Samantha Ruth Prabhu Pregnancy Insomnia: प्रेग्नेंसी हर महिला के जीवन का बेहद खास दौर होता है, लेकिन इसके साथ शरीर और मन में कई बदलाव भी आते हैं। इन बदलावों की वजह से कई महिलाओं को रात में अच्छी नींद नहीं आती। मशहूर एक्ट्रेस सामंथा ने भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बताया कि इन दिनों उन्हें इंसोम्निया यानी अनिद्रा की समस्या हो रही है और रात में ठीक से नींद नहीं आ रही। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान यह परेशानी सिर्फ सामंथा तक सीमित नहीं है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, प्रेग्नेंसी में हार्मोनल बदलाव, बढ़ता पेट और मानसिक तनाव जैसी कई वजहों से नींद प्रभावित हो सकती है। आइए जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है और इससे राहत पाने के लिए क्या किया जा सकता है।
प्रेग्नेंसी में नींद क्यों प्रभावित होती है
गर्भावस्था के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन तेजी से बदलते हैं। यही बदलाव नींद के पैटर्न को भी प्रभावित करते हैं। जैसे-जैसे गर्भ आगे बढ़ता है, पेट का आकार बढ़ने लगता है, जिससे आरामदायक पोजिशन में सोना मुश्किल हो जाता है। कई महिलाओं को बार-बार पेशाब आने, कमर दर्द या पैरों में ऐंठन की वजह से भी रात में नींद टूटती रहती है।
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तनाव और भावनात्मक बदलाव भी बनते हैं वजह
प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले भावनात्मक बदलाव भी अनिद्रा का कारण बन सकते हैं। आने वाले बच्चे की चिंता, डिलीवरी को लेकर घबराहट या भविष्य की जिम्मेदारियों के बारे में सोचते रहना कई महिलाओं की नींद पर असर डालता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो थकान और चिड़चिड़ापन भी महसूस हो सकता है।
अच्छी नींद के लिए क्या करें
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्भवती महिलाओं को रोज एक तय समय पर सोने और उठने की आदत बनानी चाहिए। सोने से पहले मोबाइल या लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल करने से बचें। हल्का भोजन करें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की वॉक या प्रेग्नेंसी के लिए सुरक्षित एक्सरसाइज करें। बाईं करवट सोना भी कई महिलाओं के लिए अधिक आरामदायक माना जाता है और इससे शरीर में रक्त संचार बेहतर रहता है।
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कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है
अगर कई दिनों तक लगातार नींद नहीं आ रही है, दिनभर बहुत ज्यादा थकान रहती है या नींद की कमी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगी है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी नींद की दवा नहीं लेनी चाहिए। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर सुरक्षित उपाय या इलाज बता सकते हैं।
अनिद्रा को हल्के में न लें
प्रेग्नेंसी के दौरान कभी-कभी नींद का प्रभावित होना सामान्य माना जाता है, लेकिन लगातार अनिद्रा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अच्छी नींद मां और गर्भ में पल रहे शिशु, दोनों की सेहत के लिए जरूरी होती है। सही दिनचर्या, तनाव कम रखने की कोशिश और समय पर डॉक्टर की सलाह लेकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। सामंथा की तरह अगर किसी गर्भवती महिला को भी ऐसी परेशानी हो रही है, तो घबराने के बजाय सही जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे बेहतर कदम है।
