Sephora Kids Trend: पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया में एक ट्रेंड काफी बड़े पैमाने पर फॉलो किया जा रहा है। इस ट्रेंड का नाम है सेफोरा किड्स (Sephora Kids)। दरअसल सेफोरा किड्स नाम मिला है दो जुड़वा बहनों को। मुश्किल से 8 साल की इन बच्चियों के वीडियोज सोशल मीडिया में पिछले कुछ महीनों से धूम मचाए हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग इन्हें फॉलो कर रहे हैं। हालांकि बढ़ती लोकप्रियता के साथ ही जाने-अनजाने में एक खतरनाक प्रवृत्ति भी बढ़ रही है। आइए बारीकी से जानते हैं कि आखिर क्या है पूरा मामला।
क्या है सेफोरा (What Is Sephora)
सेफोरा एक फ्रेंच कंपनी है। यह कंपनी स्किन और ब्यूटी केयर प्रोडक्ट्स बनाती है। इस कंपनी की दुनिया भर में चेन मौजूद है। कंपनी के पर्सनल और केयर के करीब 340 ब्रांड्स हैं। महिलाओं और युवतियों के बीच यह ब्रांड काफी पॉपुलर है। बड़े-बड़े देशों के बड़े-बड़े मॉल्स में इस कंपनी के बड़े-बड़े शोरूम दिख जाएंगे।सेफोरा किड्स क्या है (Sephora Kids)
जैसा कि आप जान गए कि सेफोरा क्या है, अब सवाल उठता है कि ये सेफोरा किड्स कौन हैं। दरअसल अमेरिका में दो बहने हैं। दोनों जुड़वा हैं। दोनों की उम्र करीब 8 साल बताई जाती है। दोनों ही ब्यूटी और स्किन केयर प्रोडक्ट्स को लेकर बेहद जुनूनी हैं। ये दोनों न्यूयॉर्क के सेफोरा शो रूम में जाती हैं। वहां के ब्यूटी प्रोडक्ट ट्राई करती हैं। उसके वीडियोज बनाती हैं। वीडियो को सोशल मीडिया में शेयर करती हैं और लोगों को बताती हैं कि कौन सा प्रोडक्ट कैसा है और उसमें क्या खास है और क्या नहीं। सेफोरा प्रोडक्ट्स की सोशल मीडिया के जरिए ब्रांडिंग करने के कारण ही इन बच्चियों को सेफोरा किड्स नाम दिया गया है। यह नाम सोशल मीडिया की ही देन है।सेफोरा किड्स ट्रेंड क्या है (Sephora Kids Trend)
सोशल मीडिया में इन बच्चियों की बढ़ती पॉपुलैरिटी को देखते हुए दुनियाभर में बड़ी संख्या में बच्चे भी इसी रास्ते को अपनाते दिख रहे हैं। बच्चियां कॉस्मेटिक स्टोर्स में जाती हैं। वहां के प्रोडक्ट्स को ट्राई करके उसका रिव्यू देती हैं और सोशल मीडिया में लाइक्स और व्यूज की अपनी प्यास को शांत कर रही हैं। यह ट्रेंड काफी वायरल हो रहा है। हालांकि विशेषज्ञ इस ट्रेंड को खतरनाक बता रहे हैं।
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क्यों खतरनाक है सेफोरा किड्स ट्रेंड
डॉक्टर्स और स्किन स्पेशलिस्ट्स का कहना है कि यह ट्रेंड काफी चिंताजनक है। दरअसल बच्चियां अलग-अलग तरह के कॉस्मेटिक खुद पर ट्राई करती हैं और उसके बाद अपना अनुभव बताती हैं कि इसे इस्तेमाल करें या नहीं। ऐसा करने से एलर्जी, रैशेज से लेकर स्किन से जुड़ी कई बीमारियों की चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता है। सेफोरा किड्स अपने वीडियोज के लिए ऐसे-ऐसे प्रोडक्ट्स ट्राई करते हैं जो बच्चों के लिए होते भी नहीं हैं। ऐसा दावा खुद वो प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी भी करती है कि 12 साल से कम उम्र वाले ये प्रोडक्ट्स इस्तेमाल नहीं कर सकते।उदाहरण के तौर पर रेटिनॉल को ले लिजिए। रेटिनॉल एक तरह का विटामिन ए है जो बढ़ती उम्र के कारण चेहरे पर आ रही झुर्रियों को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। डॉक्टर्स साफ कहते हैं कि किसी भी सूरत में रेटिनॉल का इस्तेमाल बच्चों को नहीं करना चाहिए। ऐसा करना उनकी त्वचा के लिए बेहद खतरनाक हैं। रेटिनॉल को सिर्फ एक उदाहरण है, ऐसे ही ना जाने कितने प्रोडक्ट्स और केमिकल्स ये बच्चियां इस्तेमाल कर रही हैं जिसका इस्तेमाल उनके और उनके फॉलोवर्स के लिए बेहद नुकसानदायक है।

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क्या कहते हैं मनोवैज्ञानिक
बच्चे मेकअप की तरफ क्यों आकर्षित होते हैं? यह सवाल कई लोगों के मन में होगा। इस पर बाल मनोवैज्ञानिक डॉ. तमर कहाने कहते हैं कि बच्चे हमेशा अपने पापा या मम्मी ये घर के किसी बड़े की तरह बनना चाहता है। बच्चियां घर में भी मेकअप लगाकर खेल-खेल में इसलिए तैयार होती हैं क्योंकि उन्हें अपनी मम्मी की तरह बनना होता है। बच्ची मां को मेकअप करते देखती है और वहीं से सीखती है।कुछ बाल मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि पेरेंट्स को बच्चों में मेकअप के प्रति आकर्षण के प्रति सचेत रहना चाहिए। अगर बच्ची खेल में ही सही मेकअप करती है तो उसे तुरंत टोकें और बताएं कि बच्चों को ये सब नहीं करना चाहिए।

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स्कूलों में भी हालात चिंताजनक
केंद्रीय विद्यालय, जबलपुर में अध्यापक आलोक कुमार ने टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के साथ बात करते हुए बताया कि, 'यूं तो स्कूल में बच्चियां मेकअप करके नहीं आतीं। लेकिन उनका कहना है कि एनुअल फंक्शन या फेयरवेल पार्टियों में छात्राएं अकसर मेकअप में नजर आती हैं। यह रूझान चिंताजनक है। दरअसल इससे ये पता चलता है कि बच्चियां मेकअप के मोह में फंस चुकी हैं। इतनी कम उम्र में बच्चों का इस तरह से ब्यूटी प्रोडक्ट्स को लेकर मोह हैरान करने वाला है।' आलोक कुमार कहते हैं कि जिस तरह से स्कूल बच्चों को इस तरह के काम करने से मना करता है उसी तरह उनके माता-पिता को भी इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
बच्चों में कैसी बीमारियों का बढ़ रहा है चलन
डॉक्टरों के मुताबिक आज कल के टीनेजर्स में स्किन संबंधी समस्याएं खूब देखने को मिल रही हैं। इनमें से ज्यादातर कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल के कारण पनप रही है। एडल्ट्स के इस्तेमाल में आने वाले क्रीम पाउडर्स के इस्तेमाल से बच्चों की स्किन पर दाने, रैशेज, चकते, खुजली और एलर्जी जैसी समस्या आम हो रही है। डॉक्टर कहते हैं कि ना सिर्फ अनुपयुक्त कॉस्मेटिक्स के इस्तेमाल से स्किन खराब हो रही है बल्कि बहुत छोटी उम्र में कॉस्मेटिक्स का अधिक इस्तेमाल भी बच्चों को इस बीमारी में घसीट रहा है।
गाजियाबाद में संतोष मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ डर्मेटोलॉजिस्ट कुलदीप गौतम ने हमसे बात करते हुए इस पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि, बच्चों की स्किन काफी नाजुक और मुलायम होती है। इस उम्र में बच्चों की स्किन में वह बैरियर भी नहीं होते हैं, जो उन्हें खराब चीजों से बचा पाएं। इसलिए अगर वह मेकअप अप्लाई करते हैं तो वह डायरेक्ट उनकी स्किन के अंदर जा कर नुकसान कर सकता है। उन्होंने ने कहा कि बच्चों में स्किन को लेकर बढ़ रही समस्याओं में ऐसे कॉस्मेटिक्स के इस्तेमाल का भी बड़ा हाथ है।

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