Navratri Vrat Health Tips: नवरात्रि के व्रत में खानपान और दिनचर्या पूरी तरह बदल जाती है। कई लोग पूरे 9 दिन व्रत रखते हैं, जिससे शरीर पर अलग असर पड़ता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार सही तरीके से किया गया व्रत मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर कर सकता है, लेकिन अगर डाइट और रूटीन सही न हो तो ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर दोनों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। खासतौर पर डायबिटीज और बीपी के मरीजों के लिए थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में जरूरी है कि व्रत के दौरान कुछ ऐसे कार्यों को किया जाए, जिससे शुगर और बीपी कंट्रोल में रहें। आइए जानते हैं कि वे कौन से काम हैं, जिनसे बीपी और शुगर कंट्रोल में रहते हैं।
सिर्फ कार्ब्स पर निर्भर न रहें
नवरात्रि में साबूदाना, आलू और मीठे फल ज्यादा खाए जाते हैं, जो शरीर में तेजी से शुगर बढ़ाते हैं। रिसर्च बताती है कि अगर आप कार्ब्स के साथ प्रोटीन और फाइबर नहीं लेते, तो ब्लड शुगर जल्दी स्पाइक करता है। इसलिए व्रत में दही, मूंगफली, मखाना, पनीर जैसे फूड्स जरूर शामिल करें, ताकि शुगर धीरे-धीरे बढ़े और लंबे समय तक एनर्जी बनी रहे।
लंबे समय तक खाली पेट रहने से बचें
एकदम लंबे गैप के बाद खाना खाने से शुगर लेवल तेजी से ऊपर-नीचे हो सकता है। इससे चक्कर, कमजोरी और घबराहट जैसी दिक्कत हो सकती है। इसलिए पूरे दिन छोटे-छोटे अंतराल में फल, ड्राई फ्रूट्स या हल्का व्रत वाला खाना लेते रहें। इससे शुगर और बीपी दोनों स्थिर रहते हैं।
हाइड्रेशन बनाए रखना बहुत जरूरी
पानी कम पीने से डिहाइड्रेशन हो सकता है, जिससे बीपी लो या हाई हो सकता है और शुगर भी असंतुलित हो सकती है। इस कारण दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं। नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ जैसे ड्रिंक्स शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखते हैं और थकान भी कम करते हैं।
मीठे और ज्यादा तले हुए खाने से दूरी रखें
व्रत में मीठा और तला हुआ खाना ज्यादा खाया जाता है, जो शुगर और बीपी दोनों को बिगाड़ सकता है। हाई शुगर वाले फूड्स अचानक एनर्जी देते हैं, लेकिन थोड़ी देर बाद कमजोरी भी बढ़ाते हैं। इस कारण मीठा सीमित मात्रा में लें और तली हुई चीजों से जितना हो सके बचें।
पोर्शन कंट्रोल का ध्यान रखें
एक साथ ज्यादा खाना ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। इसलिए व्रत खोलते समय या दिन में खाने के दौरान मात्रा कम रखें। धीरे-धीरे और संतुलित मात्रा में खाना शुगर और बीपी को कंट्रोल में रखने में मदद करता है।
नींद और स्ट्रेस को नजरअंदाज न करें
व्रत के दौरान दिनचर्या बदलने से नींद कम हो जाती है और स्ट्रेस बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर BP और शुगर पर पड़ता है। इसलिए पर्याप्त नींद लें और खुद को शांत रखने की कोशिश करें। मेडिटेशन या प्रार्थना से मानसिक शांति मिलती है, जो बीपी कंट्रोल करने में भी मदद करती है।
फिजिकल एक्टिविटी हल्की रखें
पूरी तरह से एक्टिविटी बंद करने से भी शुगर बढ़ सकती है, जबकि ज्यादा मेहनत करने से कमजोरी आ सकती है। इस कारण हल्की वॉक या सामान्य गतिविधि बनाए रखें, ताकि शरीर एक्टिव रहे और शुगर लेवल संतुलित बना रहे। नवरात्रि का व्रत अगर समझदारी से किया जाए तो यह शरीर को डिटॉक्स करने और हेल्दी बनाने में मदद करता है। बस जरूरी है कि खानपान और दिनचर्या संतुलित रखें, ताकि पूरे व्रत के दौरान आपकी शुगर और BP दोनों कंट्रोल में रहें और आप एनर्जी के साथ इस पावन पर्व का आनंद ले सकें।
