How to do take care of sick partner: रिश्ता चाहे दोस्ती का हो या फिर प्यार का, किसी भी रिश्ते की असली पहचान मुश्किल समय में ही होती है। कई बार हम अपने पार्टनर से प्यार तो जताते हैं, लेकिन जब उन्हें हमारी सबसे ज्यादा जरूरत होती है तब शायद सौ प्रतिशत खरे नहीं उतर पाते। होता ये है कि जब भी आपका पार्टनर किसी शारीरिक या मानसिक बीमारी से जूझ रहा होता है, तब उसे दवाइयों के साथ ही आपके इमोशनल सपोर्ट की भी जरूरत होती है। यहां हम आपको कुछ ऐसे टिप्स दे रहे हैं जिनपर ईमानजारी से अमल कर आप सामने वाले का सबसे मजबूत सहारा बन सकते हैं:
सलाह देने से ज्यादा सुनें
सबसे जरूरी है कि आप अपने पार्टनर को सुनें। बीमार इंसान अपनी तकलीफ, डर और चिंता किसी ऐसे इंसान से ही शेयर करना चाहता है, जो उसे बिना जज किए समझ सके। ऐसे में सलाह देने की जल्दी करने के बजाय उनकी भावनाओं को समझना ज्यादा जरूरी होता है।
हालात से घबराएं नहीं
बीमारी के दौरान धैर्य रखना भी बेहद अहम है। कई बार इलाज लंबा चलता है और व्यक्ति पहले जैसा व्यवहार नहीं कर पाता। वह चिड़चिड़ा हो सकता है या बार-बार निराश महसूस कर सकता है। ऐसा बिल्कुल नहीं करना है।
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डेली के काम में मदद करें
अपने साथी की रोजमर्रा की जरूरतों में मदद करना भी उन्हें राहत देता है। डॉक्टर के पास साथ जाना, दवाइयों का ध्यान रखना, घर के छोटे-मोटे कामों में हाथ बंटाना या उनके लिए पौष्टिक भोजन तैयार करना उन्हें यह एहसास दिलाता है कि वे इस मुश्किल दौर में अकेले नहीं हैं।
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उनके लिए खुद का भी रखें ध्यान
देखभाल करने वाले व्यक्ति के लिए अपनी सेहत का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है। अगर आप खुद थक जाएंगे या मानसिक रूप से परेशान हो जाएंगे, तो अपने साथी की ठीक से मदद नहीं कर पाएंगे। इसलिए समय-समय पर आराम करना, दोस्तों या परिवार से सहयोग लेना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सलाह लेना भी जरूरी है।
बीमारी से जुड़ी जानकारियां जुटाएं
पार्टनर की बीमारी से जुड़ी जानकारी जुटाना भी काफी मददगार साबित होता है। इससे आप बेहतर तरीके से समझ पाते हैं कि आपके साथी को किन चीजों की जरूरत है और किस तरह का व्यवहार उनके लिए फायदेमंद रहेगा। साथ ही, इलाज और दवाओं से जुड़े फैसलों में भी आप उनका बेहतर साथ दे सकते हैं।
पार्टनर संग कम ना हो प्यार
सबसे अहम बात यह है कि अपने साथी को यह महसूस कराएं कि उनकी बीमारी से आपके रिश्ते की अहमियत कम नहीं हुई है। छोटी-छोटी बातें, जैसे उनका हाल पूछना, उनके साथ समय बिताना या उनकी पसंद की कोई चीज करना, उन्हें मानसिक ताकत देती हैं।
हर रिश्ता अच्छे और बुरे दौर से गुजरता है। बीमारी का समय चुनौतीपूर्ण जरूर होता है, लेकिन प्यार, धैर्य और समझदारी के साथ इस दौर को भी पार किया जा सकता है। कई बार मुश्किल वक्त ही रिश्तों को पहले से ज्यादा मजबूत बना देता है।
