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Netaji Subhash Chandra Bose Quotes: पराक्रम दिवस पर जानिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अनमोल विचार, जीवन को देंगे नई दिशा

  • Authored by: शिवम पांडे
  • Updated Jan 22, 2023, 10:15 PM IST

Netaji Subhash Chandra Bose Inspirational Quotes: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 23 जनवरी को जन्म जयंती है। इसे हर साल पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी का नाम सदैव गर्व से लिया जाएगा। पराक्रम दिवस के मौके पर आप नेताजी के अनमोल विचारों से प्रेरणा ले सकते हैं।

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Netaji Subhash Chandra Bose

KEY HIGHLIGHTS
  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जन्म जयंती है।
  • पराक्रम दिवस के रूप में मनाई जाता है नेताजी का जन्मदिन
  • नेताजी के अनमोल विचारों से आप भी प्रेरणा ले सकते हैं।

Netaji Subhash Chandra Bose Jayanti 2023, Parakram Diwas 2023 Quotes: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 23 जनवरी को जन्म जयंती है। साल 2021 से इस दिन को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। नेताजी ने आजाद हिंद फौज का नेतृत्व किया था। उन्होंने तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा और चलो दिल्ली जैसे नारे दिए थे। स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। आप इस मौके पर नेताजी के क्रांतिकारी और अनमोल विचारों से प्रेरणा ले सकते हैं।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म साल 1897 को उड़ीसा के कटक में एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम जानकीनाथ बोस और मां का नाम प्रभावती था। उनके पिता कटक के मशहूर वकील थे। नेताजी बचपन से ही पढ़ने-लिखने में काफी मेधावी थे। नेताजी ने इंपीरियल सिविल सर्विस (अब आईएएस) की परीक्षा पास की थी। हालांकि, देश सेवा की भावना से उन्होंने नौकरी छोड़ दी और स्वतंत्रता संग्राम में कूद गए। पराक्रम दिवस के मौके पर नेताजी के क्रांतिकारी विचारों और अनमोल वचन को पढ़कर आप भी प्रेरणा ले सकते हैं।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अनमोल विचार, Netaji Subhash Chandra Bose Quotes

  • 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।'
  • 'चलो दिल्ली'
  • 'याद रखिये सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है।'
  • 'इतिहास में कभी भी विचार -विमर्श से कोई ठोस परिवर्तन नहीं हासिल किया गया है।'
  • 'ये हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी स्वतंत्रता का मोल अपने खून से चुकाएं। हमें अपने बलिदान और परिश्रम से जो आजादी मिले, हमारे अंदर उसकी रक्षा करने की ताकत होनी चाहिए।'
  • 'आपको यदि अस्थाई रूप से झुकना पड़े तब भी वीरों की तरह ही झुके।'
  • 'मुझे ये देखकर बहुत दुःख होता है कि मनुष्य –जीवन पाकर भी उसका अर्थ समझ नहीं पाया है। यदि आप अपनी मंजिल पर ही पंहुच नहीं पाए, तो हमारें इस जीवन का क्या मतलब।'
  • 'राष्ट्रवाद मानव जाति के उच्चतम आदर्श सत्य, शिव और सुन्दर से प्रेरित है।'
  • 'मुझे यह नहीं मालूम की स्वतंत्रता के इस युद्ध में हममे से कौन कौन जीवित बचेंगे ! परन्तु में यह जानता हूं,अंत में विजय हमारी ही होगी!'
  • 'जीवन में प्रगति का आशय यह है की शंका संदेह उठते रहें और उनके समाधान के प्रयास का क्रम चलता रहे!'
दूसरे विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने आजाद हिंद फौज का नेतृत्व किया था। साल 1945 में जापान से रूस जाते वक्त ताइवान में प्लेन क्रेश में उनकी मौत हो गई थी।
शिवम पांडे
शिवम पांडेauthor

शिवम् पांडे सिनेमा के आलावा राजनीति, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सम्बन्धों में खास रुचि है। पत्रकारिता में लगभग सात साल का अनुभव रखने वाले शिवम् पांडे बॉलीवुड की बारीकियों को समझते हैं। उसे नए अंदाज में पेश करने का माद्दा रखते हैं।

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