हर महिला के मन में उनकी पीरियड साइकिल शुरू होने से पहले और ये साइकिल खत्म होने बाद भी, कई बार यह सवाल आता है कि, क्या मैं प्रेग्नेंट हूं? खासकर तब, जब पीरियड खत्म होने के बाद शरीर में कुछ बदलाव महसूस होते हैं। प्रेग्नेंसी एक बहुत ही नेचुरल प्रोसेस है, लेकिन इसके शुरुआती संकेत या लक्षण कई बार इतने हल्के होते हैं कि उन्हें समझ पाना आसान नहीं होता।
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हर महिला की पीरियड साइकिल अलग होती है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि पीरियड के कितने दिन बाद प्रेग्नेंसी हो सकती है। कई धारणाओं के अनुसार, पीरियड के तुरंत बाद प्रेग्नेंसी संभव नहीं होती है। हालांकि सच तो यह है कि, ऐसा पूरी तरह सही नहीं है। शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, ओव्यूलेशन का समय और फर्टाइल विंडो, ये सभी चीजें प्रेगनेंट होने के चांसेस को प्रभावित करते हैं। हर महिला को यह जानकारी पता होनी ही चाहिए, नोट करें कि, आखिर पीरियड के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी होती है, पीरियड के बाद प्रेगनेंसी के लक्षण क्या होते हैं।
पीरियड के कितने दिन बाद प्रेग्नेंसी हो सकती है?
आमतौर पर महिलाओं में 28 दिनों के नियमित पीरियड साइकिल में ओव्यूलेशन 12वें से 16वें दिन के बीच होता है। पीरियड खत्म होने के लगभग 6–10 दिन बाद फर्टाइल विंडो शुरू हो सकती है। जिसके अनुसार इस समय में संबंध बनाने पर प्रेगनेंट होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। बता दें कि, स्पर्म महिला के शरीर में 3–5 दिन तक जीवित रह सकता है। ऐसे में पीरियड खत्म होने के तुरंत बाद भी अगर संबंध बनते हैं। तो स्पर्म ओव्यूलेशन तक जीवित रह सकता है और प्रेग्नेंसी संभव हो सकती है।

Early signs of pregnancy
पीरियड के बाद प्रेगनेंसी के लक्षण क्या है
1. पीरियड मिस होना
प्रेगनेंसी का सबसे पहला और बड़ा संकेत यही होता है कि आपका पीरियड समय पर नहीं आता। इसलिए अपनी पीरियड साइकिल और डेट्स को आपको हमेशा ही ट्रैक करना चाहिए।
2. हल्की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग
अगर आपको हल्की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग हो रही है, तो इसे इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग कहा जाता है। यह भी प्रेगनेंसी का ही एक शुरुआती संकेत माना जाता है। हालांकि इससे पूर्ण रूप से प्रेगनेंसी कन्फर्म नहीं की जा सकती है।
3. थकान और कमजोरी
प्रेगनेंसी में हार्मोनल बदलाव के कारण शरीर जल्दी थकने लगता है।
4. जी मिचलाना और उल्टी
अगर आपको रोज सुबह के समय जी मिचलाना या उल्टी आने की दिक्कत हो रही है। तो ये प्रेगनेंसी का लक्षण माना जा सकता है।

Pregnancy after period
5. स्तनों में बदलाव
प्रेगनेंसी के दौरान स्तनों में सूजन, दर्द या संवेदनशीलता बढ़ सकती है। अगर आप कुछ ऐसा महसुस कर रही हैं, तो ये प्रेगनेंसी का शुरुआती संकेत हो सकता है।
6. बार-बार पेशाब आना
शरीर में बदलाव के कारण पेशाब की जरूरत बढ़ जाती है।
7. मूड स्विंग्स
प्रेगनेंसी के दौरान कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। जिनके कारण अचानक मूड बदलना भी आम है।
प्रेगनेंसी टेस्ट कब करें
हर महिला का बॉडी टाइप अलग होता है। ऐसे में कई बार किन्हीं हार्मोनल बदलावों से भी पीरियड की डेट्स बदल सकती हैं। ऐसे में अगर आपका पीरियड मिस हो जाए, तो 5–7 दिन बाद प्रेग्नेंसी टेस्ट करना बेहतर रहता है। ताकि सही रिजल्ट मिल सके।
