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Samvidhan Shayari 2 line: अधिकारों की रोशनी है ये किताब..., 77वें गणतंत्र दिवस पर पढ़े संविधान पर शायरी हिंदी में

Republic Day Samvidhan Shayari (संविधान पर शायरी): तिरंगे की शान है जिसमें, वो हमारा संविधान है, हर मजहब, हर जाति का यहां, बराबर सम्मान है, जुटकर रहें हम सब, यही इसकी सबसे बड़ी बात है, संविधान की रोशनी, हर दिल को करती आबाद है- ऐसे ही बेहतरीन शायरियों से आज गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) पर संविधान को करें सलाम।

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संविधान पर शायरी (Photo: iStock)

Smavidhan Shayari in Hindi: करीब डेढ़ अरब की आबादी वाला भारत देश आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। साल 1950 में आज के ही दिन भारत ने अपना संविधान लागू किया था। डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को जो भारतीय संविधान लिखा उसे 26 जनवरी 1950 से अमल में लाया गया। यह संविधान हर हिंदुस्तानी को समानता का अधिकार देता है। आज गणतंत्र दिवस के खास मौके पर भारतीय संविधान को याद करना भी जरूरी है। आइए पढ़ते हैं संविधान पर शायरी हिंदी में:

1. हर किसी के हितों की रक्षा हो, ऐसा विधान है,

सबको जोड़कर रखे, ऐसा भारत का संविधान है।

2. आजादी मिली तो संग में, नियम भी साथ लाए,

अधिकारों की डोर थमाई, कर्तव्य भी समझाए।

ये धरोहर है देश की, इसे संभाल कर रखना है,

3. जो लिखता है किस्मत देश की, वो न्याय का विधान है,

हर गरीब की आशा है ये, हर व्यक्ति का अरमान है।

भरोसा रखिए इस व्यवस्था पर, ये सबसे बलवान है,

संविधान हम भारतीयों का प्यार भरा पैगाम है।

4. ये धरती है हमारी, और संविधान हमारा गर्व है,

कर्तव्यों का पालन करें, यही सबसे बड़ा पर्व है।

5. कल का सपना आज बुना है, इस पवित्र दस्तावेज में,

देश चले उन्नति के पथ पर, हर कदम के हर फेज में।

आइए मिलकर वादा करें, इसकी गरिमा बनाए रखेंगे,

संविधान लागू होने की खुशियां, मिलकर ही मनाएंगे।

6. अधिकारों की रोशनी है...ये संविधान की किताब,

हम सबको है प्यारा... ये हिंदुस्तान का ख्वाब।

7. नियमों की माला से गूंथा, हर अक्षर है अनमोल,

इसकी रक्षा का वचन लो, फिर बजाओ जश्न का ढोल।

गर्व है हमें भारतीय होने पर, गर्व है अपने संविधान पर।

8. जिन्होंने दिया अधिकार हमें, उस शिल्पकार को याद करें,

अंबेडकर जी की मेहनत को, हर पल फरियाद करें।

9. तिरंगे की शान है जिसमें, वो हमारा संविधान है,

हर मजहब, हर जाति का यहां, बराबर सम्मान है।

जुटकर रहें हम सब, यही इसकी सबसे बड़ी बात है,

संविधान की रोशनी, हर दिल को करती आबाद है।

10. जो लिखता है किस्मत देश की, वो न्याय का विधान है,

हर गरीब की आशा है ये, हर व्यक्ति का अरमान है।

बता दें कि हमारा संविधान केवल नियमों और कानूनों का संग्रह नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जीवंत प्रेरणा है। इसके निर्माण में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे और इस ऐतिहासिक कार्य में डॉ. भीमराव आंबेडकर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।

संविधान हमें समानता, न्याय और स्वतंत्रता के मूल्यों से जोड़ता है। यह सिखाता है कि मतभेदों के बावजूद कैसे हम एकजुट रहकर देश की प्रगति के लिए काम कर सकते हैं। साथ ही यह हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ नागरिक कर्तव्यों का भी बोध कराता है, ताकि हम जिम्मेदार और सजग नागरिक बन सकें।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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