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Sheetala Ashtami Bhog Oliya Recipe: शीतला अष्टमी के दिन चावल की ओलिया से लगाएं माता को भोग, यहां से नोट कर लें आसान रेसिपी

Sheetala Ashtami Bhog Chawal Oliya Recipe: देशभर में लोग शीतला अष्टमी मनाने की तैयारी कर रहे हैं। इस त्योहार में माता शीतला को चढ़ाने के लिए तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। खासतौर से इस दिन ओलिया जरूर बनती है। यहां से आप शीतला अष्टमी स्पेशल ओलिया की रेसिपी नोट कर सकते हैं।

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chawal ka oliya kaise banta hai

Sheetala Ashtami Bhog Chawal Oliya Recipe: हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी मनाई जाती है। इसे बसौड़ा के नाम से भी जानते हैं। इस खास दिन के लिए एक दिन पहले ही तरह-तरह के पकवान माता को भोग लगाने के लिए बन जाते हैं। असल में अष्टमी के दिन शीतला माता की पूजा के बाद चूल्हा नहीं जलाया जाता है। शीतला अष्टमी पर मीठी चावल यानी चावल की ओलिया बनाने का खास महत्व है। ये चावल और दही से बनने वाली रेसिपी है। यहां से आप चावल की ओलिया बनाना सीख सकते हैं। यहां पूरी रेसिपी हिंदी में मौजूद है।

ओलिया बनाने की सामग्री-

चावल की ओलिया बनाने के लिए आपको ज्यादा सामान नहीं चाहिए। यहां सामग्री की पूरी लिस्ट दी गई है-

1) उबले चावल

2) दही

3) चीनी

4) इलायची पाउडर

chawal dahi ki oliya recipe in hindi

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ओलिया बनाने की विधि-

चावल की ओलिया बनाने के लिए सबसे पहले कुकर को गैस पर चढ़ाएं। फिर इसमें चावल डालें और पानी भी डाल दें। अब दो से चार सीटी आने तक इसे धीमी आंच पर पकाएं। इसके बाद इस चावल को ठंडा होने के लिए रख दें। अब एक बर्तन में दही लें और इसे अच्छे से चम्मच से फेंट लें। अब इसी दही में चावल को डालें। आप चाहें तो इसे मिक्सी में भी फेंट सकते हैं। साथ ही इसमें चीनी और इलायची पाउडर भी डालें और अच्छे से मिक्स करें। आपकी ओलिया तैयार है। अब आप इसे माता को भोग लगाकर, फिर प्रसाद की तरह परिवार को खिला सकते हैं।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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