Bal Diwas 2025: बच्चों के लिए हिंदी कविताएं
Short Hindi Poems for Kids: हर साल की तरह इस साल भी 14 नवंबर को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती (Nehru Birth Anniversary) के मौके पर बाल दिवास मनाया जा रहा है। यह खास दिन बच्चों के लिए समर्पित है। इस मौके पर बच्चों के अधिकारों, उनके सपनों और खुशियों का उत्सव मनाया जाता है। अपने बच्चों के लिए यह बाल दिवस आप कुछ खास बना सकते हैं। इस बार उन्हें हिंदी की कुछ खास कविताएं सुनाएं। ये छोटी कविताएं उन्हें जरूर पसंद आएंगी। बाल दिवस 2025 के लिए यहां देखिए बच्चों के लिए शॉर्ट हिंदी कविताएं:
1. दादाजी की मूंछें
दादाजी की मूंछें लम्बी,
इतनी लम्बी इतनी लम्बी
एक मूंछ जाती कोलकाता
एक मूंछ जाती है मुंबई
मूंछें दिन-दिन बढ़ती जातीं
देश विदेशों तक हो आतीं
दुनिया भर की सब मूंछों से
नमस्कार करके आ जातीं
आज रूस के रस्ते मूंछें
मिलने पहुंचीं चीन से
अगर नहीं विश्वास, देख लो
एक बड़ी दूरबीन से।
2. इब्न बतूता
इब्न बतूता पहन के जूता,
निकल पड़े तूफान में।
थोड़ी हवा नाक में घुस गई
थोड़ी घुस गई कान में।
कभी नाक को कभी कान को।
मलते इब्न बतूता,
इसी बीच में निकल पड़ा उनके पैरों का जूता।
उड़ते-उड़ते उनका जूता,
जा पहुंचा जापान में।
इब्न बतूता खड़े रह गए,
मोची की दुकान में।
3. हथिनी की शादी
हथिनी की शादी हाथी से,
होगी धूम धड़क्के से।
हथिनी आएगी तांगा से,
हाथी दादा इक्के से।
अच्छा वाला बैंड बुलाया,
जाएगा जापान से।
मेहमानों का स्वागत होगा,
ठेठ चाय और पान से।
दिल्ली से वरमालाएं ले,
चींटी आई रेल से।
सभी जानवर पंछी खुश हैं,
शादी के इस खेल से।
4. इतने मोटे
दूध पिया कप भर टिल्लू ने
थे मौसी के घर कुल्लू में
पीकर दूध हो गए मोटे
इतने मोटे- कितने मोटे?
घर के कमरे पड़ गए छोटे
रहने के भी पड़ गए टोटे
बुलडोज़र से घर गिरवाया
तब टिल्लू बाहर आ पाया।
5. छींक
लल्ला छींका, लल्ली छींकी,
छींके बल्ला कल्ला।
छींक रहा था सारा ही घर,
हुआ गली में हल्ला।
सुनकर हल्ला, मोहन सोहन,
टीना मीना भागे।
पीछे दौड़ी छींक जोर से,
ये चारों थे आगे।
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