वो कहते हैं ना कि प्यार की कोई उम्र नहीं होती। जब किसी पर दिल आ जाता है तो उम्र और मजहब मायने नहीं रखता है। लेकिन शादी की जब बात होती है तो कई पहलुओं को देखा जाता है। जिसमें लड़का-लड़की का एज गैप सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा लोगों का मानना है कि लड़का-लड़की के बीच एक निर्धारित एज गैप होना बेहद जरूरी है। अगर ऐसा ना हो तो दोनों के बीच मिसअंडरस्टैंडिंग काफी होती है। जो बाद में आगे चलकर रिश्ते में कड़वाहट की वजह बन जाता है जिससे तलाक के भी चांसेस बढ़ जाते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि शादी के लिए कपल्स के बीच कितना एज गैप होना चाहिए।
क्या कहता है भारतीय समाज
भारतीय समाज की बात करें तो ज्यादातर लोगों का ये मानना होता है कि पती की उम्र पत्नी से ज्यादा होनी चाहिए। मतलब पति उम्र में पत्नी से बड़ा होना चाहिए। लेकिन दोनों के बीच कितना एज गैप होना चाहिए। ये सबसे बड़ा सवाल है।
कितना होना चाहिए पति-पत्नी के बीच एज गैप
कुछ लोगों का मानना है कि पति-पत्नी के बीच ज्यादा एज गैप होना चाहिए तो कुछ का मानना है कि एज गैप कम होना चाहिए। लेकिन अटलांटा की यूनिवर्सिटी में हुई एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि पति-पत्नी के बीच पांच साल गैप होना चाहिए। ये परफेक्ट एज गैप माना जाता है। पांच साल के एज गैप वाले रिश्ते में तलाक की संभावना बहुत कम होती है। साथ ही कपल्स के बीच अंडरस्टैंडिंग भी कमाल की रहती है।
वहीं कुछ पति-पत्नी के बीच 10 साल का एज गैप देखने को मिलता है। रिसर्च में इतने एज गैप को सही नहीं बताया गया है। अगर पति-पत्नी के बीच 10 साल का एज गैप हो तो तलाक की संभावना 39% तक होती है। दोनों के बीच 20 साल का एज गैप होता है, तो तलाक की संभावना 95% तक बढ़ जाती है। ऐसे में इस बात से ये तो साफ हो गया है कि पति-पत्नी के बीच 5 साल का ही अंतर होना चाहिए।
