: 30 जुलाई से सावन (Sawan 2026) शुरू हो रहा है। हिंदी संस्कृति में यह पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। लोग सावन में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं, कांवड़ यात्रा पर जाते हैं, मंदिरों में रुद्राभिषेक करते हैं। लोग पूरे परिवार के साथ इस पूरे महीने भोलेनाथ की अराधना करते हैं। इस सावन कुछ नया करें। हर मां-बाप अपने बच्चों को भगवान शिव के तीन ऐसे गुण जरूर सिखाएं उनके व्यक्तित्व को जीवनभर के लिए मजबूत बना दे। धार्मिक कथाओं में दवों के देव महादेव ऐसे आदर्श व्यक्तित्व भी हैं, जिनसे धैर्य, करुणा और आत्मसंयम जैसे जीवन कौशल सीखे जा सकते हैं।

1. क्रोध में फैसला ना करना

भगवान शिव को अकसर शांत और ध्यानमग्न मुद्रा में दिखाया जाता है। वे कठिन परिस्थितियों में भी पहले विचार करते हैं, फिर निर्णय लेते हैं। समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भी उन्होंने बिना घबराए अपने कंठ में धारण कर लिया, ताकि पूरी सृष्टि सुरक्षित रह सके।

मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि जो बच्चे अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना सीख जाते हैं, वे आगे चलकर बेहतर निर्णय लेने वाले और मानसिक रूप से अधिक मजबूत बनते हैं। इस सावन बच्चों को सिखाइए कि हर छोटी बात पर गुस्सा करना ताकत नहीं, बल्कि धैर्य रखना सबसे बड़ी शक्ति है।

2. हर किसी को सम्मान

भगवान शिव का परिवार अपने आप में विविधता का प्रतीक है। नंदी बैल, नाग, गण, भूत-प्रेत, देवता और साधारण जीव, सभी उनके प्रिय हैं। उनके दरबार में ऊंच-नीच या भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है।

बच्चों को समझाइए कि स्कूल में हर दोस्त, चाहे वह पढ़ाई में तेज हो या कमजोर, अमीर हो या गरीब, सम्मान का हकदार है। दूसरों को स्वीकार करना भी एक बड़ी सीख है।

3. जो है उसमें खुश रहना

भगवान शिव के पास न महल था, न धन दौलत। उनका वास कैलाश पर्वत पर था। शिव सिखाते हैं कि असली संतोष बाहर की चीजों में नहीं, मन की शांति में होता है। बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि खुश रहने के लिए हर इच्छा का पूरा होना जरूरी नहीं होता।

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पूजा से ज्यादा जरूरी हैं संस्कार

सावन केवल मंदिर जाने या बेलपत्र चढ़ाने का महीना नहीं है। यह अपने बच्चों को ऐसे संस्कार देने का अवसर भी है, जो उन्हें जीवनभर काम आएं। अगर इस महीने वे भगवान शिव से धैर्य, करुणा और सादगी सीख जाएं, तो यही सावन की सबसे बड़ी सीख होगी।

आखिरकार, भगवान शिव की सबसे बड़ी आराधना भी यही है कि उनके गुणों को अपने जीवन में उतारा जाए। तो इस सावन बच्चों के लिए कुछ खास प्लान करें। उन्हें शिव के संसार से कुछ बातें जरूर सिखाएं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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