बिजनेस

ENIL Q1 Results: पहली तिमाही में EBITDA में 42% का शानदार उछाल, लगातार मजबूत हो रहा डिजिटल बिजनेस

ENIL ने Q1FY27 के वित्तीय नतीजों में मजबूत डिजिटल ग्रोथ का दम दिखाया है। कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 42% बढ़कर ₹8.7 करोड़ पहुंच गया है। डिजिटल बिजनेस का रेवेन्यू 43.3% उछला है।

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ENIL रिजल्ट

ENIL Q1 results: भारत के नंबर 1 FM रेडियो चैनल 'रेडियो मिर्ची' और प्रमुख ऑडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म 'गाना' को चलाने वाली कंपनी 'एंटरटेनमेंट नेटवर्क (इंडिया) लिमिटेड' ने बुधवार को 30 जून, 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही के नतीजों की घोषणा की। कंपनी ने लगातार हो रहे मजबूत डिजिटल बिजनेस के बदौलत शानदार रेवन्यू ग्रोथ और मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, Q1FY27 के लिए कुल रेवेन्यू ₹113 करोड़ रहा, जिसमें घरेलू रेवेन्यू ₹111 करोड़ था। इस तिमाही में EBITDA 42% बढ़कर ₹8.7 करोड़ हो गया। यह कंपनी द्वारा लागत कम करने के लिए उठाए गए कई रणनीतिक कदमों के सफल क्रियान्वयन का परिणाम है।

चुनौतियों के बावजूद डिजिटल बिजनेस का मुनाफा बढ़ा

मैक्रो-इकोनॉमिक चुनौतियों के बावजूद, नॉन-डिजिटल बिजनेस की मुनाफे में सुधार हुआ है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान EBITDA में 7.4% तथा PAT में 85% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ENIL के डिजिटल बिजनेस में तेज ग्रोथ जारी रही और इसने पहली तिमाही में ₹31.1 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 43.3% ज्यादा है। अब यह कंपनी के कुल रेवेन्यू का 30.2% हो गया है, जबकि Q1FY26 में यह 23.0% था। इस ग्रोथ की मुख्य वजह Gaana पर यूजर्स की मजबूत संख्या और प्लेटफॉर्म पर कंज्यूमर एंगेजमेंट थी। खास बात यह है कि यह बेहतर दक्षता के साथ हासिल किया गया। डिजिटल बिजनेस में निवेश पिछले साल की इसी तिमाही के ₹9.8 करोड़ से घटकर ₹8.3 करोड़ रह गया।

रेडियो विज्ञापन पर दबाव बना रहा

इंडस्ट्री के सुस्त हालात और विज्ञापन को लेकर कमजोर धारणा के बीच रेडियो विज्ञापन पर दबाव बना रहा। Q1FY27 में इंटरनेशनल बिजनेस ₹3 करोड़ का था। 30 जून, 2026 तक ENIL की बैलेंस शीट मजबूत रही और कैश बैलेंस ₹389.7 करोड़ था।

डिजिटल बिजनेस ने मजबूत रफ्तार बनाए रखी: CEO

ENIL की शानदार नतीजों पर टिप्पणी करते हुए, कंपनी के CEO यतीश मेहरिशी ने कहा कि Q1FY27 में भी कामकाज का माहौल चुनौतीपूर्ण बना रहा। जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और विज्ञापन पर कम खर्च करने के कारण पारंपरिक मीडिया और इवेंट्स पर असर पड़ा। हालांकि, रेवेन्यू पर दबाव के बावजूद, हमारे कॉस्ट-ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के शुरुआती फायदों ने मौजूदा बिजनेस की प्रॉफिटेबिलिटी को मजबूत करने में मदद की। हमारे डिजिटल बिजनेस ने मजबूत रफ्तार बनाए रखी, जिसमें रेवेन्यू में 43% की बढ़ोतरी हुई और नुकसान कम होता रहा। हम लंबे समय तक बिजनेस ग्रोथ के लिए अपने रेवेन्यू पोर्टफोलियो में विविधता लाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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