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Real Camphor: शुद्ध कपूर की पहचान क्या होती है, कैसे करें असली और नकली भीमसेनी कपूर की पहचान, जानें ये तरीके

Shudh Kapoor kaise pahchanein: कपूर का पूजा के अलावा और भी कई कामों में प्रयोग में लाया जाता है। ये होम रेमेडीज में भी यूज होता है। हालांकि कई लोग शुद्ध भीमसेनी कपूर को परख नहीं पाते और धोखा खा जाते हैं। जानें असली भीमसेनी कपूर की क्या पहचान होती है और कैसे आप नकली कपूर को पहचान सकते हैं।

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असली-नकली कपूर की पहचान कैसे करें

Shudh Kapoor kaise pahchanein: भीमसेनी कपूर को हम पूजा में अक्सर प्रयोग करते हैं। लेकिन इसका यूज कई तरह के घरेलू उपचारों में भी होता है। भीमसेनी कपूर को बासर भी कहते हैं और इसे औषधीय गुणों से संपन्न माना जाता है। इसकी तासीर गर्म होती है और आकृत्ति नुकीली होती है। ये वात, पित्त, और कफ जैसे दोषों को संतुलित करने में मदद करता है।

धार्मिक दृष्टि से भी कपूर अहम है। इसका इस्तेमाल पूजा-हवन में किया जाता है। कोरोना का दौर लोग भूले नहीं हैं। उस समय कई लोग लौंग और कपूर की पोटली अपने पास रखते थे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आमतौर पर मिलने वाला कपूर नकली और सिंथेटिक होता है? ऐसे में भीमसेनी कपूर ही है जो खालिस कपूर के तौर पर अपना दबदबा बनाए हुए है।

भीमसेनी कपूर क्या होता है

भीमसेनी कपूर एक प्राकृतिक कपूर है, जो पेड़ से प्राप्त होता है। यह बड़े टुकड़ों में, अनियमित आकार का और थोड़ा भूरा या पीलापन होता है। इसकी सुगंध थोड़ी तीखी लेकिन बहुत शुद्ध होती है और जलाने पर यह पूरी तरह जल जाता है, कोई अवशेष नहीं छोड़ता। आयुर्वेदिक दवाओं में इसी प्राकृतिक कपूर का उपयोग किया जाता है।

भीमसेनी कपूर के क्या प्रयोग होते हैं

सुश्रुत संहिता में भीमसेनी कपूर को चक्षुष्य (नेत्रों के लिए सुखदायक) बताया गया है, जिसका उपयोग आंखों में शीतलता लाने या आंखों को आकर्षित बनाने के लिए किया जाता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो त्वचा में होने वाली जलन, खुजली और फटे पैरों के उपचार में मदद करते हैं।

चरक संहिता में बताया गया है कि भीमसेनी कपूर पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है, साथ ही यह भूख बढ़ाता है और पाचन से जुड़ी समस्या में भी उपयोगी है। यह कपूर सांस लेने में होने वाली तकलीफों को कम करने में मदद करता है और फेफड़ों के संक्रमण को ठीक करने में भी सहायक है।

भीमसेनी कपूर को डिफ्यूजर या कपूरदानी में जलाकर कमरे में सुगंध फैलाएं। इसी के साथ ही नारियल तेल में कपूर मिलाकर सिर की मालिश भी कर सकते हैं। कपूर की सुगंध कीड़े-मकोड़ों (मच्छर, कॉकरोच) को भगाने और हवा को शुद्ध करने में प्रभावी है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इसे जलाने से घर में खुशियां आती हैं और भाग्य तेज होता है। साथ ही, इसकी सुगंध मन को शांत करने और तनाव को कम करने में मदद करती है, जिससे एकाग्रता बढ़ती है। इनपुट - आईएएनएस

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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