Periods Leave Rule: पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द, थकान और चिड़चिड़ापन सुनने में बहुत साधारण लग सकता है लेकिन असल में इस असहनीय पीड़ा के कारण चलने-फिरने, बैठने से लेकर कुछ खाने तक में भी बहुत दिक्कत हो सकती है। वहीं जब दर्द और कमजोरी के बीच बिना किसी राहत के ऑफिस का काम भी करना पड़े तो समस्या और बढ़ी हुई नजर आ सकती है।
कामकाजी महिलाओं को मासिक चक्र के दौरान पेड छुट्टियां मिलने की बात पर, विश्व भर में कई बार चर्चा हुई है। इन्हीं चर्चाओं और निरंतर प्रयासों के फल के रूप में पिछले कुछ सालों के अंदर कई नियम और निर्देश लागू किए गए हैं। हाल ही में स्पेन की संसद से भी इसी तरह की एक सकारात्मक खबर आई है। बता दें कि स्पेन के सांसदों ने पीरियड्स के दौरान महिलाओं को वैतनिक चिकित्सा अवकाश देने के कानून पर मुहर लगाई है।
पहला यूरोपीय देश
पेड मेंस्ट्रुअल लीव के मामले में स्पेन की संसद ने 16 फरवरी को अंतिम फैसला सुनाया है। कानून पास होते ही स्पेन यूरोप का पहला ऐसा देश बन गया है। जहां मासिक चक्र के दौरान महिलाओं को वैतनिक छुट्टी लेने का अधिकार होगा। स्पेन सरकार की ओर से जारी बयानों के अनुसार इस कानून के पक्ष में कुल 185 और विपक्ष में 154 मत थे। स्पेन से पहले जापान, इंडोनेशिया, जाम्बिया जैसे देशों में पीरियड्स की छुट्टी का प्रावधान था। स्पेन में हुए इस बड़े और सकारात्मक बदलाव को नारीवादी प्रगति के लिए ऐतिहासिक पल बताया जा रहा है।
ये होंगे नियम
पेड मैन्ट्रुअल लीव को लेकर स्पेन के इस नए कानून की सराहना हर जगह की जा रही है। हालांकि कानून का लाभ लेने वाली महिलाओं को निम्न पैमानों पर खरा उतरना अनिवार्य रहेगा। हाल ही में पारित हुए इस कानून के मुताबिक सरकार पीरियड्स वाली महिलाओं को एक महीने में केवल 3 से 5 दिन की वैतनिक छुट्टी लेने का ही अधिकार प्रदान करगी। छुट्टी की अर्जी तभी मंजूर की जाएगी, जब महिलाएं दफ्तर में डॉक्टर द्वारा जारी किया कोई वैध परामर्श या नोट प्रस्तुत करेंगी।
यहां भी मिलेगी सुविधा
कामकाजी महिलाओं को वैतनिक चिकित्सा अवकाश प्रदान करने के साथ साथ, इस कानून के अंतर्गत दफ्तर, जेल, कॉलेज, स्कूल, सोशल सेंटर और अन्य सार्वजनिक जगहों पर मेंस्ट्रुअल हाइजीन के लिए जरूरी उत्पाद मुफ्त में उपलब्ध करवाए जाएंगे।
पड़ सकता है उल्टा?
संसद में 185 मतों से पारित हुए इस कानून के फायदे होने के साथ साथ महिलाओं के हक में कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। विपक्षी दल का मानना है कि ये कानून महिला कर्मचारियों के पक्ष में उल्टा भी पड़ सकता है। अनुमान है कि, महिला कर्मचारियों को इस तरह की छुट्टियां देने से बचने के लिए, कंपनियां महिलाओं की भर्ती में कमी भी कर सकती है।
भारत में भी हुआ बड़ा फैसला
स्पेन के साथ साथ भारत में भी इस तरह के मुद्दों पर लगातार बहस चल रही है। पिछले महीने केरल के शिक्षा विभाग द्वारा छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान छुट्टी प्रदान करने का फैसला लिया गया था। हालांकि Paid Periods Leave की उम्मीद कर रहीं महिलाओं को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च अदालत ने पीरियड्स लीव को लेकर डाली गई PIL खारिज कर दी है।
