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Marwari Thali: एक प्लेट में राजस्थान का सारा स्वाद, जानें मारवाड़ी थाली में क्या-क्या होता है

Marwari Thali: पूरी तरह शाकाहारी होने के बावजूद मारवाड़ी थाली अपने मसालेदार, चटपटे और घी से भरपूर व्यंजनों के लिए देश-दुनिया में मशहूर है। आइए जानते हैं कि पारंपरिक मारवाड़ी थाली में क्या-क्या होता है।

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राजस्थान की मारवाड़ी थाली में क्या-क्या होता है (istock)

Marwari Thali Items: जब भी राजस्थानी जायके का जिक्र छिड़ता है तो सबसे पहले नाम आता है वहां की स्वादिष्ट मारवाड़ी थाली का। मारवाड़ी थाली सिर्फ राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे भारतीय खानपान की सबसे समृद्ध और पारंपरिक थालियों में से एक मानी जाती है। रेतीले रेगिस्तान और सीमित सामान के साथ राजस्थान के मारवाड़ से निकली इस थाली में स्वाद, पोषण और विविधता का अनूठा संगम है।

पूरी तरह शाकाहारी होने के बावजूद मारवाड़ी थाली अपने मसालेदार, चटपटे और घी से भरपूर व्यंजनों के लिए देश-दुनिया में मशहूर है। आइए जानते हैं कि पारंपरिक मारवाड़ी थाली में क्या-क्या होता है:

दाल, बाटी और कढ़ी का स्वाद

मारवाड़ी थाली की शान राजस्थानी दाल-बाटी-चूरमा से है। घी में डूबी कुरकुरी बाटी, पंचमेल दाल और मीठे चूरमे का यह संगम स्वाद का एक अलग ही अनुभव देता है। इसके साथ गट्टे की सब्जी भी परोसी जाती है, जिसमें बेसन से बने गट्टों को दही और मसालों की गाढ़ी ग्रेवी में पकाया जाता है। वहीं मारवाड़ी कढ़ी अपने तीखे और खट्टे स्वाद के लिए जानी जाती है, जिसे बेसन और छाछ से तैयार किया जाता है।

रेगिस्तान के स्वाद से सजी सब्जियां

राजस्थान की पहचान मानी जाने वाली केर-सांगरी की सब्जी मारवाड़ी थाली का अहम हिस्सा है। रेगिस्तान में उगने वाले केर और सांगरी को मसालों के साथ पकाकर तैयार किया जाता है। इसके अलावा पापड़ की सब्जी, ग्वार फली, भरवा भिंडी और मसालेदार आलू की सब्जी भी थाली में रहती हैं।

देसी रोटियों की खुशबू

मारवाड़ी थाली में बाजरे की रोटी, मक्के की रोटी और मिस्सी रोटी की खास जगह है। ऊपर से घी या मक्खन लगाकर परोसी जाने वाली ये रोटियां खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा देती हैं। कई जगहों पर दाल की कचौड़ी या मसालेदार पूरी भी थाली का हिस्सा होती है।

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मिठास का भी खास इंतजाम

भोजन के अंत में मिठास के लिए चूरमा, जर्दा (मीठे चावल), मूंग दाल की खीर या गेहूं की खीर परोसी जाती है। केसर और सूखे मेवों के स्वाद से सजे इन मीठे व्यंजनों का स्वाद लंबे समय तक बना रहता है।

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चटनी, अचार और छाछ का संगम

मारवाड़ी भोजन की जान मानी जाती है लहसुन की तीखी चटनी, जो हर निवाले में अलग स्वाद घोल देती है। इसके साथ आम का अचार, बूंदी या खीरे का रायता, ताजा सलाद और जीरा-हींग के तड़के वाली ठंडी छाछ भी परोसी जाती है।

कुल मिलाकर एक मारवाड़ी थाली में ही राजस्थान की सारी संस्कृति, मेहमाननवाजी और पाक परंपरा एक साथ परोस दी जाती है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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